Basti News: ट्रक में प्याज के बीच छिपाया 49,747 शीशी कफ सिरप बरामद, मचा हड़कंप
लोगों का कहना है कि शराब के रेट में इजाफा होने से बच्चे व युवा सस्ते नशा की ओर बढ़ रहे हैं। शराब से आधी कीमत पर ही सिरप मिल जाते हैं। साथ ही नशा भी शराब से ज्यादा होता है। ये नशा स्वास्थ्य के लिए घातक है, फिर भी युवा इसका सेवन कर रहे हैं।
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बस्ती जिले में हरैया पुलिस ने फोरलेन पर वाहनों की जांच के दौरान ट्रक में प्याज के बीच छिपाकर रखी गई 49 हजार 747 शीशी कफ सीरप बरामद किया है। उसकी कीमत करीब 90 लाख रुपये बताई जा रही है। ट्रक चालक व उसमें बैठे दो लोग पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने ट्रक मालिक के विरुद्ध औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन एक्ट व एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
एसएचओ शैलेश सिंह ने बताया कि मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान फोरलेन के किनारे स्थित गजानन ढाबे के पास खड़े ट्रक की जांच की गई। उसमें प्याज की बोरियां लदी थीं। संदेह होने पर बोरियों को हटवाकर देखा गया तो उसमें तमाम गत्ते लदे थे। उन गत्तों में कफ सिरप की शीशियां भरी थीं। इसकी सूचना औषधि निरीक्षक को दी गई। औषधि निरीक्षक अरविंद यादव की मौजूदगी में जांच की गई तो कुल 274 गत्ते बरामद किए गए। जिनमें एक कंपनी की कफ सिरप की 9752 और दूसरी कंपनी की कफ सिरप की 39 हजार 995 शीशियां भरी हुई थीं।
औषधि निरीक्षक की तहरीर पर हमीरपुर जिले के अमनशहीद निवासी वाहन स्वामी लालमन प्रताप सिंह व दो अन्य के विरुद्ध केस दर्ज कर ट्रक को सीज कर दिया गया। औषधि निरीक्षक ने बताया कि यह कफ सिरप कोडिन युक्त रसायन से मिलकर बनता है। खांसी के इलाज में इसका इस्तेमाल किया जाता है, मगर कुछ लोग इसे नशे के रूप में प्रयोग करते हैं।
इसलिए करते हैं सिरप का इस्तेमाल
जानकार बताते हैं कि मेडिकल स्टोर्स में मिलने वाले कफ सिरप का युवा वर्ग नशे के रूप में उपयोग कर रहा है। 13-14 साल के बच्चे भी इस नशे को अपना रहे। इन सिरप का सेवन करने से लगभग दो सौ मिली लीटर शराब के बराबर नशा होता है। मुंह से शराब के जैसी दुर्गंध भी नहीं आती। इस तरह की दवाएं लोगों को डाक्टर की पर्ची के बिना भी मिल जाती है। हालांकि डाक्टर की पर्ची बगैर तो कोई भी दवा नहीं देने का नियम है, जिसका पालन नहीं होता। स्वास्थ्य विभाग ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
महंगी शराब भी है कारण
लोगों का कहना है कि शराब के रेट में इजाफा होने से बच्चे व युवा सस्ते नशा की ओर बढ़ रहे हैं। शराब से आधी कीमत पर ही सिरप मिल जाते हैं। साथ ही नशा भी शराब से ज्यादा होता है। ये नशा स्वास्थ्य के लिए घातक है, फिर भी युवा इसका सेवन कर रहे हैं। 70-75 रुपये की एक शीशी सिरप से ही 300 मिलीलीटर शराब के बराबर नशा हो जाता है, जिसकी अनुमानित कीमत ढाई से तीन सौ रुपये है।
खराब हो सकती है किडनी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि कई कफ सिरप मेंकोडीन फॉस्फेट रहता है। इससे ज्यादा लेने से नशा होने लगता है। अगर लगातार कफ सिरप का सेवन किया जाता है तो इसकी लत लग जाती है, जिससे किडनी का इंफेक्शन समेत कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। कफ सिरप को बिना वजह और ज्यादा मात्रा में लेने से इसमें मौजूद सॉल्ट से व्यक्ति को सुरूर बनता है और खुमारी आती है।
कफ सिरप लेने से वैसा ही आनंद मिलता है जो शराब पीने से आता है। सिरप के लगातार सेवन से इससे शरीर में अधिक मात्रा में डोपामाइन हार्मोन रिलीज होता है। इससे व्यक्ति को खुशी मिलती है। लेकिन, इससे किडनी खराब हो सकती है साथ ही ये ब्रेन पर असर और एलर्जी भी कर देती है।