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स्वर्णिम समय था वैदिक काल: आचार्य स्वदेश
Basti
Updated Fri, 07 Mar 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित प्रधान आचार्य स्वदेश का गुरुवार को आर्य समाज नई बाजार में फूलमालाओं के साथ स्वागत किया गया। उनके साथ नरेंद्र देव वानप्रस्थी और शंकर मुनि वानप्रस्थी भी बस्ती पहुंचे।
आचार्य स्वदेश ने कहा कि वैदिक काल भारत का स्वर्णिम समय था। इस दौरान भारत प्रत्येक क्षेत्र में सिरमौर बना रहा। वेद का पढ़ना, पढ़ाना, सुनाना, सबके लिए अनिवार्य था। महाभारत युद्ध के बाद से हमारा सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, राजनीतिक और सामाजिक पतन प्रारंभ हो गया। गुरुकुल शिक्षा पद्धति बंद होने के बाद मैकाले की शिक्षा पद्धति ने वैदिक (भारतीय) संस्कृति को काफी नुकसान पहुंचाया। संस्कृत, संस्कार और संस्कृति का आपस में अटूट संबंध है।
शंकर मुनि वानप्रस्थी ने संगठन आर्य समाज की मजबूती पर बल दिया। कहा कि घर घर जाकर वैदिक संस्कृति का प्रचार करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओमप्रकाश आर्य ने कहा कि जब तक वेदों की ओर नहीं लौटेंगे, तब तक समाज से ढोंग, पाखंड, भ्रष्टाचार, व्यभिचार का खात्मा नहीं होने वाला।
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इस मौके पर पंकज आर्य, बृजमंगल देव बरनवाल, हरिपत पांडेय, हरीराम आर्य, सुरेंद्र शर्मा, नवल किशोर, दीपक कुमार, वेद कुमार आर्य, गरुणध्वज पांडेय, प्रियंका आर्य, विश्वनाथ शर्मा, मुरलीधर भारती, राधेश्याम आर्य, त्रियुगीनरायण चौधरी, देवव्रत आर्य, भगवान दास, आदित्यनरायन गिरि, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।
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आचार्य स्वदेश ने कहा कि वैदिक काल भारत का स्वर्णिम समय था। इस दौरान भारत प्रत्येक क्षेत्र में सिरमौर बना रहा। वेद का पढ़ना, पढ़ाना, सुनाना, सबके लिए अनिवार्य था। महाभारत युद्ध के बाद से हमारा सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, राजनीतिक और सामाजिक पतन प्रारंभ हो गया। गुरुकुल शिक्षा पद्धति बंद होने के बाद मैकाले की शिक्षा पद्धति ने वैदिक (भारतीय) संस्कृति को काफी नुकसान पहुंचाया। संस्कृत, संस्कार और संस्कृति का आपस में अटूट संबंध है।
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शंकर मुनि वानप्रस्थी ने संगठन आर्य समाज की मजबूती पर बल दिया। कहा कि घर घर जाकर वैदिक संस्कृति का प्रचार करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आर्य समाज नई बाजार के प्रधान ओमप्रकाश आर्य ने कहा कि जब तक वेदों की ओर नहीं लौटेंगे, तब तक समाज से ढोंग, पाखंड, भ्रष्टाचार, व्यभिचार का खात्मा नहीं होने वाला।
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इस मौके पर पंकज आर्य, बृजमंगल देव बरनवाल, हरिपत पांडेय, हरीराम आर्य, सुरेंद्र शर्मा, नवल किशोर, दीपक कुमार, वेद कुमार आर्य, गरुणध्वज पांडेय, प्रियंका आर्य, विश्वनाथ शर्मा, मुरलीधर भारती, राधेश्याम आर्य, त्रियुगीनरायण चौधरी, देवव्रत आर्य, भगवान दास, आदित्यनरायन गिरि, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।