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Basti News: सावधान, चायपत्ती में मिलावट... सस्ती के चक्कर में पी रहे केमिकल वाली घूंट

Fri, 24 May 2024 03:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 24 May 2024 03:21 AM IST
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Adulteration in tea leaves... people are drinking chemical laced sips in the name of cheapness
केमिकल युक्त खुली चायपत्ती से खराब हो जाएगा आप का लिवर
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अलग-अलग स्थानों से चायपत्ती के सात नमूने भेजे गए लैब
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चार यार मिल जाए तो चाय की चार घूंट चल ही जाती है, मगर सावधान रहिए। कहीं इस चुस्की के साथ आप केमिकल वाली चाय न घोंट रहे हो। हां सस्ती, ज्यादा कड़क और गहरे रंग की चाय में बड़ा खेल है। इसमें निकोटिन के साथ केमिकल भी मिला है। पूर्वांचल में नेपाल के सटे जिलों बहराइच और लखीमपुर खीरी से बड़ी मात्रा में बोरियों और प्लास्टिक की थैलियों में मिलावटी चायपत्ती आ रही है। चाय वाले दुकानदार और आम ग्राहक भी सस्ती के चक्कर में इसका जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसका कलर और स्वाद भी इतना कड़क लगता है कि असली को मात देती है। पहले प्रयोग में लाई जा चुकी और लाल रंग के केमिकल मिली यह चायपत्ती आपके लिवर ही नहीं, मल्टी आर्गन फेल्योर होने की वजह भी बन सकती है। सामान्य व्यवहार का हिस्सा बन चुकी चाय भी धंधेबाजों की वजह से जहरीली होती जा रही है। अपने घर में तो जांच परख कर ब्रांडेड चाय पत्ती इस्तेमाल करके आप बच भी सकते हैं, मगर दुकानों पर अधिकतर यही इस्तेमाल हो रही है।
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बस्ती में इस तरह की एक क्विंटल चायपत्ती पकड़े जाने के बाद से टी बोर्ड ऑफ इंडिया ने इसकी जांच के आदेश जारी किए हैं। शहर एवं ग्रामीण कस्बों के कुछ दुकानों पर इसकी जांच शुरू भी हो गई है। अलग-अलग जगहों से ब्रांडेड कंपनियों के तीन और खुली चायपत्ती के चार समेत कुल सात नमूने लिए गए हैं। बस्ती में प्रतिदिन करीब पांच से 10 लाख रुपये की चायपत्ती का कारोबार होता है। इसमें से करीब 40 प्रतिशत चायपत्ती खुले में बिकती हैं। इस खुली चायपत्ती में ही मिलावट होती है।
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धंधे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मिलावटी चायपत्ती के तार बहराइच और लखीमपुर खीरी से जुड़े हैं। इसकी बिक्री करने वाले शहर में बाइक से आते हैं और दुकानों पर जाकर पॉलिथीन या डिब्बे में चायपत्ती बेचकर चले जाते हैं। केमिकल युक्त इस चायपत्ती का स्वाद कड़क होता है। साथ ही कीमत भी बाजार से आधी होती है। बाजार में ब्रांडेड कंपनियों की चायपत्ती के दाम 280 से 500 रुपये किलो है, जबकि खुली चायपत्ती 100 से 280 रुपये किलो तक मिल जा रही है। यदि मिलावटी चायपत्ती होगी तो 70-80 रुपये किलो मिल जाएगी। एक सप्ताह पहले सोनहा थाना क्षेत्र के परसा कुतुब में कारोबारी मो. शहजाद के यहां खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी की। एसीएफ खाद्य सुरक्षा बस्ती मंडल वीके पांडेय के नेतृत्व में एक किलो, 100 एवं 200 ग्राम के पैक में एक क्विटंल से ज्यादा चायपत्ती सीज की गई है। टीम के अनुसार चायपत्ती में हानिकारक केमिकल के इस्तेमाल किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद ही आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ ने 17 मई को पत्र जारी कर पूरे प्रदेश में चायपत्ती की जांच का आदेश दिया है।
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स्थानीय स्तर पर भी चायपत्ती निर्माण का कारोबार
लखीमपुर, बहराइच के अलावा चायपत्ती निर्माण का कारोबार यहां भी चटख है। पुरानी बस्ती एवं पुराना डाकखाना क्षेत्र के कुछ ठिकानों पर केमिकलयुक्त चायपत्ती का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसकी खेप स्थानीय बाजार के अलावा हर्रैया, रुधौली, बनकटी, महुली एवं अन्य छोटे कस्बों के चाय की दुकानों पर पहुंचाई जा रही है। हालांकि यह कारोबारी अभी विभाग की पकड़ से दूर है। जानकार बताते हैं चायपत्ती में मिलाए जाने वाले केमिकल कानपुर, दिल्ली से मंगाए जाते हैं।
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व्यापारी बोले
बाजार में मिलावटी चायपत्ती नहीं बेची जाती है। कुछ धंधेबाजों के कारण व्यापारी बदनाम हो रहे हैं। खुली चायपत्ती पैकेट वाली से सस्ती होती है। ग्राहक उसकी गुणवत्ता परख कर ही खरीदें।
-देवेंद्र पटवा, किराना व्यापारी
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ग्राहक पैकेट वाली चायपत्ती अधिक खरीद रहे हैं। हम लोगों ने मिलावट के नाते खुली चायपत्ती बेचनी छोड़ दी है। पांच से 10 रुपये के पैक में भी ब्रांडेड चायपत्ती मिल रही हैं। घरों में खुली चायपत्ती कम जा रही है।
-राधेश्याम गुप्ता, व्यापारी
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मिलावटी चायपत्ती से लाल हो जाएगा पानी का रंग
खाद्य सुरक्षा अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि मिलावटी चायपत्ती में छोटे-छोटे हल्के लाल रंग के कण दिखाई देते हैं। इस चायपत्ती को पानी में डालेंगे तो रंग लाल हो जाएगा। जबकि असली चायपत्ती को पानी में डालेंगे तो रंग नहीं बदलेगा। टी बोर्ड ऑफ इंडिया ने मिलावटी चायपत्ती के मामले में एडवाइजरी जारी की है। बताया गया है कि सिंथेटिक कलर और केमिकल वाली चाय पीने से कैंसर एवं मल्टीपल आर्गन फेल्योर सहित अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
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कोट

चायपत्ती में सिंथेटिक कलर और केमिकल होगा तो वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा। लैब में जांच के बाद जब केमिकल कंपोजिशन की रिपोर्ट आएगी तब पता चलेगा कि वह शरीर के किस अंग को नुकसान पहुंचाएगा।

-डॉ. रामजी सोनी, जिला अस्पताल
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कोट
मिलावटी चायपत्ती की धरपकड़ तेज कर दी गई है। सोनहा क्षेत्र से एक क्विंटल चायपत्ती सीज की गई है। इसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ेगी। अन्य जगहों से भी नमूने लिए गए हैं। कुछ जगहों पर चायपत्ती निर्माण किए जाने की जानकारी हुई है। छापा मारने की तैयारी चल रही है।
-धर्मराज मिश्र, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा
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