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Basti News: 50 करोड़ का सीसीयू भवन हैंडओवर में अटका, मरीजों को नहीं मिल रही सुविधा

Thu, 20 Aug 2026 01:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 01:40 AM IST
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50 crore CCU building stuck in handover, patients are not getting facilities
मेडिकल कॉलेज परिसर में बंद पड़ा सीसीयू भवन। संवाद
बस्ती। मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में गंभीर मरीजों के लिए प्रस्तावित 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) अब तक शुरू नहीं हो सका है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला भवन का निर्माण अप्रैल में पूरा हो चुका है, लेकिन हैंडओवर की प्रक्रिया तकनीकी जांच के पेंच में अटकी है। इसके चलते मरीजों को वेंटिलेटर, आईसीयू और पाइपलाइन ऑक्सीजन जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सीसीयू को जनवरी 2026 से शुरू करने की तैयारी थी। निर्माण में देरी के कारण निर्धारित समय पर सुविधा शुरू नहीं हो सकी। डीएम के हस्तक्षेप के बाद अप्रैल में भवन का निर्माण पूरा हुआ। रंगरोगन, विद्युतीकरण और टाइल्स का काम पूरा होने के बाद से भवन बंद पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार थर्ड पार्टी तकनीकी निरीक्षण के बाद ही भवन का विधिवत हस्तांतरण होगा। भवन के हस्तांतरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग और निर्माण एजेंसी के दावे अलग-अलग हैं।
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सीएमओ का कहना है कि थर्ड पार्टी की तकनीकी जांच अभी बाकी है। इसके बिना भवन का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। वहीं राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता का दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद सीडीओ की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी, विद्युत निगम और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था और भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जा चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार थर्ड पार्टी तकनीकी जांच की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जांच के लिए तकनीकी टीम का गठन और निरीक्षण होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी है।
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संसाधन मिलने के बाद शुरू होगा संचालन
सीसीयू का संचालन स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत होना है। भवन का स्वामित्व स्वास्थ्य विभाग के पास रहेगा। यहां वेंटिलेटर, सेंट्रलाइज्ड एसी, पाइपलाइन ऑक्सीजन समेत गंभीर मरीजों के उपचार के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाने हैं। विभाग का कहना है कि भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।
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रोजाना 10-15 गंभीर मरीज रेफर
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई में आने वाले गंभीर मरीजों को आईसीयू की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां मेडिकल कॉलेज का 10 बेड का आईसीयू है, जो अक्सर मरीजों से भरा रहता है। ऐसे में हृदय रोग, दुर्घटना और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को तत्काल उच्च स्तरीय आईसीयू की जरूरत पड़ने पर रेफर करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि रोजाना करीब 10 से 15 गंभीर मरीजों को लखनऊ या गोरखपुर के मेडिकल कॉलेजों के लिए रेफर किया जाता है। सीसीयू शुरू होने से इन मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर क्रिटिकल केयर सुविधा मिल सकती है।
कोट
सीसीयू भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन हैंडओवर होना बाकी है। बाहर की तकनीकी टीम से जांच कराए जाने के बाद ही प्रक्रिया पूरी होगी। इसके लिए निर्माण एजेंसी से पत्राचार किया गया है। थर्ड पार्टी निरीक्षण के बिना भवन का हस्तांतरण नहीं होगा।


-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ। ---------
भवन का निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय स्तर पर तकनीकी टीम गठित की गई थी। सीडीओ की अध्यक्षता में पीडब्ल्यूडी, विद्युत निगम के इंजीनियरों और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने संयुक्त निरीक्षण किया था। इसके बाद भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। अब कोई प्रक्रिया बाकी नहीं है।
-पन्ने लाल यादव, सहायक अभियंता, राजकीय निर्माण निगम।
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