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Basti News: शहर में बसेगी व्यवस्थित कॉलोनी... ले-आउट पर बीडीए ने शुरू की तैयारी

Thu, 22 Aug 2024 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 22 Aug 2024 01:25 AM IST
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A systematic colony will be established in the city...BDA started preparations on the layout.
पार्क, रास्ता के साथ प्लाट की होगी डिजाइनिंग, महानगरों की तरह दिखेगी नई कॉलोनी
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एक ब्लॉक में तैयार होंगे 8 से 9 प्लाट, 30 फीट चौड़ी राह पर बनेंगे नए घर-मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बीडीए की चली तो शहरी क्षेत्र में नए घर-मकान व्यवस्थित रूप से बनेंगे। सामने 30 फीट चौड़ी सड़क होगी। जलनिकासी के लिए डेढ़ फीट चौड़ी नाली, विद्युत पोल के लिए अलग से जगह भी होगी। जिस ब्लॉक में मकान होगा वहीं मन बहलाने के लिए पार्क की व्यवस्था रहेगी। यह सब तब होगा जब बीडीए एक्ट के अनुसार बिकने वाली जमीनों की ले-आउटिंग की जाएगी। इसके लिए बीडीए ने तैयारी शुरू कर दी है।
महायोजना-2031 लागू होने के बाद शहर का दृश्य बदले जाने की कवायद शुरू हो गई है। पुरानी आबादी वाले क्षेत्र में बहुत सुधार की गुंजाइश नहीं रह गई है। मगर, अविकसित जमीनों में नए ढंग के निर्माण की राह तलाशी जा रही है। बीडीए ने प्रमाणित ले-आउट के तहत जमीनों की बिक्री का प्लान तैयार कर लिया है। इसमें महानगरों की तरह ब्लॉकवार कॉलोनिया बसेंगी।
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सभी घरों के सामने एक जैसा रास्ता, एक जैसी नाली और विद्युत पोल होंगे। रियल एस्टेट कारोबारियों को बीडीए एक्ट के तहत जमीनों की ले-आउटिंग कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ले-आउट स्वीकृत होने के बाद बीडीए खुद अपनी वेबसाइट पर इन जमीनों का प्रचार-प्रसार कर बेचवाने में मदद करेगा। इसका सीधा लाभ रीयल एस्टेट के कारोबारियों को मिलेगा।
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छोटे-बड़े भूखंड की अलग-अलग डिजाइन में प्लाटिंग होगी। क्षेत्रफल के हिसाब से ब्लॉक बनाएं जाएंगे। सभी ब्लॉकों का आपस में जुड़ाव होगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में पहुंचने के लिए चौड़ा रास्ता निकाला जाएगा। संपर्क मार्ग से संबंधित भूखंड तक पहुंचने के लिए 12 मीटर चौड़ी सड़क दी जाएगी।जमीन का कुछ अंश पार्क के लिए छोड़ा जाएगा।
बीडीए का दायरा तो 151 वर्ग किमी में है। मगर, जमीनों की ले-आउटिंग के लिए फिलहाल शहर से दो-तीन किमी के दायरे में प्रयास किया जा रहा है। बीडीए का खुला ऑफर है कि कोई प्राॅपर्टी डीलर या काश्तकार अपने भूखंड की बीडीए एक्ट के तहत ले- आउटिंग कराकर आम ग्राहकों को बेच सकता है। उनका यह भू-खंड बीडीए की वेबसाइट पर नजर आएगा।
बीडीए एक्ट के तहत प्लाटिंग करने पर तमाम सहूलयित भी मिलेगी। रीयल एस्टेट कारोबारी अपने प्लाट पर बोर्ड लगा सकते हैं, जिस पर निर्धारित दर और नंबर तथा प्लाट की साइज तक अंकित रहेगी। खरीदारों को मकान का नक्शा पास कराने में समस्या नहीं आएगी। संबंधित प्लाट का विवरण बीडीए के पास पहले से होगा। मानचित्र के लिए आवेदन पड़ते ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे जमीन कारोबारी और ग्राहक दोनों को मदद मिलेगी।
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राज घराना से किया गया संपर्क
बीडीए व्यवस्थित कॉलोनी बसाने का चलन शुरू करने के लिए बस्ती राजघराना के भी संपर्क में है। शहर एवं आसपास के क्षेत्र में राज परिवार की बड़े आयत के कई भूखंड खाली पड़े हैं। यदि बात बनी तो इसमें से कुछ भूखंडों पर इस तरह की पहल हो सकती है। इसके अलावा अन्य रीयल एस्टेट कारोबारियों से भी बीडीए का संपर्क जारी है।
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पार्क और रास्ते में जमीन का हिस्सा जाने से मुकर रहे लोग
बीडीए एक्ट के अनुसार प्लाटिंग का चलन अभी शुरू नहीं हो पाया है। जानकार बताते हैं कि पार्क और रास्ते के मद में जमीन का काफी हिस्सा छोड़ना पड़ता है। ऐसे में मकान बनाने के लिए जो टुकड़ा बचता है उसकी लागत बढ़ जाती है। यहां अभी महंगे दर पर जमीन खरीदने वाले ग्राहक नहीं है। इस वजह से बीडीए एक्ट के अनुरूप प्लाटिंग करने से मुकर जा रहे हैं। यही वजह है कि अभी एक भी भूखंड की ले- आउटिंग बीडीए से नहीं हो सकी है।
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कोट
बीडीए एक्ट के अनुसार ले-आउट पास कराने की पहल अच्छी है। इससे कारोबारी और आम ग्राहक दोनों को फायदे हैं। ले-आउट पास होने के बाद जमीन खरीदने वाले को नक्शा पास कराने के लिए विकास शुल्क और सब डिवीजन शुल्क नहीं देना होगा। दूसरा यह कि रास्ता, नाली, पार्क की समस्या नहीं रहेगी। लेकिन, ले-आउट पास कराने से पहले लैंडयूज का अडंगा ज्यादा आ रहा है। तमाम कृषि योग्य जमीनें है इनका लेआउट पास कराने से पहले लैंडयूज बदलवाना जरूरी है। यह प्रक्रिया कठिन है। इसे सरल करना चाहिए।

-अनूप पांडेय, आर्किटेक्ट
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प्राधिकरण की तरफ से शहर के आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थित कॉलोनी बसाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। कोई भी रीयल एस्टेट कारोबारी या काश्तकार अपने भूखंड की ले-आउटिंग करा सकता है। ऐसी पहल करने वालों को बीडीए प्रोत्साहित करेगा। उनकी जमीनों का प्रचार प्रसार बीडीए अपनी वेबसाइट पर भी करेगा।
-संदीप कुमार, एक्सईएन, बीडीए
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