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वीडी तटबंध को बचाने के लिए 7.82 करोड़ मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:06 AM IST
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यूपी-बिहार को जोड़ेगा घाघरा नदी पर बनने वाला पुल
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बस्ती। जिले की सबसे अधिक संवेदनशील तटबंध विक्रमजोत-घुसवा को बचाने के लिए सरकार ने सात करोड़ 82 लाख की वित्तीय मंजूरी दी है। इस धनराशि से तटबंध पर 17 स्पर का निर्माण होगा। इसके लिए चार करोड़ 33 लाख की धनराशि जारी भी कर दी गई है। शासन के संयुक्त सचिव एसआर यादव ने सरकार के निर्णय की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव सिंचाई को निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
जनपद में घाघरा नदी के बाएं तट पर स्थित वीडी तटबंध के किलोमीटर संख्या 4.200 से 7.200 किलोमीटर के मध्य स्थित 17 अदद स्पर का पुनर्निर्माण निर्माण होगा। यह तटबंध बाढ़ की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील माना जाता है। अपुष्ट आकड़ों के मुताबिक बाढ़ के दिनों में इस तटबंध को बचाने के नाम पर अब तक लगभग एक अरब का खर्च हो चुका है, कागजों में इस नदी को बोल्डर से ढ़क दिया गया है। बावजूद तटबंध पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
तटबंध के किनारे रहने वालों का कहना है कि तटबंध के किनारे बालू का अवैध खनन करने से तटबंध हर साल असुरक्षित हो जाता है। शासन और प्रशासन के लिए इस तटबंध की सुरक्षा करना अति महत्वपूर्ण हो जाता है, क्यों इससे जिले को खतरा हो सकता है।
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यह तटबंध इस लिए और महत्वपूर्ण हो जाता है, क्यों कि यह एनएच से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। एक्सईएन राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि जो धन शासन ने जारी किया है, वह अवशेष कार्यों के लिए है।
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जनपद में घाघरा नदी के बाएं तट पर स्थित वीडी तटबंध के किलोमीटर संख्या 4.200 से 7.200 किलोमीटर के मध्य स्थित 17 अदद स्पर का पुनर्निर्माण निर्माण होगा। यह तटबंध बाढ़ की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील माना जाता है। अपुष्ट आकड़ों के मुताबिक बाढ़ के दिनों में इस तटबंध को बचाने के नाम पर अब तक लगभग एक अरब का खर्च हो चुका है, कागजों में इस नदी को बोल्डर से ढ़क दिया गया है। बावजूद तटबंध पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
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तटबंध के किनारे रहने वालों का कहना है कि तटबंध के किनारे बालू का अवैध खनन करने से तटबंध हर साल असुरक्षित हो जाता है। शासन और प्रशासन के लिए इस तटबंध की सुरक्षा करना अति महत्वपूर्ण हो जाता है, क्यों इससे जिले को खतरा हो सकता है।
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यह तटबंध इस लिए और महत्वपूर्ण हो जाता है, क्यों कि यह एनएच से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। एक्सईएन राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि जो धन शासन ने जारी किया है, वह अवशेष कार्यों के लिए है।