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अब केशवपुर गांव पर संकट मंडराया
Updated Sun, 30 Jul 2017 04:30 PM IST
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विक्रमजोत। घाघरा नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोत्तरी हुई। शनिवार को 92.47 मिमी के मुकाबले रविवार दोपहर जलस्तर 92.49 मिमी. पहुंच गया लेकिन कटान के कारण अब केशवपुर गांव पर संकट के बादल छाने लगे हैं।
विक्रमजोत-लोलपुर बांध से सटे करीब छह गांवों में कटान करती घाघरा से सबसे ज्यादा संवेदनशील केशवपुर गांव बन गया है। यहां नदी सीधा दबाव बना रही है। इसी गांव के पास नदी अयोध्या की तरफ से आकर सीधा टकराने के बाद बस्ती की तरफ मुड़ती है। कटान स्थल से हाइवे की दूरी मात्र 250 मीटर ही बची है। खास बात यह है कि यह क्षेत्र बांध विहीन है और बाढ़ खंड भी कोई बचाव कार्य नहीं करा रहा है। इस बांध विहीन क्षेत्र के गांवों भदोईं, रानीपुरकठवनियां, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, सहजौरा पाठक में कटान लगातार हो रही है। कल्यानपुर केशवचंद पांडेय के घर के पीछे रविवार को कटान हुई। जबकि शुक्रवार सुबह बैठे ठोकर नंबर एक की मरम्मत अभी तक नहीं हो सकी है। कल्यानपुर में बनाए गए कटर को ईंट रोड़े की बोरियों से मजबूत करने की कोशिश चल रही है।
स्थानीय शनि हलवाई, सुन्दर प्रधान, डॉ.प्रदीप, राजबहादुर शर्मा आदि का कहना कि बाढ विभाग का ओर से की जा रही किलाबंदी प्रर्याप्त नहीं है। जब तक बोल्डर से स्पर कि मरम्मत नहीं की जाएगी गांवों को बचाना मुश्किल होगा। कल्याणपुर के प्राथमिक विद्यालय भवन के पास भी कटान हो रही है वहां पांच साल पहले बनाया गया संपर्क मार्ग का पुलिया ध्वस्त हो चुकी है। यही हाल रहा तो विक्रमजोत बाजार सहित दर्जनों गांव व फोरलेन भी कट जाने कि आशंका है।
विक्रमजोत-लोलपुर बांध से सटे करीब छह गांवों में कटान करती घाघरा से सबसे ज्यादा संवेदनशील केशवपुर गांव बन गया है। यहां नदी सीधा दबाव बना रही है। इसी गांव के पास नदी अयोध्या की तरफ से आकर सीधा टकराने के बाद बस्ती की तरफ मुड़ती है। कटान स्थल से हाइवे की दूरी मात्र 250 मीटर ही बची है। खास बात यह है कि यह क्षेत्र बांध विहीन है और बाढ़ खंड भी कोई बचाव कार्य नहीं करा रहा है। इस बांध विहीन क्षेत्र के गांवों भदोईं, रानीपुरकठवनियां, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, सहजौरा पाठक में कटान लगातार हो रही है। कल्यानपुर केशवचंद पांडेय के घर के पीछे रविवार को कटान हुई। जबकि शुक्रवार सुबह बैठे ठोकर नंबर एक की मरम्मत अभी तक नहीं हो सकी है। कल्यानपुर में बनाए गए कटर को ईंट रोड़े की बोरियों से मजबूत करने की कोशिश चल रही है।
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स्थानीय शनि हलवाई, सुन्दर प्रधान, डॉ.प्रदीप, राजबहादुर शर्मा आदि का कहना कि बाढ विभाग का ओर से की जा रही किलाबंदी प्रर्याप्त नहीं है। जब तक बोल्डर से स्पर कि मरम्मत नहीं की जाएगी गांवों को बचाना मुश्किल होगा। कल्याणपुर के प्राथमिक विद्यालय भवन के पास भी कटान हो रही है वहां पांच साल पहले बनाया गया संपर्क मार्ग का पुलिया ध्वस्त हो चुकी है। यही हाल रहा तो विक्रमजोत बाजार सहित दर्जनों गांव व फोरलेन भी कट जाने कि आशंका है।
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