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करंट की चपेट में आने से अधिवक्ता की मौत
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राजेश पांडेय। फाइल फोटो
- फोटो : BASTI
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करंट की चपेट में आने से अधिवक्ता की मौत
परशुरामपुर (बस्ती)। लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजेश पांडेय (50) की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। शनिवार को परशुरामपुर कस्बा स्थित आवास पर वह आए थे। रविवार सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर अंदर झांक कर देखा गया तो जमीन पर पड़े थे। शरीर से सटा हुआ विद्युत उपकरण पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया।
हर्रैया थानाक्षेत्र के गौहनिया निवासी राजेश पांडेय के पिता हरिहर पांडेय परशुरामपुर कस्बे में स्थित इंटर कॉलेज से शिक्षक थे। उनके दो बेटे राजेश व मनोज थे। मनोज पैतृक निवास गौहनियां में रहते हैं। जबकि राजेश हाईकोर्ट में वकालत करने लगे थे। परशुरामपुर बाजार में भी उनका मकान था। जहां प्रत्येक शनिवार शाम मकान की देखरेख के लिए आते थे। रविवार शाम लखनऊ चले जाते थे। मकान में रात के वक्त अकेले थे। सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर आसपास के लोग उन्हें जगाने गए तो उनका शव मिला।
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परशुरामपुर (बस्ती)। लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजेश पांडेय (50) की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। शनिवार को परशुरामपुर कस्बा स्थित आवास पर वह आए थे। रविवार सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर अंदर झांक कर देखा गया तो जमीन पर पड़े थे। शरीर से सटा हुआ विद्युत उपकरण पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया।
हर्रैया थानाक्षेत्र के गौहनिया निवासी राजेश पांडेय के पिता हरिहर पांडेय परशुरामपुर कस्बे में स्थित इंटर कॉलेज से शिक्षक थे। उनके दो बेटे राजेश व मनोज थे। मनोज पैतृक निवास गौहनियां में रहते हैं। जबकि राजेश हाईकोर्ट में वकालत करने लगे थे। परशुरामपुर बाजार में भी उनका मकान था। जहां प्रत्येक शनिवार शाम मकान की देखरेख के लिए आते थे। रविवार शाम लखनऊ चले जाते थे। मकान में रात के वक्त अकेले थे। सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर आसपास के लोग उन्हें जगाने गए तो उनका शव मिला।
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