{"_id":"65-53215","slug":"Basti-53215-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेई\/एई प्रभावित गांवों के लिए 34 करोड़ का प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेई/एई प्रभावित गांवों के लिए 34 करोड़ का प्रस्ताव
Basti
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
बस्ती। निर्मल भारत अभियान के तहत जिले के 141 गांवों को ठोस एवं द्रव अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत चयनित किया गया गया है। इनके लिए 34 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया है।
प्रदेश में 2012-13 के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसमें प्रदेश के जेई/एईएस प्रभावित 20 जनपद शामिल किए गए है। इनमें बस्ती जनपद भी शामिल है। जिले में जेई/एईएस प्रभावित 141 गांवों में ठोस एवं द्रव अपशिष्ट प्रबंधन के साथ ही स्वच्छ शौचालयों की कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है। इसके लिए जिले से 34 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। शेष गांवों को आगामी दस वर्षों में चरणबद्ध तरीके से संतृप्त किए जाने की योजना है। निदेशक पंचायती राज की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 2012-13 के लिए वार्षिक कार्ययोजना में शामिल की गईं ग्राम पंचायतों में भारत सरकार निर्मल भारत अभियान के तहत प्रेषित की गई निर्देशिका के अनुसार कार्य कराए जाएं। ठोस एवं द्रव अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत हैंडपंपों के आसपास और ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। इससे जेई/एईएस जैसी संक्राकम बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
डीपीआरओ समरजीत यादव ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रस्ताव बनाकर धन की डिमांड केंद्र सरकार से की गई है। जैसे ही धन मिला जेई/एईएस प्रभावित गांवों में ठोस एवं द्रव अपशिष्ट प्रबंधन और शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में 2012-13 के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसमें प्रदेश के जेई/एईएस प्रभावित 20 जनपद शामिल किए गए है। इनमें बस्ती जनपद भी शामिल है। जिले में जेई/एईएस प्रभावित 141 गांवों में ठोस एवं द्रव अपशिष्ट प्रबंधन के साथ ही स्वच्छ शौचालयों की कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है। इसके लिए जिले से 34 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। शेष गांवों को आगामी दस वर्षों में चरणबद्ध तरीके से संतृप्त किए जाने की योजना है। निदेशक पंचायती राज की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 2012-13 के लिए वार्षिक कार्ययोजना में शामिल की गईं ग्राम पंचायतों में भारत सरकार निर्मल भारत अभियान के तहत प्रेषित की गई निर्देशिका के अनुसार कार्य कराए जाएं। ठोस एवं द्रव अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत हैंडपंपों के आसपास और ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। इससे जेई/एईएस जैसी संक्राकम बीमारी पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
विज्ञापन
डीपीआरओ समरजीत यादव ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रस्ताव बनाकर धन की डिमांड केंद्र सरकार से की गई है। जैसे ही धन मिला जेई/एईएस प्रभावित गांवों में ठोस एवं द्रव अपशिष्ट प्रबंधन और शौचालयों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन