फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   भारत बंद: शहर से गांव तक अधिकतर ने स्वेच्छा से बंद रखीं दुकानें

भारत बंद: शहर से गांव तक अधिकतर ने स्वेच्छा से बंद रखीं दुकानें

Thu, 06 Sep 2018 11:55 PM IST
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:55 PM IST
विज्ञापन
भारत बंद: शहर से गांव तक अधिकतर ने स्वेच्छा से बंद रखीं दुकानें
भारत बंद: शहर से गांव तक अधिकतर ने स्वेच्छा से बंद रखीं दुकानें
विज्ञापन


एससीएसटी एक्ट के विरोध में सड़क पर उतरे संगठन
संयुक्त बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। एससीएसटी एक्ट के संशोधित प्रावधानों के विरोध में विभिन्न संगठनों को लोगों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया। कई बाजारों में तमाम लोगों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखकर विरोध जताया जबकि कुछ की दुकानें सड़क पर उतरे संगठनों के लोगों ने बंद करा दी। हालांकि कहीं भी किसी प्रकार की घटना नहीं हुई। दोपहर बाद सभी दुकानें खुल गईं। अधिवक्ता संगठनों ने भी एससीएसटी एक्ट के विरोध में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। सवर्ण लिब्रेशन फ्रंट, राष्ट्रीय सवर्ण सेना, करणी सेना, चित्रांश क्लब आदि संगठनों की तरफ से एससीएसटी एक्ट में संशोधन वापस लेने, जातिगत आरक्षण, पदोन्नति में आरक्षण समाप्त किए जाने की मांग की गई।
सवर्ण लिबरेशन फ्रंट (एसएलएफ) के संयोजक दीनदयाल त्रिपाठी, सवर्ण सेना के अध्यक्ष अभय देव शुक्ल, राष्ट्रवादी पार्टी भारत के कैलाशनाथ शर्मा, करणी सेना व भारत विकास मंच सहित अन्य संगठनों के लोगों ने बृहस्पतिवार को भारत बंद की अपील की थी। इसके मद्देनजर रोडवेज, रेलवे स्टेशन, पुरानी बस्ती, मंगलबाजार के साथ ही अनेक स्थानों पर दुकानें कहीं पूरे दिन बंद रहीं तो कहीं आंशिक तौर पर बंद रहीं। एसएलएफ के संयोजक दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से जातिगत वैमनस्यता बढ़ेगी। प्रशासन को दिए ज्ञापन में एससीएसटी एक्ट में संशोधन वापस लिए जाने, जातिगत व पदोन्नति में आरक्षण समाप्त किए जाने की मांग की गई। कहा गया कि यह मेधा का अपमान है। इस दौरान विमल सिंह, विनय सिंह, मनोज सिंह रानू, अपर्ण श्रीवास्तव, शैलेंद्र पांडेय, बृजेश दूबे, पंकज सिंह, नन्हे पाल, राम रिका पांडेय, कृष्णा पांडेय, सुरेंद्र सिंह, रविंद्र वर्मा, संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

उधर, एससीएसटी एक्ट के विरोध में राष्ट्रीय सवर्ण सेना की तरफ से जुलूस निकाला गया। जुलूस अध्यक्ष अभयदेव शुक्ल के नेतृत्व में पुरानी बस्ती, दक्षिण दरवाजा, रोडवेज, गांधीनगर, शास्त्री चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां सभा हुई। साथ ही एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया गया। आंदोलन में महिलाओं की भी भागीदारी रही। अभयदेव ने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक्ट को लेकर जो फैसला लिया, उसका खामियाजा आने वाली पीढ़ियां भी भुगतेंगी। संध्या दीक्षित ने कहा कि एससीएसटी एक्ट में संशोधित बिल पारित कराकर भाजपा सरकार अपना बड़ा नुकसान कर चुकी है। हाथ से सत्ता निकलने पर इसका भाजपा कोअहसास होगा। करणी सेना के मनीष सिंह, चित्रांश क्लब के रत्नाकर श्रीवास्तव आदि ने भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान मनीष चतुर्वेदी, वंदना द्विवेदी, डीसी दुबे, उजाला, बब्लू प्रधान, संतोष प्रधान आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, एससीएसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद की गूंज ग्रामीण इलाकों में भी रही। कस्बों के बाजारों में दुकानदारों ने कहीं स्वेच्छा से दुकानें बंद रखी तो कई जगहों पर जबरन लोग दुकानें बंद कराते दिखे। गायघाट प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के गायघाट, पाऊं, चकदहा, चरकैला, बैड़ारी सहित अन्य बाजारों में भारत का असर रहा। दोपहर बाद ही दुकानें खुलीं। कलवारी, अगौना, गौसपुर, चमनगंज, कुसौरा में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखकर इस एक्ट के प्रति विरोध जताया। बभनान में युवाओं की टोली सड़क पर उतरी और दुकानों को बंद करने का व्यापारियों से आह्वान किया। हरैया चौराहे से लेकर सब्जी मंडी रामलीला मैदान, सोसायटी रोड, विजय नगर चौराहा, सुर्ती हट्टा, बस स्टैंड आदि स्थानों पर दुकानें बंद रहीं। अभय प्रताप सिंह, मो. सलाम, निखिल कसौधन, पंकज सिंह, कुलदीप सिंह, आशीष पांडेय, निर्भय प्रताप सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह डब्लू, भल्लू सिंह, सोहेल, विष्णु मिश्रा आदि मौजूद रहे।
उधर, दुबौलिया, विशेषरगंज, चिलमा आदि बाजारों में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों को बंद करा दिया। इस मौके पर शैलेन्द्र विक्रम सिंह, अनिल सिंह, विनोद पाठक, निखिल, अरमान, अवधेश अग्रहरि, विनय, अम्बिका सिंह आदि मौजूद रहे। आमा बाजार में हिन्दू सेवक संघ के कार्यकर्ताओं व स्थानीय नागरिकों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष विनय मिश्र की अगुवाई में आमा बुध बाजार में युवाओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। महामंत्री जितेन्द्र अग्रहरि, मयंक तिवारी, हनुमंत लाल अग्रहरि, अभिजीत मिश्रा, विशाल शुक्ला, विवेक शुक्ला आदि शामिल रहे।

000000
युवाओं ने बंद कराया कस्बा
विक्रमजोत। क्षेत्र के छावनी बाजार, अमोढ़ा बाजार व विक्रमजोत बाजार में दुकानों को युवाओं ने बंद करा दिया। देवदार दूबे, पवन सिंह, अनुपम सिंह, बबलू, सूर्यभान पांडेय, कल्लू पांडेय, सर्वेश प्रताप सिंह, शाहिद प्रधान सहित अन्य व्यापारियों ने एक्ट के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं। अमोढ़ा में सवर्ण समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। शैलेंद्र सिंह, राजकुमार पांडेय, अरविंद सिंह, लालजी सिंह, दुर्गेश धर द्विवेदी आदि शामिल रहे।
सोनहा में राष्ट्रवादी पार्टी आफ इंडिया के जिला संगठन मंत्री राम स्वरूप वर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सोनहा बाजार, भितरी पचानू, मझौवा खुर्द, जिनवा, सल्टौआ गोपालपुर आदि क्षेत्रों में दुकानों को बंद कराया। इस मौके पर श्रवण कुमार पांडेय, सर्विंद गुप्ता, राजकुमार, लवकुश, सुनील पांडेय, रमेश, अनिल कुमार, दिनेश कुमार, रवि पांडेय, प्रेम चन्द्र उपाध्याय, सतीश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
000
अधिवक्ताओं ने काला कानून करार दिया
एससीएसटी एससीएसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में अधिवक्ता भी सड़क पर उतर आए। संयुक्त बार की तरफ से लिए गए निर्णय के तहत अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर एक्ट व सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने सरकार के इस फैसले को गलत करार देते हुए इसे काला कानून बताया।

अधिवक्ता न्याय मार्ग पर जुलूस निकालने के साथ ही कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रशासनिक अधिकारी जीत नरायन को दिया। इससे पहले अधिवक्ता संगठनों की बैठक हुई। जो विरोध सभा में बदल गई। सिविल बार के अध्यक्ष बद्री प्रसाद दूबे व महामंत्री शशि प्रकाश शुक्ल ने कहा कि एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन को गलत बताया। कहा कि बिना जांच गिरफ्तारी का कानून कुत्सित राजनीति से प्रेरित है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। जनपद बार के अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्र व महामंत्री रवि शरण सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को कानून की व्याख्या का अधिकार है। उसने गाइड लाइन देकर जनहित में आदेश पारित किया था। यंग बार के महामंत्री शेषनाथ पाठक ने चेतावनी दी कि इस एक्ट का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। अधिवक्ता राजकुमार द्विवेदी, शिवपूजन मिश्र, रवि प्रताप सिंह, मारुत कुमार शुक्ल, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, पवनसुत ओझा, दीपक वर्मा, अजय कुमार पांडेय, राजेश मिश्र, अरविंद दूबे, विजय तिवारी, अरविंद चौधरी, मेही लाल यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed