{"_id":"5c587a2abdec2273ab606d7c","slug":"61549302314-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौनी अमावस्या: लगाई डुबकी, किये दान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौनी अमावस्या: लगाई डुबकी, किये दान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौनी अमावस्या: लगाई डुबकी, किया दान
श्रद्धालुओं ने विभिन्न नदियों में किया स्नान
अन्न व गोदान कर श्रद्धालुुुओं ने की पूजा अर्चना
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मौनी अमावस्या पर सोमवार को जिले के विभिन्न नदियों पर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गो व अन्न दान कर पूजा अर्चन की। इस दौरान मेला का भी लोगों ने आनंद लिया।
कुदरहा प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के नौरहनी घाट पर भोर से ही स्नान के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। फिर पुण्य और मुक्ति के लिए श्रद्धालुओं ने अन्न और गो दान किया। पूजा अर्चना के बाद लोगों ने तट पर लगे मेले में खरीदारी की। प्रत्येक वर्ष मौनी अमावस्या पर सरयू नदी के नौरहनी घाट पर मेला लगता है, जिसमें खलीलाबाद, मुंडेरवा, महादेवा, महसों, लालगंज आदि स्थानों के श्रद्धालु आते हैं। भोर में तीन बजे से ही स्नान करने के लिए लोगों का तांता लग गया। कटान के चलते इस बार स्नान के लिए नौरहनी पर तीन और पिपरपांती में एक स्थान पर घाट बनाया गया है। परसांव के पं. सुशील मिश्र का कहना है कि मौनी अमावस्या पर स्नान का विशेष महत्व है। स्नान के बाद अन्न और गो दान से पाप का नाश होता है और पुण्य का उदय होता है। सुबह से स्नान का शुरू हुआ सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने विभिन्न नदियों के घाटों पर श्रद्धा की डुबकी लगाई। स्नान के बाद तट पर ही अन्न व गोदान भी किया। श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के नौरहनी, मैंन्दी, खड़कपुर घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। फिर तट पर अन्न और गोदान कर पुण्य अर्जित किया। नदियों के दोपहर बाद तक चलता रहा। इस बार लालगंज, बनकटी, मुंडेरवा, कुदरहा, देंईसाड़, महसों और संतकबीरनगर जिले के लोगों ने स्नान करने के बाद अन्न दान भी किया। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के सरयू नदी के शेरवा घाट उनियार, पारा, खलवा व मनोरमा नदी के पंडूलघाट पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई, अन्न व गोदान कर श्रद्धालुुुओं ने सुख शांति की मनौती मांगी। इस दौरान शेरवा घाट पर मेेला भी लगा।
कुंभ दर्शन में लगी बसें, यात्री हो रहे परेशान
लखनऊ, गोरखपुर के लिए नहीं मिल रहीं बसें
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। रोडवेज डिपो की सभी बसें कुंभ दर्शन में लगा दी गई हैं, जिसके चलते लखनऊ, गोरखपुर सहित अन्य जगहों की यात्रा के लिए काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। डिपो की ओर से आसपास जिलों के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या स्नान का विशेष महत्व होता है। भारी संख्या में श्रद्धालु क्षेत्रीय नदियों के अलावा कुंभ स्नान को पहुंचते हैं। जिसे देखते हुए रोडवेज ने डिपो में मौजूद सभी बसों को प्रयागराज के लिए लगा दिया। कुछ अनुबंधित बसों के सहारे लखनऊ व गोरखपुर की यात्रा कराई जाने लगी। इससे लोगों को इन स्थानों की यात्रा के लिए घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। रोडवेज परिसर सहित सड़कों पर यात्रियों की भीड़ जमा रही, और हर आने वाली बसों की तरफ यात्री भागते दिखे। अन्य डिपो की जो बसें बस्ती पहुंच रही थी, वे पहले से ही यात्रियों से भरी रहती थी। जो यात्रियों में निराशा पैदा कर रही थी। कई लोगों को लखनऊ व गोरखपुर जाने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बस्ती डिपो के बेड़े में लगभग 110 बसें शामिल हैं। और प्रयागराज के लिए 84 बसें लगाई गई थीं, लेकिन मौनी अमावस्या स्नान के लिए लोगों की भीड़ को देखते हुए इन सभी बसों को लगा दिया गया था। परिसर में बस का इंतजार कर रहीं स्वेता गुप्ता ने कहा कि उन्हें गोरखपुर जाना है, बस का इंतजार करते हुए एक घंटे से ऊपर हो गए, कहा कि जो बसें आ रही हैं वो पहले से ही भरी हैं। पंकज उपाध्याय ने कहा कि वे मामा के लड़के की शादी में लखनऊ जा रहे हैं, बस का कुछ पता नहीं है। दीपा श्रीवास्तव ने कहा कि वे अपने रिश्तेदारी में बस्ती आई हुईं थी, और उन्हें देवरिया जाना है। बताती हैं कि काफी देर से बस के इंतजार में बैठी हैं। रघुनंदन पांडेय ने कहा कि उन्हें अयोध्या जाना है, पूछताछ केंद्र पर कहा जा रहा है कि इंतजार करिए हो सकता है कोई बस मिल जाए।
इन स्थानों से चलाई जा रहीं बसें
बस्ती डिपो की सभी बसों को कुंभ मेले में लगा दिया गया है, अधिक से अधिक लोग प्रयागराज पहुंच सकें इसके लिए डिपो की ओर से मेंहदावल, सिकरीगंज, गायघाट सहित अन्य प्वाइंट बनाए गए हैं। इन प्वाइंटों से यात्री प्रयागराज तक की यात्रा कर रहे हैं।
अधिकारी की सुनिए
क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक राजेश सिंह ने कहा कि मौनी अमावस्या व यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सभी बसों को प्रयागराज के लिए लगा दिया गया है। यात्रियों के संख्या में आधार पर लखनऊ, गोरखपुर के लिए कुछ अनुबंधित बसों को भेजा जा रहा है।
प्रयागराज में गुम हो गईं मल्हवारे की रेशमा
नगर बाजार( बस्ती)। प्रयागराज कुंभ स्नान करने गई क्षेत्र के मल्हवारे निवासी 75 वर्षीय महिला रविवार भोर में स्नान के दौरान खो गईं। बस में साथ गए परिवार के लोग व अन्य सहयात्रियों ने काफी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। गांव में परिवार के लोग ही नहीं, पड़ोस के लोग भी गुम होने से परेशान हैं। मल्हवारे गांव के 20-22 श्रद्धालु बस व दूसरी गाड़ियों से प्रयागराज कुंभ स्नान करने गए हैं। उन्हीं में पारस निषाद भी अपनी पत्नी 75 वर्षीय रेशमा को लेकर दो फरवरी को बस से कुंभ में स्नान करने के लिए गयीं। रविवार भोर में करीब तीन बजे गांव के अन्य लोगों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचीं। बगल में उनके पति पारस व अन्य लोग भी स्नान कर रहे थे। सब लोग स्नान करके जाने लगे तभी रेशमा कहीं गुम हो गईं। सभी लोग ढूंढकर थक गए तो पुलिस सहायता केंद्र पर सूचना दिए। मेले में एलान कराने के बावजूद उनका पता नहीं चल सका। महिला के बेटे हनुमत प्रसाद निषाद ने बताया कि उनका कपड़ा, वहीं घाट पर मिला। प्रधान रवि प्रकाश ने बताया कि सब लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि रेशमा मिल जाएं।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं ने विभिन्न नदियों में किया स्नान
अन्न व गोदान कर श्रद्धालुुुओं ने की पूजा अर्चना
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मौनी अमावस्या पर सोमवार को जिले के विभिन्न नदियों पर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गो व अन्न दान कर पूजा अर्चन की। इस दौरान मेला का भी लोगों ने आनंद लिया।
कुदरहा प्रतिनिधि के अनुसार सरयू नदी के नौरहनी घाट पर भोर से ही स्नान के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। फिर पुण्य और मुक्ति के लिए श्रद्धालुओं ने अन्न और गो दान किया। पूजा अर्चना के बाद लोगों ने तट पर लगे मेले में खरीदारी की। प्रत्येक वर्ष मौनी अमावस्या पर सरयू नदी के नौरहनी घाट पर मेला लगता है, जिसमें खलीलाबाद, मुंडेरवा, महादेवा, महसों, लालगंज आदि स्थानों के श्रद्धालु आते हैं। भोर में तीन बजे से ही स्नान करने के लिए लोगों का तांता लग गया। कटान के चलते इस बार स्नान के लिए नौरहनी पर तीन और पिपरपांती में एक स्थान पर घाट बनाया गया है। परसांव के पं. सुशील मिश्र का कहना है कि मौनी अमावस्या पर स्नान का विशेष महत्व है। स्नान के बाद अन्न और गो दान से पाप का नाश होता है और पुण्य का उदय होता है। सुबह से स्नान का शुरू हुआ सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने विभिन्न नदियों के घाटों पर श्रद्धा की डुबकी लगाई। स्नान के बाद तट पर ही अन्न व गोदान भी किया। श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के नौरहनी, मैंन्दी, खड़कपुर घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। फिर तट पर अन्न और गोदान कर पुण्य अर्जित किया। नदियों के दोपहर बाद तक चलता रहा। इस बार लालगंज, बनकटी, मुंडेरवा, कुदरहा, देंईसाड़, महसों और संतकबीरनगर जिले के लोगों ने स्नान करने के बाद अन्न दान भी किया। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के सरयू नदी के शेरवा घाट उनियार, पारा, खलवा व मनोरमा नदी के पंडूलघाट पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई, अन्न व गोदान कर श्रद्धालुुुओं ने सुख शांति की मनौती मांगी। इस दौरान शेरवा घाट पर मेेला भी लगा।
विज्ञापन
कुंभ दर्शन में लगी बसें, यात्री हो रहे परेशान
लखनऊ, गोरखपुर के लिए नहीं मिल रहीं बसें
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। रोडवेज डिपो की सभी बसें कुंभ दर्शन में लगा दी गई हैं, जिसके चलते लखनऊ, गोरखपुर सहित अन्य जगहों की यात्रा के लिए काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। डिपो की ओर से आसपास जिलों के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या स्नान का विशेष महत्व होता है। भारी संख्या में श्रद्धालु क्षेत्रीय नदियों के अलावा कुंभ स्नान को पहुंचते हैं। जिसे देखते हुए रोडवेज ने डिपो में मौजूद सभी बसों को प्रयागराज के लिए लगा दिया। कुछ अनुबंधित बसों के सहारे लखनऊ व गोरखपुर की यात्रा कराई जाने लगी। इससे लोगों को इन स्थानों की यात्रा के लिए घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। रोडवेज परिसर सहित सड़कों पर यात्रियों की भीड़ जमा रही, और हर आने वाली बसों की तरफ यात्री भागते दिखे। अन्य डिपो की जो बसें बस्ती पहुंच रही थी, वे पहले से ही यात्रियों से भरी रहती थी। जो यात्रियों में निराशा पैदा कर रही थी। कई लोगों को लखनऊ व गोरखपुर जाने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। बस्ती डिपो के बेड़े में लगभग 110 बसें शामिल हैं। और प्रयागराज के लिए 84 बसें लगाई गई थीं, लेकिन मौनी अमावस्या स्नान के लिए लोगों की भीड़ को देखते हुए इन सभी बसों को लगा दिया गया था। परिसर में बस का इंतजार कर रहीं स्वेता गुप्ता ने कहा कि उन्हें गोरखपुर जाना है, बस का इंतजार करते हुए एक घंटे से ऊपर हो गए, कहा कि जो बसें आ रही हैं वो पहले से ही भरी हैं। पंकज उपाध्याय ने कहा कि वे मामा के लड़के की शादी में लखनऊ जा रहे हैं, बस का कुछ पता नहीं है। दीपा श्रीवास्तव ने कहा कि वे अपने रिश्तेदारी में बस्ती आई हुईं थी, और उन्हें देवरिया जाना है। बताती हैं कि काफी देर से बस के इंतजार में बैठी हैं। रघुनंदन पांडेय ने कहा कि उन्हें अयोध्या जाना है, पूछताछ केंद्र पर कहा जा रहा है कि इंतजार करिए हो सकता है कोई बस मिल जाए।
इन स्थानों से चलाई जा रहीं बसें
बस्ती डिपो की सभी बसों को कुंभ मेले में लगा दिया गया है, अधिक से अधिक लोग प्रयागराज पहुंच सकें इसके लिए डिपो की ओर से मेंहदावल, सिकरीगंज, गायघाट सहित अन्य प्वाइंट बनाए गए हैं। इन प्वाइंटों से यात्री प्रयागराज तक की यात्रा कर रहे हैं।
अधिकारी की सुनिए
क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक राजेश सिंह ने कहा कि मौनी अमावस्या व यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सभी बसों को प्रयागराज के लिए लगा दिया गया है। यात्रियों के संख्या में आधार पर लखनऊ, गोरखपुर के लिए कुछ अनुबंधित बसों को भेजा जा रहा है।
प्रयागराज में गुम हो गईं मल्हवारे की रेशमा
नगर बाजार( बस्ती)। प्रयागराज कुंभ स्नान करने गई क्षेत्र के मल्हवारे निवासी 75 वर्षीय महिला रविवार भोर में स्नान के दौरान खो गईं। बस में साथ गए परिवार के लोग व अन्य सहयात्रियों ने काफी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। गांव में परिवार के लोग ही नहीं, पड़ोस के लोग भी गुम होने से परेशान हैं। मल्हवारे गांव के 20-22 श्रद्धालु बस व दूसरी गाड़ियों से प्रयागराज कुंभ स्नान करने गए हैं। उन्हीं में पारस निषाद भी अपनी पत्नी 75 वर्षीय रेशमा को लेकर दो फरवरी को बस से कुंभ में स्नान करने के लिए गयीं। रविवार भोर में करीब तीन बजे गांव के अन्य लोगों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचीं। बगल में उनके पति पारस व अन्य लोग भी स्नान कर रहे थे। सब लोग स्नान करके जाने लगे तभी रेशमा कहीं गुम हो गईं। सभी लोग ढूंढकर थक गए तो पुलिस सहायता केंद्र पर सूचना दिए। मेले में एलान कराने के बावजूद उनका पता नहीं चल सका। महिला के बेटे हनुमत प्रसाद निषाद ने बताया कि उनका कपड़ा, वहीं घाट पर मिला। प्रधान रवि प्रकाश ने बताया कि सब लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि रेशमा मिल जाएं।