एक गांव बस गया जंगल की जमीन पर!

Basti Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
बस्ती। पूरा का पूरा गांव वन विभाग की जमीन पर बस गया। इस बात का खुलासा 53 वर्ष बाद हुआ है। अब डीडीसी ने छल-कपटपूर्ण से हथियाई गई जंगल की जमीन को वापस वन विभाग के नाम करने का आदेश कर दिया है। आदेश ने पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1959 में तत्कालीन डीएम ने जमीन गांव वालों के नाम की थी।
मामला विकास खंड सल्टौआ के ग्राम भिरिया जनूबी तप्पा सिकंदरपुर का है। डीडीसी वीके वाजपेई के मुताबिक, खतौनी वर्ष 1359 में ग्राम समाज के नाम जमीन को लगभग 200 लोगों ने अपने नाम करा लिया। वर्तमान में जंगल की जमीन पर बड़ी संख्या में पक्का मकान बना लिए गए हैं। चूंकि जमीन का दाखिल खारिज नहीं हो सका था, इसलिए लोग जमीन को बेच नहीं सके। चकबंदी के दौरान कब्जा का पता चला तो एसीओ, सीओ और एसओसी ने फर्जी इंद्राज मानते हुए वर्ष 2006 में जमीन को वापस ग्राम सभा के नाम करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद जमीन को बचाने के लिए गांव वालों ने डीडीसी न्यायालय में कायमी दाखिल कर दी। कायमी का विरोध सरकारी अधिवक्ता ने किया। कहा कि गांव वालों ने कपटपूर्ण ढंग से ग्राम समाज की जमीन को हथिया लिया है, इसलिए कायमी निरस्त की जानी चाहिए। कब्जेदार भी यह दावा साबित नहीं कर सके। बताया कि ग्राम और समाज हित को देखते हुए जमीन को वापस ग्राम सभा के नाम करने का दिया गया है। अब वैधानिक रूप से जमीन सरकार की हो गई है।

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