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Basti News: एडीजे प्रथम ने तलब की रिहाई के लिए बंदियों की सूची
Fri, 01 Mar 2024 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 01 Mar 2024 12:23 AM IST
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जिला कारागार का जजों ने किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना के निर्देश पर अपर जिला जज प्रथम शिव चंद एवं अपर जिला जज/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रजनीश कुमार मिश्र ने बृहस्पतिवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान एडीजे प्रथम ने संपूर्ण रिहाई के लिए पात्र बंदियों की सूची तलब की है।
इस दौरान पाकशाला, लीगल एंड क्लीनिक, महिला बैरक, जेल अस्पताल, जुवेनाइल सेल का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दोष सिद्ध बंदी जो अपनी सजा काट चुके हैं, लेकिन अर्थदंड जमा न कर पाने के कारण निरूद्ध है, उन्हें डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति के प्रयास से जेल से रिहा किया जा सकता है। उन्होंने बंदियों को बताया कि इसी तरह से सजा काट रहे एक सिद्ध दोष बंदी की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रिपोर्ट करने पर डीएम के आदेश पर संबंधित न्यायालय में अर्थदंड जमा कर रिहा किया गया है।
उन्होंने ऐसे बंदी जो अपराध के समय किशोर थे, उनसे प्रार्थनापत्र लेकर अधीक्षक जिला कारागार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित करने के निर्देश दिए। भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने के भी निर्देश दिए। कहा कि कि ऐसे बंदी जिनके पास अधिवक्ता नहीं है, उन्हें निशुल्क विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा सकता है। जिनकी जमानत हो चुकी है, लेकिन किन्हीं कारणों से जमानतदार दाखिल नहीं कर पा रहे, ऐसे लोगों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद न्यायाधीश कुलदीप सक्सेना के निर्देश पर अपर जिला जज प्रथम शिव चंद एवं अपर जिला जज/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रजनीश कुमार मिश्र ने बृहस्पतिवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान एडीजे प्रथम ने संपूर्ण रिहाई के लिए पात्र बंदियों की सूची तलब की है।
इस दौरान पाकशाला, लीगल एंड क्लीनिक, महिला बैरक, जेल अस्पताल, जुवेनाइल सेल का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दोष सिद्ध बंदी जो अपनी सजा काट चुके हैं, लेकिन अर्थदंड जमा न कर पाने के कारण निरूद्ध है, उन्हें डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति के प्रयास से जेल से रिहा किया जा सकता है। उन्होंने बंदियों को बताया कि इसी तरह से सजा काट रहे एक सिद्ध दोष बंदी की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रिपोर्ट करने पर डीएम के आदेश पर संबंधित न्यायालय में अर्थदंड जमा कर रिहा किया गया है।
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उन्होंने ऐसे बंदी जो अपराध के समय किशोर थे, उनसे प्रार्थनापत्र लेकर अधीक्षक जिला कारागार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित करने के निर्देश दिए। भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने के भी निर्देश दिए। कहा कि कि ऐसे बंदी जिनके पास अधिवक्ता नहीं है, उन्हें निशुल्क विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा सकता है। जिनकी जमानत हो चुकी है, लेकिन किन्हीं कारणों से जमानतदार दाखिल नहीं कर पा रहे, ऐसे लोगों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए।
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