{"_id":"65-76931","slug":"Basti-76931-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"जख्मी विक्षिप्त युवक का इलाज शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जख्मी विक्षिप्त युवक का इलाज शुरू
Basti
Updated Tue, 26 Nov 2013 05:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भानपुर। कस्बे में एसबीआई की शाखा के निकट सड़क के एक चिकन की शाप के नीचे सप्ताह भर से लावारिस हाल में पड़े घायल और मानसिक रूप से विक्षिप्त अमरेंद्र को इलाज की सुविधा मिल गई। अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेकर एसडीएम ने सीएचसी अधीक्षक को फोन कर घायल को स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर इलाज करने का निर्देश दिया। बाद में आसपास के लोगाें की मदद से घायल को ऑटो में सीएचसी पर ले जाया गया। जहां उसके जख्मों का इलाज शुरू हुआ।
परास्नातक कर चुका और किसान डिग्री कालेज का पूर्व छात्रनेता अमरेंद्र कई दिनों से चिकन शॉप के पास जख्मी और लावारिस हाल में बेसुध पड़ा था। जब उसे होश आता था तो वह घिसट कर लोगाें से मदद की गुहार लगाता। मगर लोग उसका इलाज कराने की बजाए कुछ खाने को देकर आगे बढ़ जाते। इससे उसका पेट तो कुछ हद तक भर जाता, मगर कीड़े पड़ चुके जख्मों पर मरहम लगाने कोई नहीं आता था। वह दर्द से छटपटाता रहता था। समाचार पढ़कर उपजिलाधिकारी भानपुर महेंद्र सिंह ने अमरेन्द्र के इलाज के लिये सीएचसी अधीक्षक डा.रंजीत को निर्देशित किया। इसके बाद अधीक्षक डा.रंजीत कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे। कस्बे के सुधीर श्रीवास्तव व अमित सिंह ने उसके जख्म व दर्द को देखते हुए आगे बढ़कर उसे आटो में लिटाया। इसके बाद अधीक्षक, चीफ फार्मासिस्ट जीएन पांडेय लेकर उसे सीएचसी पर आए। जहां वार्ड आया फूला ने उसके जख्माें को साफ कर दवाएं लगाईं। डॉक्टर ने मरहम पट्टी की। क्षेत्र में अमर उजाला के इस प्रयास की लोग चर्चा कर सराहना कर रहे हैं।
विज्ञापन
परास्नातक कर चुका और किसान डिग्री कालेज का पूर्व छात्रनेता अमरेंद्र कई दिनों से चिकन शॉप के पास जख्मी और लावारिस हाल में बेसुध पड़ा था। जब उसे होश आता था तो वह घिसट कर लोगाें से मदद की गुहार लगाता। मगर लोग उसका इलाज कराने की बजाए कुछ खाने को देकर आगे बढ़ जाते। इससे उसका पेट तो कुछ हद तक भर जाता, मगर कीड़े पड़ चुके जख्मों पर मरहम लगाने कोई नहीं आता था। वह दर्द से छटपटाता रहता था। समाचार पढ़कर उपजिलाधिकारी भानपुर महेंद्र सिंह ने अमरेन्द्र के इलाज के लिये सीएचसी अधीक्षक डा.रंजीत को निर्देशित किया। इसके बाद अधीक्षक डा.रंजीत कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे। कस्बे के सुधीर श्रीवास्तव व अमित सिंह ने उसके जख्म व दर्द को देखते हुए आगे बढ़कर उसे आटो में लिटाया। इसके बाद अधीक्षक, चीफ फार्मासिस्ट जीएन पांडेय लेकर उसे सीएचसी पर आए। जहां वार्ड आया फूला ने उसके जख्माें को साफ कर दवाएं लगाईं। डॉक्टर ने मरहम पट्टी की। क्षेत्र में अमर उजाला के इस प्रयास की लोग चर्चा कर सराहना कर रहे हैं।
विज्ञापन