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शृंगी आश्रम के लिए रवाना हुआ जत्था
basti
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:49 PM IST
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शेरवा घाट पार करते श्रद्धालु।
- फोटो : amar ujala
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दुबौलिया।
चौरासी कोसी परिक्रमा में जिले के अंतिम पड़ाव स्थल हनुमान बाग चकोही से श्रद्धालुओं का जत्था मंगलवार को सुबह अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया।
श्रद्धालुओं का जत्था रेत और कंकरीले रास्ते से होकर जय श्रीराम का जयघोष और भजन-कीर्तन करते सरयू नदी के शेरवा घाट पर पहुंचा। जहां घाट पर उन्हें अगले पड़ाव तक ले जाने के लिए दो नावें लगाई गईं थीं। घाट पर पूजा-अर्चन के बाद दोनों नावों पर उन्हें बैठाकर नदी के पार ले जाया गया। थानाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने अपनी टीम के साथ घंटों मशक्कत करने के बाद श्रद्धालुओं को अगले पड़ाव तक पहुंचाया।
लालगंज प्रतिनिधि के अनुुसार चैैत्र पूर्णिमा पर लगे पांच दिवसीय मेले के तीसरे दिन मंगलवार को मेले में भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि, पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेले में लोगों ने अपनी जरूरत के सामान खरीदे। मेलार्थियों ने सर्कस, नृत्य, मौत का कुआं आदि का लुत्फ उठाया।
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चौरासी कोसी परिक्रमा में जिले के अंतिम पड़ाव स्थल हनुमान बाग चकोही से श्रद्धालुओं का जत्था मंगलवार को सुबह अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया।
श्रद्धालुओं का जत्था रेत और कंकरीले रास्ते से होकर जय श्रीराम का जयघोष और भजन-कीर्तन करते सरयू नदी के शेरवा घाट पर पहुंचा। जहां घाट पर उन्हें अगले पड़ाव तक ले जाने के लिए दो नावें लगाई गईं थीं। घाट पर पूजा-अर्चन के बाद दोनों नावों पर उन्हें बैठाकर नदी के पार ले जाया गया। थानाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने अपनी टीम के साथ घंटों मशक्कत करने के बाद श्रद्धालुओं को अगले पड़ाव तक पहुंचाया।
लालगंज प्रतिनिधि के अनुुसार चैैत्र पूर्णिमा पर लगे पांच दिवसीय मेले के तीसरे दिन मंगलवार को मेले में भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि, पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेले में लोगों ने अपनी जरूरत के सामान खरीदे। मेलार्थियों ने सर्कस, नृत्य, मौत का कुआं आदि का लुत्फ उठाया।
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