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नाम हटाने से क्षुब्ध अंत्योदय पात्रों ने घेरा कलेक्ट्रेट
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:49 PM IST
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अंत्योदय पात्रों ने घेरा कलेक्ट्रेट
बस्ती।
कुदरहा ब्लॉक के परसांव गांव में साजिश कर अंत्योदय सूची से नाम हटाने को लेकर क्षुब्ध ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट घेरा। यहां पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधान ने अपने चहेतों को अंत्योदय कार्ड का लाभ देने के लिए पात्र होने के बावजूद उन्हें सूची से बाहर कर दिया। घंटे भर इंतजार के बाद जब डीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी तो वे प्रशासनिक अधिकारी से मिले और उन्हें ज्ञापन दिया। चेतावनी दी कि यदि उनकी यहां नहीं सुनीं गई तो वे लखनऊ के दरबार में शिकायत दर्ज कराएंगे।
एनएफएसए लागू होने के बाद उक्त गांव में अंत्योदय कार्ड धारक 23 पात्रों को बगैर सत्यापन कराए ही सूची से हटा दिया गया। इसकी जानकारी होने के बाद यह पात्र अपनी आवाज उठाने लगे। इसके बाद प्रयास कर पात्रों ने अपना नाम सूची में दर्ज कराया। 14 जनवरी 2016 को जब नई सूची प्रचलन में आई तो उसमें इनका नाम दर्ज था। इस सूची के जारी होते ही गंवई राजनीति का दांव-पेंच शुरू हो गया। इसके तहत कथित रूप से अचानक एक दूसरी सूची 26 जनवरी 2016 को जारी करा दी गई। इस सूची में 25 पुराने अंत्योदय कार्ड धारकों के नाम हटा कर नए नाम दर्ज करा दिए गए। ये वे नाम थे, जो एनएफएसए के मानक में आते ही नहीं। यानी इन पात्रों के पास खेती-बारी के अलावा सरकारी नौकरी भी थी। इसके कुछ दिनों बाद फिर से एक नई सूची प्रचलित हुई, जिसमें उन्हीं नामों में से 23 पात्रों को सूची से गायब कर दिया गया। नाम कटने से नाराज इन ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। 17 मई 2017 को ग्रामीणों ने तत्कालीन डीएम से मिलकर अपनी बात रखी। 22 मार्च 2017 को डीएम ने डीएसओ को पत्र लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया, मगर तब से लेकर अब तक यह पत्र इस मेज से उस मेज घूम रहा है, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि इसरावती के पति की मौत हो चुकी है। इसके पास खेती के नाम पर महज जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा है। तीन बच्चों को लेकर यह कहां जाए? ऐसी ही गरीबी झेल रहे ग्रामीणों ने अपनी आवाज उठाई है। कलेक्ट्रेट पहुंचने वालों में बुधना, हरिराम, नेहा, पलटन, उर्मिला, शांति, बदामा, शाहजहां, रसूलनिशा, प्रेमा, निधि, विदेशी, बिंद्रावती, लालमति, हरिश्चंद्र, इंद्रमति, यशोधरा, मुन्नी, सोना, किस्मति, रामलौट और लालमति आदि के नाम शामिल हैं।
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अंत्योदय पात्रों ने घेरा कलेक्ट्रेट
बस्ती।
कुदरहा ब्लॉक के परसांव गांव में साजिश कर अंत्योदय सूची से नाम हटाने को लेकर क्षुब्ध ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट घेरा। यहां पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधान ने अपने चहेतों को अंत्योदय कार्ड का लाभ देने के लिए पात्र होने के बावजूद उन्हें सूची से बाहर कर दिया। घंटे भर इंतजार के बाद जब डीएम से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी तो वे प्रशासनिक अधिकारी से मिले और उन्हें ज्ञापन दिया। चेतावनी दी कि यदि उनकी यहां नहीं सुनीं गई तो वे लखनऊ के दरबार में शिकायत दर्ज कराएंगे।
एनएफएसए लागू होने के बाद उक्त गांव में अंत्योदय कार्ड धारक 23 पात्रों को बगैर सत्यापन कराए ही सूची से हटा दिया गया। इसकी जानकारी होने के बाद यह पात्र अपनी आवाज उठाने लगे। इसके बाद प्रयास कर पात्रों ने अपना नाम सूची में दर्ज कराया। 14 जनवरी 2016 को जब नई सूची प्रचलन में आई तो उसमें इनका नाम दर्ज था। इस सूची के जारी होते ही गंवई राजनीति का दांव-पेंच शुरू हो गया। इसके तहत कथित रूप से अचानक एक दूसरी सूची 26 जनवरी 2016 को जारी करा दी गई। इस सूची में 25 पुराने अंत्योदय कार्ड धारकों के नाम हटा कर नए नाम दर्ज करा दिए गए। ये वे नाम थे, जो एनएफएसए के मानक में आते ही नहीं। यानी इन पात्रों के पास खेती-बारी के अलावा सरकारी नौकरी भी थी। इसके कुछ दिनों बाद फिर से एक नई सूची प्रचलित हुई, जिसमें उन्हीं नामों में से 23 पात्रों को सूची से गायब कर दिया गया। नाम कटने से नाराज इन ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई, मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। 17 मई 2017 को ग्रामीणों ने तत्कालीन डीएम से मिलकर अपनी बात रखी। 22 मार्च 2017 को डीएम ने डीएसओ को पत्र लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया, मगर तब से लेकर अब तक यह पत्र इस मेज से उस मेज घूम रहा है, मगर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि इसरावती के पति की मौत हो चुकी है। इसके पास खेती के नाम पर महज जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा है। तीन बच्चों को लेकर यह कहां जाए? ऐसी ही गरीबी झेल रहे ग्रामीणों ने अपनी आवाज उठाई है। कलेक्ट्रेट पहुंचने वालों में बुधना, हरिराम, नेहा, पलटन, उर्मिला, शांति, बदामा, शाहजहां, रसूलनिशा, प्रेमा, निधि, विदेशी, बिंद्रावती, लालमति, हरिश्चंद्र, इंद्रमति, यशोधरा, मुन्नी, सोना, किस्मति, रामलौट और लालमति आदि के नाम शामिल हैं।
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