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बिजली से झुलसी किशोरी, इलाज के दौरान मौत
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बिजली से झुलसी किशोरी, इलाज के दौरान मौत
- छावनी क्षेत्र के मलौली गोसाईं गांव में 22 अक्तूबर को हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के मलौली गोसाईं गांव के केवटहिया पुरवा में बीते 22 अक्तूबर को हाइटेंशन तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसी 16 वर्षीय रेशमा निषाद की लखनऊ मेडिकल कालेज में शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर गांव पहुंचे।
22 को सुबह पड़ोसी के छत पर धान सुखाने के लिए गई रेश्मा छत के ऊपर से गुजरे हाइटेंशन तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थी। शार्ट सर्किट होने से हाइटेंशन तार भी टूटकर उस पर गिर पड़ा था। पड़ोस के लोगों ने तत्काल विद्युत निगम को सूचित कर लाइन कटवाई और मौजूद ग्रामीणों ने सूखे बांस की मदद से झुलसी रेशमा को छत से नीचे उतारा और तत्काल स्थानीय सीएचसी विक्रमजोत पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय अयोध्या रेफर कर दिया था। स्थानीयग्रामीणों की माने तो रेश्मा के पिता सूरज भूमिहीन और गरीब हैं, दुर्घटना के बाद कोई सरकारी मुलाजिम घर तक नहीं गया। गांव वाले ही आर्थिक सहयोग कर लखनऊ में इलाज करवा रहे थे। किशोरी की मौत की सूचना पर पहुंचे समाजसेवी चंद्रमणि पांडेय ने पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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- छावनी क्षेत्र के मलौली गोसाईं गांव में 22 अक्तूबर को हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के मलौली गोसाईं गांव के केवटहिया पुरवा में बीते 22 अक्तूबर को हाइटेंशन तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसी 16 वर्षीय रेशमा निषाद की लखनऊ मेडिकल कालेज में शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर गांव पहुंचे।
22 को सुबह पड़ोसी के छत पर धान सुखाने के लिए गई रेश्मा छत के ऊपर से गुजरे हाइटेंशन तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थी। शार्ट सर्किट होने से हाइटेंशन तार भी टूटकर उस पर गिर पड़ा था। पड़ोस के लोगों ने तत्काल विद्युत निगम को सूचित कर लाइन कटवाई और मौजूद ग्रामीणों ने सूखे बांस की मदद से झुलसी रेशमा को छत से नीचे उतारा और तत्काल स्थानीय सीएचसी विक्रमजोत पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय अयोध्या रेफर कर दिया था। स्थानीयग्रामीणों की माने तो रेश्मा के पिता सूरज भूमिहीन और गरीब हैं, दुर्घटना के बाद कोई सरकारी मुलाजिम घर तक नहीं गया। गांव वाले ही आर्थिक सहयोग कर लखनऊ में इलाज करवा रहे थे। किशोरी की मौत की सूचना पर पहुंचे समाजसेवी चंद्रमणि पांडेय ने पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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