{"_id":"59d51c564f1c1bae538b5d15","slug":"71507138646-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 हजार से अधिक गरीब बच्चों को नहीं मिला दूध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 हजार से अधिक गरीब बच्चों को नहीं मिला दूध
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दूध के मद में मिली रकम हड़प गए 327 हेड मास्टर
बस्ती।
जिले के 327 प्राथमिक और जूनियर स्कूलों के 20 हजार से अधिक बच्चें दूध से वंचित हो गए हैं। इस मद में आई रकम को हड़प लिया गया। इसे लेकर कोई भी खंड शिक्षा अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभा रहे हैं। होश आने पर विभाग कार्रवाई करने के लिए स्कूलों की सूची बीईओ से मांग रहा है।
परिषदीय स्कूलों से अभिभावकों का मोह पहले ही भंग हो चुका है। यही कारण रहा कि पिछले दो साल में लगभग 43 हजार बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। गरीब बच्चे परिषदीय स्कूलों से जुड़े रहें और उनकी सेहत ठीक रहे इसके लिए सरकार ने प्रत्येक सोमवार को ताजा फल और बुधवार को दूध देने की योजना बनाई। दैनिक प्रणाली रिपोर्ट के अनुसार शासन को जो सूचना मिल रही है, उसके मुताबिक 327 स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं दिया जा रहा है। शासन ने दूध न देने वाले हेडमास्टर के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने भी इसे संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने का आदेश बीएसए को दिया। बीएसए ने कार्रवाई करने और स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने के लिए सभी बीईओ को लिखा तो कहीं से रिपोर्ट नहीं दी गई। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि 27 सितंबर 2017 को दूध क्यों नहीं मिला। इसकी रिपोर्ट सभी बीईओ से मांगी गई है। यह सही है कि इस मामले में बीईओ गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
बस्ती।
जिले के 327 प्राथमिक और जूनियर स्कूलों के 20 हजार से अधिक बच्चें दूध से वंचित हो गए हैं। इस मद में आई रकम को हड़प लिया गया। इसे लेकर कोई भी खंड शिक्षा अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभा रहे हैं। होश आने पर विभाग कार्रवाई करने के लिए स्कूलों की सूची बीईओ से मांग रहा है।
परिषदीय स्कूलों से अभिभावकों का मोह पहले ही भंग हो चुका है। यही कारण रहा कि पिछले दो साल में लगभग 43 हजार बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। गरीब बच्चे परिषदीय स्कूलों से जुड़े रहें और उनकी सेहत ठीक रहे इसके लिए सरकार ने प्रत्येक सोमवार को ताजा फल और बुधवार को दूध देने की योजना बनाई। दैनिक प्रणाली रिपोर्ट के अनुसार शासन को जो सूचना मिल रही है, उसके मुताबिक 327 स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं दिया जा रहा है। शासन ने दूध न देने वाले हेडमास्टर के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने भी इसे संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करने का आदेश बीएसए को दिया। बीएसए ने कार्रवाई करने और स्कूलों की सूची उपलब्ध कराने के लिए सभी बीईओ को लिखा तो कहीं से रिपोर्ट नहीं दी गई। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि 27 सितंबर 2017 को दूध क्यों नहीं मिला। इसकी रिपोर्ट सभी बीईओ से मांगी गई है। यह सही है कि इस मामले में बीईओ गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन