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Basti News: डाटा फीडिंग के अभाव 9 हजार माताएं लाभ से वंचित
Mon, 01 Dec 2025 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 01 Dec 2025 12:54 AM IST
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बस्ती। स्वास्थ्य विभाग से आईसीडीएस में समायोजित योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का हाल जिले में खराब हो गया है। चालू वित्तीय साल में पोर्टल पर और ऑफलाइन आए 8905 आवेदन अभी लंबित पड़े हैं। इससे प्रसूताएं लाभ से वंचित हो रही हैं, जबकि निर्देश है कि प्रसव के बाद इस योजना का तत्काल लाभ पात्र महिलाओं को मिलना चाहिए।
बता दें कि बच्चे को जन्म देने वाली माताओं के सम्मान के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना दो विभागों के बीच फंस गई है। शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग से काम छिन चुका है, वहीं बाल विकास विभाग काम तो शुरू किया लेकिन ढिलाई और पोर्टल अपडेट होने के चलते जानकारी के अभाव में आवेदन लंबित हैं। इससे माताओं को सम्मान मिलना तो दूर, पंजीकरण का डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। वहीं, दो साल से योजना के तहत करीब चार से पांच हजार लाभार्थियों का भुगतान नहीं हो सका है। इधर, नए आवेदनों की फीडिंग भी नहीं हो पाई है।
प्रशिक्षण के लिए अलग से नामित हुए कर्मी : लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के लिए अलग से कर्मी नामित किए गए हैं। जिले के सभी 14 ब्लॉकों और नगरीय क्षेत्र में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कर्मी प्रशिक्षित करेंगे और बताएंगे कि कैसे आवेदन को पोर्टल पर फीडिंग करते हुए प्रसूताओं को लाभ देना है।
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बता दें कि बच्चे को जन्म देने वाली माताओं के सम्मान के लिए संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना दो विभागों के बीच फंस गई है। शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग से काम छिन चुका है, वहीं बाल विकास विभाग काम तो शुरू किया लेकिन ढिलाई और पोर्टल अपडेट होने के चलते जानकारी के अभाव में आवेदन लंबित हैं। इससे माताओं को सम्मान मिलना तो दूर, पंजीकरण का डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। वहीं, दो साल से योजना के तहत करीब चार से पांच हजार लाभार्थियों का भुगतान नहीं हो सका है। इधर, नए आवेदनों की फीडिंग भी नहीं हो पाई है।
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प्रशिक्षण के लिए अलग से नामित हुए कर्मी : लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के लिए अलग से कर्मी नामित किए गए हैं। जिले के सभी 14 ब्लॉकों और नगरीय क्षेत्र में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कर्मी प्रशिक्षित करेंगे और बताएंगे कि कैसे आवेदन को पोर्टल पर फीडिंग करते हुए प्रसूताओं को लाभ देना है।
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