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कुटाई के बाद 13 हजार एमटी चावल मिलरों के लिए सिरदर्द

Mon, 04 Feb 2019 11:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2019 11:15 PM IST
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कुटाई के बाद 13 हजार एमटी चावल मिलरों के लिए सिरदर्द
कुटाई के बाद 13 हजार एमटी चावल मिलरों के लिए सिरदर्द
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गोदाम में तीन हजार एमटी जगह, तैयार है 16 हजार एमटी चावल
कई केंद्रों पर धान डंप, राइस मिलों तक नहीं पहुंच पाया धान
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। धान खरीद पर शासन का रुख अच्छे परिणाम लेकर आया है। निर्धारित तिथि 28 फरवरी से पहले ही 103 प्रतिशत खरीद की जा चुकी है। इनमें से अधिकांश धान राइस मिलों तक पहुंच गया है। इस धान की कुटाई करने के बाद सरकारी चावल के भंडारण की व्यवस्था पर संकट है। क्योंकि अपने यहां एफसीआई व सीडब्लूसी के गोदाम में तीन हजार एमटी जगह रिक्त है और 16 हजार एमटी चावल कूटकर राइस मिलर उसे भंडारगृह में रखवाने के लिए परेशान हैं।
इस बार जिले में धान खरीद का लक्ष्य 74100 एमटी तय हुआ। इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक खाद्य विभाग सहित सभी क्रय एजेंसियों ने 78495 मीट्रिक टन की खरीद पूरी कर दी है। हालांकि, खरीद अब भी जारी है, मगर अब एक नया संकट भंडारण का आ गया है। राइस मिलर अब तक 16 हजार एमटी चावल तैयार कर लिए हैं, मगर उक्त गोदामों में इसे रखने के लिए स्थान रिक्त नहीं है, जिससे मिलरों का सिरदर्द बढ़ गया है। वे चावल के भंडारण को लेकर परेशान हैं।
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जिले में सरकारी चावल के भंडारण की व्यवस्था को लेकर तंत्र के कान खड़े हो गए हैं। चूंकि सरकार ने इस बार 30 अप्रैल तक सरकारी चावल को भंडार में पहुंचाने के निर्देेश दिए हैं, मगर जगह की कमी के चलते व्यवस्था को पीडीएस व एमडीएम के अनाज निकासी के भरोसे रखा गया है। अभी इस सीजन में कुटाई के बाद 40 हजार एमटी चावल का भंडारण किया जाना है। अपने जिले के दोनो भंडार गृहों में उक्त योजना की निकासी के बाद 30 हजार एमटी चावल रखने की व्यवस्था बन जाएगी, मगर दस हजार एमटी चावल भंडारण को लेकर समस्या खड़ी हो गई थी, मगर इस समस्या को भी प्रशासन ने हल कर दिया है। दस हजार एमटी चावल बर्डपुर स्थित गोदाम में भंडारित किया जाएगा। इसके लिए छह मिलों को बर्डपुर से संबद्ध किया गया है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि फिलहाल तत्काल में 13 हजार एमटी चावल के भंडारण की समस्या खड़ी हो गई है। राइस मिलर इसे लेकर परेशान हैं मगर इसे धीर-धीरे समायोजित कर दिया जाएगा। चावल भंडारण की समस्या का निदान तो हो गया है, मगर आने वाले खरीद सीजन के समय गेहूं रखने की समस्या खड़ी होगी।
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राइस मिल के खिलाफ एसडीएम को शिकायती पत्र
विक्रमजोत। परशुरामपुर ब्लॉक के सुरैला गांव में स्थित एक राइस मिल के चलने से फैल रहे प्रदूषण धूल धुआं व शोर से लोगों में नाराजगी है। इसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र दिया है। बता दें कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के चार वर्ष पहले ही बंद किये जाने के आदेश के बाद भी यह राइस मिल संचालित हो रहा है। सुरैला गांव निवासी अनिल कुमार यादव डीएम को शिकायती पत्र देकर यह आरोप लगाया है कि सुरैला गांव में संचालित उक्त मिल को प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्रीय कार्यालय ने 2015 में ही कर दिया था लेकिन मिल चलाई जा रही है। एसडीएम शिव प्रताप शुक्ल का कहना है कि कुछ ग्रामीणों ने शिकायती पत्र दिया है। मिल बंद है या चल रही है। जांच करवाकर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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