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Basti News: लुंबिनी-दुद्धी हाईवे पर आए दिन हो रहे हादसे... सुरक्षा के इंतजाम नहीं

Sun, 22 Dec 2024 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 22 Dec 2024 12:15 AM IST
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Accidents are happening every day on Lumbini-Duddhi Highway... No security arrangements
लुंबिनी दुद्धी हाईवे के किनारे सड़क पर ही कर लिए कब्जा 
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। लुंबिनी-दुद्धी हाईवे तैयार तो हुआ। मगर, सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। छह साल पहले सिर्फ टू-लेन सड़क बनाकर छोड़ दी गई। जनपद सीमा मेंं 55 किमी लंबी इस सड़क पर कस्बों, चौराहों एवं गांवों के संपर्क मार्गों पर सूचकांक बोर्ड या संकेतक नहीं लगाए गए हैं। डिवाइडरों पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। जंगली जानवरों की भी आवाजाही सड़क के बीचोबीच से हो रही है। ऐसे में सड़क पार करते समय या अचानक संपर्क मार्ग से सड़क पर आने के दौरान कोई न कोई बड़ा हादसा हो रहा है।
लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर खतरा बढ़ गया है। जिले के आधा दर्जन विकास खंड क्षेत्र, दो तहसील तथा जिला और मंडल मुख्यालय को जोड़ने वाली इस सड़क पर आवागमन की हलचल हर समय रहती है। टू-लेन सड़क बनने से वाहनों की रफ्तार भी 60 से बढ़कर 80 से 100 किमी प्रति घंटे पहुंच गई है। कस्बों, चौराहों, गांवों के संपर्क मार्ग के पास सड़क सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। खुद ही बचाव करके न चले तो पलक झपकते ही लोग हादसे का शिकार हो जा रहे हैं। फुटहिया से कलवारी तक 16 किमी की दूरी में यह सड़क डेंजर जोन बन चुकी है। यहां अक्सर हादसा होता रहता है। बेलाड़ी सर्विस रोड के पास संकेतक नहीं है। यहां फ्लाईओवर है। लाइट की भी व्यवस्था नहीं है। धेरे में लोग सर्विस लेन पर मुड़ने के बजाय हाईवे पर बढ़ जा रहे हैं। बाद में गाड़ी मोड़ने आदि के चक्कर में दुर्घटना का शिकार बन रहे हैं। खुटहन चौराहे के पास भी संकेतक, ब्रेकर नहीं है। इससे अचानक लोग संपर्क मार्ग की ओर मुड़ जा रहे हैं।
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इस बीच तेज रफ्तार से चल रहे वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। पोखरनी, बेईली, एक्सड़ा, करहली आदि मोड़ के पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। मुख्यालय पार करने के बाद मनौरी से रुधौली के बीच यह सड़क जानलेवा बन गई है। यहां रात में जंगली जानवरों की सड़क पार करने की होड़ रहती है। अंधेरे में यह दिखाई नहीं देते हैं। वाहन की रोशनी में दिखते ही चालक अनियंत्रित हो जा रहे हैं।
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इन जानवरों को बचाने के चक्कर में लोग दुर्घटना के शिकार बन रहे हैं। अक्सर कोई न कोई जानवर भी भारी वाहनों की चपेट में आकर मृत अवस्था में सड़क पर पड़ा मिल रहा है। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो इस मार्ग पर छह माह के भीतर सबसे ज्यादा मौत हो चुकी है। अनुमान के तौर पर 20 लोगों की जान जा चुकी है। 30 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। कलवारी में दो हाईवे की क्रॉसिंग, फ्लाईओवर भी नहीं ःइस मार्ग पर कलवारी चौराहा सबसे संवेदनशील है। यहां लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर रामजानकी मार्ग की क्रॉसिंग है। इस वजह से आवागमन का दबाव ज्यादा रहता है। बावजूद इसके दोनों हाईवे अर्थारिटी में से किसी ने भी फ्लाईओवर या अंडरपास का निर्माण नहीं किया है। जबकि सड़क को पार करते वक्त कई बार हादसे हो चुके हैं।
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