फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   बारिश संजीवनी पर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

बारिश संजीवनी पर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

Sun, 10 Feb 2019 12:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Feb 2019 12:07 AM IST
विज्ञापन
बारिश संजीवनी पर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
बारिश संजीवनी पर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिले में शुक्रवार की रात तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। हालांकि कृषि वैज्ञानिक इस बारिश को गेहूं की फसल के लिए संजीवनी मानते हैं, मगर ओलावृष्टि से गेहूं व दलहनी फसलों के नुकसान पहुंचने की बात भी कह रहे हैं। उनका मानना है कि इसके चलते इन फसलों के अलावा केला व आम को भी नुकसान हुआ है।
शुक्रवार को दिन भर बदली व धूप के बीच देर रात तेज हवा चलने लगीं। देखते ही देखते बादल घिर गए और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ थोड़ी ही देर में ओले भी पड़ने लगे। बारिश के कारण शनिवार को सुबह कई जगह पानी भर गया। न्याय मार्ग, जिला पंचायत कार्यालय से लेकर बैरिहवां, गांधीनगर, पुरानी बस्ती आदि क्षेत्रों में गलियों में पानी भरने के साथ कई जगह कीचड़ भी दिखने लगा। दोपहर तक यही स्थिति बनी रही। उधर, मौसम में परिवर्तन से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश तो फसलों के लिए ठीक थी, मगर ओला वृष्टि से जिनके खेतों में गेहूं की बालियां निकल आई हैं उनके टूटने का खतरा बढ़ गया। इसी तरह दलहनी फसलों में अभी फूल निकल रहे हैं, जो ओलावृष्टि से खराब हो गए। हालांकि तिलहन की फसलों पर इसका प्रभाव वैज्ञानिक कम मानते हैं। उनका कहना है कि तिलहनी फसलों की फलियां निकल आई है,ं जिससे ओलावृष्टि से उन्हें अधिक नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।
विज्ञापन

कृषि वैज्ञानिक डॉ. केएम चौधरी का कहना है कि बारिश फसलों के लिए संजीवनी होगी। मगर ओलावृष्टि से नुकसान भी हो सकता है। जिन लोगों की गेहूं की फसल में बालियां आ गई हैं वह ओलेवृष्टि से प्रभावित होंगी। इसी तरह दलहनी फसलों में इन दिनों फूल का समय है और ओलावृष्टि से वह टूटकर गिर जाएंगे। तिलहनी फसलों के बारे में डॉ. चौधरी कहते हैं कि चूंकि ज्यादातर सरसों की फसल में फलियां आ गई हैं। इसलिए ओलावृष्टि से सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंच पा पाएगा। डॉ. चौधरी के मुताबिक ओलावृष्टि से आम व केला फसलों को भी क्षति पहुंची है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांऊघाट प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से गेहूं की बुआई करने वाले किसान तो खुश हैं लेकिन सरसों व मटर के फसलों के प्रति किसान चिंतित हैं। क्षेत्र के बरहुचा गांव में छह इंच मोटाई की करीब डेढ़ फीट के बर्फ के टुकड़े देख कर वहां ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े टुकड़े आज तक बारिश के साथ पड़ते नहीं देखे गए। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार तेज बारिश के चलते किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान फसलों को बचाने के लिए जलभराव वाले खेतों से पानी निकालने के लिए परेशान रहे। ज्यादा समस्या उन किसानों को है जो सब्जी की खेती कर जीवन यापन करते हैं। तीन दिन के बरसात से जगह जगह जलभराव हो जाने से सब्जी की फसल प्रभावित होने लगी है। जिसे बचाने के लिए किसान खेत से पानी निकालने के लिए पंपसेट व अन्य संसाधनों का सहारा ले रहे हैं। किसान रंगीलाल, कांशीराम, राजेंद्र कुमार, रामकिशुन, रामतौल का कहना था कि खेत में पानी भरा रहा तो फसल पीली पड़ जाएगी। इससे उपज प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed