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Basti News: छावनी के रामरेखा तट पर आज लगेगा मेला
Thu, 10 Apr 2025 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 10 Apr 2025 01:09 AM IST
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छावनी। पौराणिक रामरेखा नदी के तट पर राम-जानकी मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार को मेला लगेगा। क्षेत्रीय लोगों में खासा उत्साह है। इसमें कई जनपदों के व्यवसायी पहुंचते हैं।ऐसा मान्यता है कि त्रेता युग में जनकपुर से अयोध्या के लिए लौटते समय भगवान श्रीराम अपनी पत्नी सीता तथा भाई लक्ष्मण के साथ यहां विश्राम किया था।
माता सीता को प्यास लगने और दूर-दूर तक पानी नहीं दिखने पर भगवान राम ने तरकश से बाण निकाल कर एक रेखा खींची और वहां नदी बहने लगी। इसी का पानी पीकर माता सीता ने अपनी प्यास बुझाई। तभी से इसे रामरेखा नदी के रूप जाना जाता है। इसी नदी के तट पर राम-जानकी मंदिर परिसर में हर वर्ष चैत्र मास के तेरस को मेला लगता है। राम-जानकी मंदिर के पुजारी बाबा दयाशंकर दास ने बताया कि मेले के दिन सुबह क्षेत्रीय लोग नदी में स्नान करने बाद मंदिर में अन्नदान करते हैं।
पूरे दिन मेला लगता है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और दुकानदारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए तमाम गांवों के लोग निगरानी में लगे रहते है। मेले से जो धन एकत्र होता है, उससे चौरासी कोसी परिक्रमा में आने वाले साधु-संतों के सेवा सत्कार में खर्च किया जाता है। संवाद
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माता सीता को प्यास लगने और दूर-दूर तक पानी नहीं दिखने पर भगवान राम ने तरकश से बाण निकाल कर एक रेखा खींची और वहां नदी बहने लगी। इसी का पानी पीकर माता सीता ने अपनी प्यास बुझाई। तभी से इसे रामरेखा नदी के रूप जाना जाता है। इसी नदी के तट पर राम-जानकी मंदिर परिसर में हर वर्ष चैत्र मास के तेरस को मेला लगता है। राम-जानकी मंदिर के पुजारी बाबा दयाशंकर दास ने बताया कि मेले के दिन सुबह क्षेत्रीय लोग नदी में स्नान करने बाद मंदिर में अन्नदान करते हैं।
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पूरे दिन मेला लगता है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और दुकानदारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए तमाम गांवों के लोग निगरानी में लगे रहते है। मेले से जो धन एकत्र होता है, उससे चौरासी कोसी परिक्रमा में आने वाले साधु-संतों के सेवा सत्कार में खर्च किया जाता है। संवाद
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