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दो दरोगा सस्पेंड, कर्मचारी रिहा
Basti
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। भूमि पर कब्जे के आरोप में जेल में बंद कलेक्ट्रेट कर्मी राम कुमार शुक्ल की रिहाई को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्यालयों में ताला बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसके बाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया। आनन-फानन में देर शाम कर्मचारी को रिहा कर दिया गया। इसके साथ ही डीएम के आदेश पर दो दरोगा सस्पेंड कर दिए गए।
दो दिन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के तुरकहिया निवासी और कलेक्ट्रेट कर्मी राम कुमार शुक्ल बाउंड्रीवाल बनवा रहे थे। पड़ोस में रहने वाले तेज प्रताप सिंह ने बाउंड्रीवाल को गिरा दिया। इसके बाद मारपीट और फायरिंग की नौबत आ गई। जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस को पहले रामकुमार शुक्ल के परिवार को कोतवाली ले आयी। इस मामले में पुलिस ने रामकुमार व उनके परिवार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर राम कुमार को जेल भेज दिया। वहीं दूसरे पक्ष के तेजप्रताप सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
कर्मचारी के जेल जाने के बाद कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ इस मामले को लेकर मुखर हो गया। इसके विरोध में सोमवार को संघ के अध्यक्ष राम कुमार पाल की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधि मंडल डीएम और एसपी से मिला था। इस दौरान कर्मचारियों ने कोतवाल को निलंबित करने, रामकुमार पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने सहित कई मांगे रखीं।
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कार्रवाई न होने पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट कर्मचारियों का आंदोलन उग्र हो गया। कलेक्ट्रेट में ताला जड़ कर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। मामला बिगड़ता देख एसपी ने कंपनीबाग चौकी पर तैनात पुलिस उप निरीक्षक रवींद्र कुमार सिंह और मैनेजर सिंह को निलंबित कर दिया। जांच में कोतवाल की कोई भूमिका नहीं पाई गई। इसके साथ ही राम कुमार शुक्ल का नाम प्राथमिकी से हटवा दिया गया। कोर्ट के आदेश पर रामकुमार शुक्ल मंगलवार की शाम को रिहा हो गए। इसके साथ ही दूसरे पक्ष के विरुद्ध गुंडा एक्ट लगाने और शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने कहा कि वे बुधवार को बैठक के बाद अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। वहीं अनिल कुमार दमेले ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी से जांच कर कार्रवाई को कहा था। वहीं एसपी ने दो दारोगाओं के सस्पेंड होने की पुष्टि की।
धरने पर ये रहे मौजूद ः धरने पर प्रशासनिक अधिकारी अब्दुल हक, अशोक कुमार मिश्र, दिग्विजय सिंह, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, देवेंद्र श्रीवास्तव, मो. सिराज अंसारी, रईस अहमद, राघव शरण शुक्ल, जीत नरायन, राधेश्याम जायसवाल, जीतेंद्र श्रीवास्तव, अनवार हुसैन, विमल मिश्र, शिवश्ंाकर, शिव कुमार उपाध्याय, उर्मिला तिवारी, उदय प्रकाश श्रीवास्तव, सत्येंद्र कुमार पांडेय, मो. आरिफ खां, अनिल कुमार पांडेय, झिनकान प्रसाद, आेंकार प्रसाद पांडेय, अशोक कुमार कन्नौजिया व दयाराम निषाद सहित अन्य मौजूद रहे।
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दो दिन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र के तुरकहिया निवासी और कलेक्ट्रेट कर्मी राम कुमार शुक्ल बाउंड्रीवाल बनवा रहे थे। पड़ोस में रहने वाले तेज प्रताप सिंह ने बाउंड्रीवाल को गिरा दिया। इसके बाद मारपीट और फायरिंग की नौबत आ गई। जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस को पहले रामकुमार शुक्ल के परिवार को कोतवाली ले आयी। इस मामले में पुलिस ने रामकुमार व उनके परिवार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर राम कुमार को जेल भेज दिया। वहीं दूसरे पक्ष के तेजप्रताप सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
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कर्मचारी के जेल जाने के बाद कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ इस मामले को लेकर मुखर हो गया। इसके विरोध में सोमवार को संघ के अध्यक्ष राम कुमार पाल की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधि मंडल डीएम और एसपी से मिला था। इस दौरान कर्मचारियों ने कोतवाल को निलंबित करने, रामकुमार पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने सहित कई मांगे रखीं।
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कार्रवाई न होने पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट कर्मचारियों का आंदोलन उग्र हो गया। कलेक्ट्रेट में ताला जड़ कर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। मामला बिगड़ता देख एसपी ने कंपनीबाग चौकी पर तैनात पुलिस उप निरीक्षक रवींद्र कुमार सिंह और मैनेजर सिंह को निलंबित कर दिया। जांच में कोतवाल की कोई भूमिका नहीं पाई गई। इसके साथ ही राम कुमार शुक्ल का नाम प्राथमिकी से हटवा दिया गया। कोर्ट के आदेश पर रामकुमार शुक्ल मंगलवार की शाम को रिहा हो गए। इसके साथ ही दूसरे पक्ष के विरुद्ध गुंडा एक्ट लगाने और शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने कहा कि वे बुधवार को बैठक के बाद अगली रणनीति का खुलासा करेंगे। वहीं अनिल कुमार दमेले ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी से जांच कर कार्रवाई को कहा था। वहीं एसपी ने दो दारोगाओं के सस्पेंड होने की पुष्टि की।
धरने पर ये रहे मौजूद ः धरने पर प्रशासनिक अधिकारी अब्दुल हक, अशोक कुमार मिश्र, दिग्विजय सिंह, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, देवेंद्र श्रीवास्तव, मो. सिराज अंसारी, रईस अहमद, राघव शरण शुक्ल, जीत नरायन, राधेश्याम जायसवाल, जीतेंद्र श्रीवास्तव, अनवार हुसैन, विमल मिश्र, शिवश्ंाकर, शिव कुमार उपाध्याय, उर्मिला तिवारी, उदय प्रकाश श्रीवास्तव, सत्येंद्र कुमार पांडेय, मो. आरिफ खां, अनिल कुमार पांडेय, झिनकान प्रसाद, आेंकार प्रसाद पांडेय, अशोक कुमार कन्नौजिया व दयाराम निषाद सहित अन्य मौजूद रहे।