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जलापूर्ति तो दूर, पाइप लाइन तक नहीं

Sat, 04 Aug 2018 12:10 AM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:10 AM IST
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जलापूर्ति तो दूर, पाइप लाइन तक नहीं
जलापूर्ति तो दूर, पाइप लाइन तक नहीं
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फोटो
1.25 करोड़ से बनाया गया था ओवरहेड टैंक
दूषित जल पीने को मजबूर 10 हजार आबादी
वर्ष 2011 में कलवारी मुस्तकहम में निर्माण था हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
कलवारी। बहादुरपुर ब्लॉक की लगभग 10 हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत कलवारी मुस्तहकम में शुद्ध पानी को ग्रामीण तरस रहे हैं। सात वर्ष पूर्व 2011 में 1.25 करोड़ की लागत से स्थापित ओवरहेड टैंक अनुपयोगी साबित हो रहा है। यही नहीं विभाग जलापूर्ति तो दूर इन सात वर्ष में तय स्थानों पर पाइप लाइन भी नहीं बिछा सका है। ऐसे में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की शासन की मंशा को करारा झटका लगा है।
बात वर्ष 2008-09 की है। गांव में जापानी बुखार, डायरिया और पीलिया सहित तमाम बीमारियां फैल गईं। तमाम बच्चे व ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए। जांच-पड़ताल में यहां पीने का पानी अशुद्ध पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने पेयजल की योजना इस गांव के लिए बना दी। इसे अमलीजामा पहनाया गया। 2011 में 1.25 करोड़ की लागत से ओवरहेड टैंक स्थापित कराकर पाइप लाइन बिछाया जाने लगा, मगर बीच में ही काम बंद हो गया और सात वर्ष बीतने को है अब तक यह काम अधूरा है।
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गांव निवासी अमर बहादुर सिंह ने कहा कि सात वर्ष से पानी का इंतजार है, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते आज तक जलापूर्ति संभव नहीं हो सकी। गांव में लगा इंडिया मार्का पंप गंदा पानी उगलता है। इसके चलते ग्रामीण विभिन्न बीमारियों के शिकार भी हो रहे हैं। ग्रामीण अशोक कुमार मोदनवाल ने कहा कि जब इस योजना को मंजूरी मिली थी तो लगा कि अब शहरो की भांति सप्लाई से पानी मिलेगा, लेकिन अब इसकी उम्मीदें धूमिल हो गई हैं। पानी की सप्लाई को कौन कहे अभी तक चौराहे से पूरब पाइप ही नहीं बिछाया जा सका है। अखंड प्रताप ने कहा कि पानी की सप्लाई न मिलने के कारण मजबूरन पैसा खर्च कर पानी खरीदा जा रहा है। क्योंकि हैंडपंप जो पानी उगल रहा है, वह दूषित है और उससे तमाम बीमारियां भी हो रही हैं। राजकुमार अग्रहरि ने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग किस स्तर तक हो सकता है। यह ओवरहेड टैंक के निर्माण को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। 1.25 करोड़ रुपये खर्च हो गए, मगर जलापूर्ति संभव नहीं हो पाई।
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प्रधान पुष्पा सिंह ने कहा कि जलापूर्ति की व्यवस्था ठीक हो इसका प्रयास लगातार जारी है, मगर जिम्मेदार इसमें कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में कार्य अधूरा पड़ा है। अवर अभियंता अभिनव सांवत ने कहा कि लुंबिनी दुद्धी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी के निर्माण के चलते कई जगह पर पाइप डैमेज हो गई। इसी कारण जलापूर्ति व्यवस्था नहीं बन सकी। यह सही है कि अभी कई पुरवों में पाइप लाइन विस्तारीकरण नहीं हो सका है। क्षतिग्रस्त पाइपों को दुरुस्त कराने व पाइप लाइन विस्तार में समय लगेगा।
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