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Basti News: अधिवक्ता के चालक ने साथी के साथ लूट की वारदात को दिया था अंजाम
Sat, 16 Sep 2023 02:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 16 Sep 2023 02:15 AM IST
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बस्ती। दिनदहाड़े अधिवक्ता की पत्नी को बंधक बनाकर लूटपाट करने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। घटना का तानाबाना कुछ महीने पहले उनकी कार चलाने वाले ड्राइवर ने ही बुना था। अपने एक साथी के सहयोग से उसने घटना को अंजाम दिया।
एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कोतवाली पुलिस ने स्वाट व एसओजी टीम के सहयोग से दोनों बदमाशों को कोतवाली क्षेत्र के अमहट पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूट के गहने, 12250 रुपये नगद, दो मोबाइल फोन, घटना प्रयुक्त किए गए लोहे का सब्बल व बाइक बरामद कर लिया। घटना का खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया है। गिरफ्तार किए गए बदमाशों में नगर थानाक्षेत्र के महरीपुर निवासी रामदेव यादव उर्फ प्रिंस और पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के करमा निवासी राजेश शामिल है। गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उन दोनों ने 11 सितंबर को दोपहर दो बजे अधिवक्ता के घर में लूट करने गए थे।
वकील की पत्नी अकेली घर पर थीं। उनके विरोध करने पर दोनों ने मिलकर उनकी पत्नी को सब्बल से मारकर बाथरूम में बंद कर दिया था। जिसके बाद घर में रुपये और जेवरात लूट लिए थे। रुपये के बारे में दोनों ने बताया कि अधिवक्ता के घर से हम लोगों को लगभग 20 हजार रुपये मिले थे। जिसमें से करीब पौने आठ हजार रुपये हम लोग खाने पीने में खर्च कर दिए हैं। हालांकि पुलिस को दिए तहरीर में अधिवक्ता ने 60 हजार रुपये लूटे जाने जिक्र किया था। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी व सीओ सदर आलोक प्रसाद मौजूद रहे।
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सात महीने तक चलाया था अधिवक्ता की गाड़ी
गिरफ्तार किए गए रामदेव उर्फ प्रिंस ने बताया कि कुछ महीने पहले तक वह अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा की गाड़ी चलता था। उसने सात महीने तक उनकी गाड़ी चलाया था। रुपये के लेनदेन को लेकर उसने गाड़ी चलाना छोड़ दिया था। इस दौरान उसे पता था कि उनकी पत्नी चलने में असमर्थ रहती हैं। उसने बताया कि उसे यह भी जानकारी थी कि सुबह कचहरी जाने के बाद अधिवक्ता शाम को घर आते हैं। इसलिए मौका देखकर इस घटना को अंजाम दिया।
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पुरानी बस्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है राजू
- रामदेव यादव उर्फ प्रिंस पर कुल तीन केस दर्ज हैं। जिसमें 2008 में कोतवाली थाने में उस पर एक हत्या का केस दर्ज किया गया था। जिसके बाद उस पर नगर थाने की पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। जबकि राजेश उर्फ राजू पुरानी बस्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर कोतवाली और पुरानी बस्ती थाने में चोरी के छह, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, जाब्ता फौजदारी, हत्या का प्रयास, लूट के 11 और कप्तानगंज थाने में बिजली का मोटर चोरी का एक अन्य केस दर्ज है।
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ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत कैमरों से मिली कामयाबी
- एसपी ने बताया कि शहर में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस घटना का वर्कआउट करने में कामयाबी मिली। घटना स्थल से लेकर शहर के कई जगह लगे कैमरों में बाइक से आते-जाते दोनों बदमाशों का फुटेज मिल गया था। जिसके बाद इनकी कद-काठी से पहचान करने में सहूलियत मिली।
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10 दिन पहले अधिवक्ता से मिला था प्रिंस
- पुलिस के अनुसार घटना से करीब 10 दिन पहले प्रिंस अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा से कचहरी में मिला था। बताया जा रहा है कि वह अपना बकाया मांगने उनके पास गया था। रुपये न मिलने पर वह नाराज होकर वहां से लौट गया था। माना जा रहा है कि इसी झुंझलाहट में उसने लूटपाट करने का मन बनाया।
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यह थी घटना
- शहर के कोतवाली क्षेत्र के रौता पुलिस चौकी से महज 50 मीटर दूर स्थित अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा के घर में सोमवार को दोपहर गमछा बांधकर आए बदमाशों ने दिन दहाड़े लूटपाट की। उनकी पत्नी के विरोध करने पर बदमाशों ने सिर पर रॉड और उनके पेट में चाकू मारकर घायल कर दिया और हाथ-पैर बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया था। दो कमरों में रखी करीब 60 हजार रुपये नकदी, जेवरात लूटकर भाग गए। काफी देर बाद वह किसी तरह छज्जे पर निकलकर शोर मचाने लगीं। जिसके बाद आसपास के लोगों को जानकारी हुई। सूचना मिलने पर अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा घर पहुंचे। पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
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इस टीम को मिली कामयाबी
- प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विनय पाठक, एसओजी टीम प्रभारी गजेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी स्वाट टीम उमाशंकर तिवारी, प्रभारी सर्विलांस सेल शशिकांत, प्रभारी चौकी गांधीनगर राकेश मिश्रा, प्रभारी चौकी रोडवेज राहुल गुप्ता, कांस्टेबल मनीष यादव, गौरव कुमार, प्रभारी चौकी बड़ेबन शशिशेखर सिंह, प्रभारी चौकी रौता रमेश यादव, हेड कांस्टेबल ज्वाला सिंह, आरक्षी अमरीश प्रजापति, आरक्षी मनीष यादव, आरक्षी गौरव, हेड कांस्टेबल अनंत यादव, आरक्षी साजिद जमाल, गजेंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र निषाद, धर्मेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, धीरज यादव, अभिलाष सिंह व सुभेन्द्र तिवारी टीम में शामिल रहे।
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एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कोतवाली पुलिस ने स्वाट व एसओजी टीम के सहयोग से दोनों बदमाशों को कोतवाली क्षेत्र के अमहट पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूट के गहने, 12250 रुपये नगद, दो मोबाइल फोन, घटना प्रयुक्त किए गए लोहे का सब्बल व बाइक बरामद कर लिया। घटना का खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया है। गिरफ्तार किए गए बदमाशों में नगर थानाक्षेत्र के महरीपुर निवासी रामदेव यादव उर्फ प्रिंस और पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के करमा निवासी राजेश शामिल है। गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उन दोनों ने 11 सितंबर को दोपहर दो बजे अधिवक्ता के घर में लूट करने गए थे।
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वकील की पत्नी अकेली घर पर थीं। उनके विरोध करने पर दोनों ने मिलकर उनकी पत्नी को सब्बल से मारकर बाथरूम में बंद कर दिया था। जिसके बाद घर में रुपये और जेवरात लूट लिए थे। रुपये के बारे में दोनों ने बताया कि अधिवक्ता के घर से हम लोगों को लगभग 20 हजार रुपये मिले थे। जिसमें से करीब पौने आठ हजार रुपये हम लोग खाने पीने में खर्च कर दिए हैं। हालांकि पुलिस को दिए तहरीर में अधिवक्ता ने 60 हजार रुपये लूटे जाने जिक्र किया था। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी व सीओ सदर आलोक प्रसाद मौजूद रहे।
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सात महीने तक चलाया था अधिवक्ता की गाड़ी
गिरफ्तार किए गए रामदेव उर्फ प्रिंस ने बताया कि कुछ महीने पहले तक वह अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा की गाड़ी चलता था। उसने सात महीने तक उनकी गाड़ी चलाया था। रुपये के लेनदेन को लेकर उसने गाड़ी चलाना छोड़ दिया था। इस दौरान उसे पता था कि उनकी पत्नी चलने में असमर्थ रहती हैं। उसने बताया कि उसे यह भी जानकारी थी कि सुबह कचहरी जाने के बाद अधिवक्ता शाम को घर आते हैं। इसलिए मौका देखकर इस घटना को अंजाम दिया।
पुरानी बस्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है राजू
- रामदेव यादव उर्फ प्रिंस पर कुल तीन केस दर्ज हैं। जिसमें 2008 में कोतवाली थाने में उस पर एक हत्या का केस दर्ज किया गया था। जिसके बाद उस पर नगर थाने की पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी। जबकि राजेश उर्फ राजू पुरानी बस्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर कोतवाली और पुरानी बस्ती थाने में चोरी के छह, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, जाब्ता फौजदारी, हत्या का प्रयास, लूट के 11 और कप्तानगंज थाने में बिजली का मोटर चोरी का एक अन्य केस दर्ज है।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत कैमरों से मिली कामयाबी
- एसपी ने बताया कि शहर में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस घटना का वर्कआउट करने में कामयाबी मिली। घटना स्थल से लेकर शहर के कई जगह लगे कैमरों में बाइक से आते-जाते दोनों बदमाशों का फुटेज मिल गया था। जिसके बाद इनकी कद-काठी से पहचान करने में सहूलियत मिली।
10 दिन पहले अधिवक्ता से मिला था प्रिंस
- पुलिस के अनुसार घटना से करीब 10 दिन पहले प्रिंस अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा से कचहरी में मिला था। बताया जा रहा है कि वह अपना बकाया मांगने उनके पास गया था। रुपये न मिलने पर वह नाराज होकर वहां से लौट गया था। माना जा रहा है कि इसी झुंझलाहट में उसने लूटपाट करने का मन बनाया।
यह थी घटना
- शहर के कोतवाली क्षेत्र के रौता पुलिस चौकी से महज 50 मीटर दूर स्थित अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा के घर में सोमवार को दोपहर गमछा बांधकर आए बदमाशों ने दिन दहाड़े लूटपाट की। उनकी पत्नी के विरोध करने पर बदमाशों ने सिर पर रॉड और उनके पेट में चाकू मारकर घायल कर दिया और हाथ-पैर बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया था। दो कमरों में रखी करीब 60 हजार रुपये नकदी, जेवरात लूटकर भाग गए। काफी देर बाद वह किसी तरह छज्जे पर निकलकर शोर मचाने लगीं। जिसके बाद आसपास के लोगों को जानकारी हुई। सूचना मिलने पर अधिवक्ता सुरेंद्र मोहन वर्मा घर पहुंचे। पत्नी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
इस टीम को मिली कामयाबी
- प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विनय पाठक, एसओजी टीम प्रभारी गजेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी स्वाट टीम उमाशंकर तिवारी, प्रभारी सर्विलांस सेल शशिकांत, प्रभारी चौकी गांधीनगर राकेश मिश्रा, प्रभारी चौकी रोडवेज राहुल गुप्ता, कांस्टेबल मनीष यादव, गौरव कुमार, प्रभारी चौकी बड़ेबन शशिशेखर सिंह, प्रभारी चौकी रौता रमेश यादव, हेड कांस्टेबल ज्वाला सिंह, आरक्षी अमरीश प्रजापति, आरक्षी मनीष यादव, आरक्षी गौरव, हेड कांस्टेबल अनंत यादव, आरक्षी साजिद जमाल, गजेंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र निषाद, धर्मेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, धीरज यादव, अभिलाष सिंह व सुभेन्द्र तिवारी टीम में शामिल रहे।