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Basti News: पहले सत्र के 99 एमबीबीएस विद्यार्थियों की पूरी हुई पढ़ाई
Fri, 06 Sep 2024 03:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 06 Sep 2024 03:15 AM IST
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मेडिकल कालेज में एमबीबीएस पढ़ाई पूरी करने वाले चिकित्सको का बैच।
मेडिकल कॉलेज - सालभर इंटर्नशिप करने के बाद 2025 में बन जाएंगे परिपक्व डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों के एक बैच की अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। इंटर्नशिप पूर्ण करने के बाद अगले साल पहली बार से यहां से 99 चिकित्सक परिपक्व होकर निकलेंगे।
वर्ष 2025 से मेडिकल कॉलेज का गौरव और बढ़ जाएगा। यहां से प्रतिवर्ष सौ की संख्या चिकित्सक निकलना शुरू हो जाएंगे। वर्ष 2020 में मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर रामपुर में इस कॉलेज की स्थापना हुई थी। यहां एमबीबीएस के लिए कुल सौ सीटों का निर्धारण हुआ है। पहले सत्र में नीट उत्तीर्ण कुल 99 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ था। इसमें यूपी समेत विभिन्न प्रांतों के विद्यार्थी शामिल रहे। इन विद्यार्थियों की चार सत्र की एमबीबीएस पढ़ाई 2024 में पूरी हो गई। इसके बाद एक वर्ष की कॉलेज कैंपस में ही प्रायोगिक पढ़ाई के तौर पर प्रशिक्षण अनिवार्य होता है।
एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके प्रथम बैच के सभी 99 चिकित्सक मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में रोजाना प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) ले रहे हैं। अस्पताल में इंटर्न डॉक्टर के तौर पर इनकी पहचान भी होने लगी है। वार्डों से लेकर इमरजेंसी और ओपीडी तक इन डॉक्टरों की मौजूदगी रह रही है। मरीजों के देखभाल में इनकी भूमिका अहम हो रही है। 365 दिन का इंटर्नशिप 31 मार्च 2025 को पूरा हो जाएगा।
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इसके बाद कॉलेज प्रशासन इन्हें एमबीबीएस डॉक्टर की खिताब देकर मुक्त कर देगा। मेडिकल कॉलेज पांच साल 2025 में पहली बार पहला 99 एमबीबीएस चिकित्सकों का बैच तैयार करके निकालेगा। इसके बाद अगले प्रत्येक सत्र में यह क्रम लगातार बना रहेगा।
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दूसरे सत्र से फुल होने लगीं सीटें
मेडिकल कॉलेज में पहले साल सौ सीटों पर प्रवेश हुआ था। लेकिन एक छात्र ने बाद पढ़ाई छोड़ दी। जिससे एक सीट रिक्त रह गई। 99 छात्रों का ही बैच संचालित हो सका। लेकिन, इसके दूसरे सत्र 2021 से लगातार सभी सीटें फुल रह रही है। अब यहां प्रथम बैच की चार साल की पढ़ाई इस साल पूरी हो चुकी है। जबकि दूसरा बैच अंतिम साल की पढ़ाई शुरू कर दिया है। दो बैच दूसरे और तीसरे साल की पढ़ाई कर रहा है। प्रथम साल का नया सत्र चालू करने के लिए प्रवेश प्रक्रिया अभी चल रही है।
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इस तरह निर्धारित हैैं कोटा
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए सौ सीटें निर्धारित हैं। इसमें 15 सीट ऑल इंडिया नीट- यूजी के लिए आवंटित हैं। जबकि 85 सीट यूपी नीट- यूजी के लिए आवंटित हैं। ऑल इंडिया नीट से गैर प्रांतों के छात्र यहां आकर प्रवेश लेते हैं। जबकि यूपी नीट से इसी प्रांत के छात्र प्रवेश ले रहे हैं।
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प्रथम बैच में गैर प्रांतों के नौ इंटर्न चिकित्सक
प्रथम बैच में गैर प्रांतों के 9 इंटर्न चिकित्सक शामिल हैं। इसमें दिल्ली से एक, हरियाणा से एक, मध्य प्रदेश से एक और राजस्थान से छह लोग मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थी बनकर आए थे और डॉक्टर बनकर लौटने वाले हैं। जबकि यूपी के विभिन्न जनपदों से 90 विद्यार्थी इंटर्न डॉक्टर हैं। इसमें वाराणसी के 6, उन्नाव से एक, सिद्धार्थनगर से एक, संत कबीरनगर से तीन, सहारनपुर से एक, रामपुर से एक, रायबरेली से दो, प्रयागराज से 4, प्रतापगढ़ से एक, मुरादाबाद से एक, मिर्जापुर से एक, मेरठ से एक, मऊ से दो, मणिपुरी से एक, महराजगंज से एक, लखनऊ से 4, ललितपुर से एक, कुशीनगर से 6, कानपुर से दो, झांसी से दो, जौनपुर से दो, हरदोई से एक, गोरखपुर से 6, गाजीपुर से एक, गाजियाबाद से एक, फतेहपुर से दो, देवरिया से 6, चित्रकूट से एक, चंदौली से एक, बुलंदशहर से एक, बुदौन से एक, बिजनौर से एक बस्ती से 5, बरेली से दो, बलरामपुर से एक, बलिया से एक, बहराइच से एक, आजमगढ़ से 4, अमरोहा से एक, आंबेडकरनगर 6, इलाहाबाद से एक, आगरा से दो लोग शामिल हैं।
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इस साल शुरू होगी पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई
मेडिकल कॉलेज में इस साल से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी स्तर) की भी पढ़ाई शुरू होने वाली है। दो बार में 14 सीटें आवंटित हुई है। इसमें पहले फिजियोलॉजी में 5, माइक्रोबॉयोलॉजी में तीन और कम्युनिटी मेडिसिन में तीन सीटें आवंटित हुई थी। बाद में मेडिकल कॉलेज की तरफ से दाखिल अपील की सुनवाई के दौरान पैथोलॉजी में तीन सीटें और आवंटित हो गई है। इसमें नीट-पीजी की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
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कोट
प्रथम बैच के छात्रों की एमबीबीएस की पढ़ाई की पूरी हो चुकी है। इस साल इनका इंटर्नशिप चल रहा है। 2025 में प्रथम बैच के 99 विद्यार्थी डॉक्टर बनकर निकल जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक साल इस कॉलेज से 100 डॉक्टरों का बैच निकलने लगेगा। पीजी स्तर की पढ़ाई को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. मनोज कुमार, प्रधानाचार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों के एक बैच की अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। इंटर्नशिप पूर्ण करने के बाद अगले साल पहली बार से यहां से 99 चिकित्सक परिपक्व होकर निकलेंगे।
वर्ष 2025 से मेडिकल कॉलेज का गौरव और बढ़ जाएगा। यहां से प्रतिवर्ष सौ की संख्या चिकित्सक निकलना शुरू हो जाएंगे। वर्ष 2020 में मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर रामपुर में इस कॉलेज की स्थापना हुई थी। यहां एमबीबीएस के लिए कुल सौ सीटों का निर्धारण हुआ है। पहले सत्र में नीट उत्तीर्ण कुल 99 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ था। इसमें यूपी समेत विभिन्न प्रांतों के विद्यार्थी शामिल रहे। इन विद्यार्थियों की चार सत्र की एमबीबीएस पढ़ाई 2024 में पूरी हो गई। इसके बाद एक वर्ष की कॉलेज कैंपस में ही प्रायोगिक पढ़ाई के तौर पर प्रशिक्षण अनिवार्य होता है।
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एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके प्रथम बैच के सभी 99 चिकित्सक मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में रोजाना प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) ले रहे हैं। अस्पताल में इंटर्न डॉक्टर के तौर पर इनकी पहचान भी होने लगी है। वार्डों से लेकर इमरजेंसी और ओपीडी तक इन डॉक्टरों की मौजूदगी रह रही है। मरीजों के देखभाल में इनकी भूमिका अहम हो रही है। 365 दिन का इंटर्नशिप 31 मार्च 2025 को पूरा हो जाएगा।
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इसके बाद कॉलेज प्रशासन इन्हें एमबीबीएस डॉक्टर की खिताब देकर मुक्त कर देगा। मेडिकल कॉलेज पांच साल 2025 में पहली बार पहला 99 एमबीबीएस चिकित्सकों का बैच तैयार करके निकालेगा। इसके बाद अगले प्रत्येक सत्र में यह क्रम लगातार बना रहेगा।
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दूसरे सत्र से फुल होने लगीं सीटें
मेडिकल कॉलेज में पहले साल सौ सीटों पर प्रवेश हुआ था। लेकिन एक छात्र ने बाद पढ़ाई छोड़ दी। जिससे एक सीट रिक्त रह गई। 99 छात्रों का ही बैच संचालित हो सका। लेकिन, इसके दूसरे सत्र 2021 से लगातार सभी सीटें फुल रह रही है। अब यहां प्रथम बैच की चार साल की पढ़ाई इस साल पूरी हो चुकी है। जबकि दूसरा बैच अंतिम साल की पढ़ाई शुरू कर दिया है। दो बैच दूसरे और तीसरे साल की पढ़ाई कर रहा है। प्रथम साल का नया सत्र चालू करने के लिए प्रवेश प्रक्रिया अभी चल रही है।
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इस तरह निर्धारित हैैं कोटा
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए सौ सीटें निर्धारित हैं। इसमें 15 सीट ऑल इंडिया नीट- यूजी के लिए आवंटित हैं। जबकि 85 सीट यूपी नीट- यूजी के लिए आवंटित हैं। ऑल इंडिया नीट से गैर प्रांतों के छात्र यहां आकर प्रवेश लेते हैं। जबकि यूपी नीट से इसी प्रांत के छात्र प्रवेश ले रहे हैं।
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प्रथम बैच में गैर प्रांतों के नौ इंटर्न चिकित्सक
प्रथम बैच में गैर प्रांतों के 9 इंटर्न चिकित्सक शामिल हैं। इसमें दिल्ली से एक, हरियाणा से एक, मध्य प्रदेश से एक और राजस्थान से छह लोग मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थी बनकर आए थे और डॉक्टर बनकर लौटने वाले हैं। जबकि यूपी के विभिन्न जनपदों से 90 विद्यार्थी इंटर्न डॉक्टर हैं। इसमें वाराणसी के 6, उन्नाव से एक, सिद्धार्थनगर से एक, संत कबीरनगर से तीन, सहारनपुर से एक, रामपुर से एक, रायबरेली से दो, प्रयागराज से 4, प्रतापगढ़ से एक, मुरादाबाद से एक, मिर्जापुर से एक, मेरठ से एक, मऊ से दो, मणिपुरी से एक, महराजगंज से एक, लखनऊ से 4, ललितपुर से एक, कुशीनगर से 6, कानपुर से दो, झांसी से दो, जौनपुर से दो, हरदोई से एक, गोरखपुर से 6, गाजीपुर से एक, गाजियाबाद से एक, फतेहपुर से दो, देवरिया से 6, चित्रकूट से एक, चंदौली से एक, बुलंदशहर से एक, बुदौन से एक, बिजनौर से एक बस्ती से 5, बरेली से दो, बलरामपुर से एक, बलिया से एक, बहराइच से एक, आजमगढ़ से 4, अमरोहा से एक, आंबेडकरनगर 6, इलाहाबाद से एक, आगरा से दो लोग शामिल हैं।
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इस साल शुरू होगी पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई
मेडिकल कॉलेज में इस साल से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी स्तर) की भी पढ़ाई शुरू होने वाली है। दो बार में 14 सीटें आवंटित हुई है। इसमें पहले फिजियोलॉजी में 5, माइक्रोबॉयोलॉजी में तीन और कम्युनिटी मेडिसिन में तीन सीटें आवंटित हुई थी। बाद में मेडिकल कॉलेज की तरफ से दाखिल अपील की सुनवाई के दौरान पैथोलॉजी में तीन सीटें और आवंटित हो गई है। इसमें नीट-पीजी की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
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कोट
प्रथम बैच के छात्रों की एमबीबीएस की पढ़ाई की पूरी हो चुकी है। इस साल इनका इंटर्नशिप चल रहा है। 2025 में प्रथम बैच के 99 विद्यार्थी डॉक्टर बनकर निकल जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक साल इस कॉलेज से 100 डॉक्टरों का बैच निकलने लगेगा। पीजी स्तर की पढ़ाई को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. मनोज कुमार, प्रधानाचार्य