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एससीएसटी एक्ट में दो को आजीवन कारावास
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एससी/एसटी एक्ट में दो को आजीवन कारावास
वाल्टरगंज थाना क्षेत्र की घटना, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अनिल कुमार ने अनुुसूचित जाति की मां और दो बेटों पर जानलेवा हमला करने के दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 24-24 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक आनंद प्रिय मौर्य ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। कहा कि वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिमरहवा निवासी राम अशीष धरिकार ने एसओ वाल्टरगंज को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि सात फरवरी 2005 को उसकी मां उर्मिला को धर्मेंद्र चौबे रुपये की लेन-देन की बात को लेकर मारे-पीटे। नौ फरवरी 2005 को जब वह अपनी मां को लेकर दवा कराने जा रहा था कि गांव के निकट रास्ते में ही गनेशपुर के धर्मेंद्र चौबे अपने रिश्तेदार बंधुआ निवासी शेषनाथ, प्रेमनाथ व अशोक कुमार के सहयोग से लाठी-डंडा से उसे, उसकी मां और भाई दीपचंद को मारा-पीटा। धर्मेंद्र ने उर्मिला पर तमंचे से फायर कर दिया। गोली मां के पैर में लगी। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचक ने धर्मेंद्र व शेषनाथ उर्फ बबलू के खिलाफ जान लेवा हमला, मारपीट व धमकी के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से वादी के अलावा गवाहों के बयान कराए गए। यह बात आई कि उर्मिला के पति ने धर्मेंद्र चौबे से दो हजार रुपये ब्याज पर लिया था, जिसकी अदायगी भी कर दी थी, मगर वे दस हजार रुपये ब्याज का मांग रहे थे, जिसे देने में यह परिवार अक्षम था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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वाल्टरगंज थाना क्षेत्र की घटना, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अनिल कुमार ने अनुुसूचित जाति की मां और दो बेटों पर जानलेवा हमला करने के दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 24-24 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक आनंद प्रिय मौर्य ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। कहा कि वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिमरहवा निवासी राम अशीष धरिकार ने एसओ वाल्टरगंज को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि सात फरवरी 2005 को उसकी मां उर्मिला को धर्मेंद्र चौबे रुपये की लेन-देन की बात को लेकर मारे-पीटे। नौ फरवरी 2005 को जब वह अपनी मां को लेकर दवा कराने जा रहा था कि गांव के निकट रास्ते में ही गनेशपुर के धर्मेंद्र चौबे अपने रिश्तेदार बंधुआ निवासी शेषनाथ, प्रेमनाथ व अशोक कुमार के सहयोग से लाठी-डंडा से उसे, उसकी मां और भाई दीपचंद को मारा-पीटा। धर्मेंद्र ने उर्मिला पर तमंचे से फायर कर दिया। गोली मां के पैर में लगी। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचक ने धर्मेंद्र व शेषनाथ उर्फ बबलू के खिलाफ जान लेवा हमला, मारपीट व धमकी के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से वादी के अलावा गवाहों के बयान कराए गए। यह बात आई कि उर्मिला के पति ने धर्मेंद्र चौबे से दो हजार रुपये ब्याज पर लिया था, जिसकी अदायगी भी कर दी थी, मगर वे दस हजार रुपये ब्याज का मांग रहे थे, जिसे देने में यह परिवार अक्षम था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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