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खरीद का हाल जानने बस्ती पहुंची लखनऊ की टीम
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खरीद का हाल जानने पहुंची लखनऊ की टीम
अपर आयुक्त और अपर निबंधक सहकारिता ने डाली गेहूं क्रय केंद्रों पर नजर
छह केंद्रों के निरीक्षण में आवक की गति मिली धीमी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। गेहूं खरीद पर शासन गंभीर है। इसके लिए तंत्र मशक्कत भी कर रहा है। गेहूं खरीद का हाल जानने सोमवार को लखनऊ से अपर आयुक्त व अपर निबंधक सहकारिता कृपाशंकर मय दलबल बस्ती आ धमके। यहां सबसे पहले वह खाद्य विभाग के हर्रैया स्थित केंद्र पर पहुंचे जहां तौल होते पाई गई। इसके बाद वे बारी-बारी से पांच अन्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से भी बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की।
दोपहर बाद अचानक खरीद के नोडल अधिकारी यहां पहुंचे। इसकी जानकारी होते ही डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी, जिला प्रबंधक पीसीएफ अमित कुमार चौधरी के अलावा एआर कोऑपरेटिव उनसे मिलने जा पहुंचे। लखनऊ से आते समय नोडल अधिकारी ने सबसे पहले हर्रैया में खाद्य विभाग का गेहूं क्रय केंद्र देखा। यहां के हालात ठीक थे, मगर आवक कम दिखाई दी। आवश्यक दिशा निर्देश देने के बाद वह कप्तानगंज पहुंचे, जहां पीसीएफ का सेंटर देखा। यहां अब तक तौल शुरू ही नहीं हुई थी। अपने सामने ही उन्होंने तौल शुरू कराई। यहां खाद्य विभाग के केंद्र पर एसएमआई रामजन्म वर्मा ने उन्हें अब तक की खरीद का ब्योरा उपलब्ध कराया। इसके बाद टीम नगर बाजार पीसीएफ के सेंटर पर पहुंची। यहां भी तौल होते तो पाई गई, मगर स्थिति बेहतर नहीं पाई गई। अधिकारियों के साथ लखनऊ की टीम मंडी स्थल पहुंची, जहां सदर व साऊंघाट ब्लॉक के केंद्रों पर किसानों की आवाजाही हो रही थी और तौल भी होते पाई गई। करीब घंटे भर यहां रहने के बाद टीम लौटी। इस दौरान नोडल अधिकारी ने किसानों से बातचीत की। किसानों ने बताया कि चूंकि बाजार रेट बढ़ा हुआ है। ऐसे में किसान क्रय केंद्रों पर पहुंचने के बजाय अपना उत्पाद बाजार में ही बेच रहा है। नोडल अधिकारी ने किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि अब तक के निरीक्षण में आवक की कमी पाई गई है। चूंकि केंद्रों पर किसान अपना उत्पाद उस गति से नहीं ला रहे हैं, जिस गति में कटाई हो रही है। बताया कि किसानों ने इसका कारण बाजार मूल्य बढ़ना बताया है।
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अपर आयुक्त और अपर निबंधक सहकारिता ने डाली गेहूं क्रय केंद्रों पर नजर
छह केंद्रों के निरीक्षण में आवक की गति मिली धीमी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। गेहूं खरीद पर शासन गंभीर है। इसके लिए तंत्र मशक्कत भी कर रहा है। गेहूं खरीद का हाल जानने सोमवार को लखनऊ से अपर आयुक्त व अपर निबंधक सहकारिता कृपाशंकर मय दलबल बस्ती आ धमके। यहां सबसे पहले वह खाद्य विभाग के हर्रैया स्थित केंद्र पर पहुंचे जहां तौल होते पाई गई। इसके बाद वे बारी-बारी से पांच अन्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से भी बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की।
दोपहर बाद अचानक खरीद के नोडल अधिकारी यहां पहुंचे। इसकी जानकारी होते ही डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी, जिला प्रबंधक पीसीएफ अमित कुमार चौधरी के अलावा एआर कोऑपरेटिव उनसे मिलने जा पहुंचे। लखनऊ से आते समय नोडल अधिकारी ने सबसे पहले हर्रैया में खाद्य विभाग का गेहूं क्रय केंद्र देखा। यहां के हालात ठीक थे, मगर आवक कम दिखाई दी। आवश्यक दिशा निर्देश देने के बाद वह कप्तानगंज पहुंचे, जहां पीसीएफ का सेंटर देखा। यहां अब तक तौल शुरू ही नहीं हुई थी। अपने सामने ही उन्होंने तौल शुरू कराई। यहां खाद्य विभाग के केंद्र पर एसएमआई रामजन्म वर्मा ने उन्हें अब तक की खरीद का ब्योरा उपलब्ध कराया। इसके बाद टीम नगर बाजार पीसीएफ के सेंटर पर पहुंची। यहां भी तौल होते तो पाई गई, मगर स्थिति बेहतर नहीं पाई गई। अधिकारियों के साथ लखनऊ की टीम मंडी स्थल पहुंची, जहां सदर व साऊंघाट ब्लॉक के केंद्रों पर किसानों की आवाजाही हो रही थी और तौल भी होते पाई गई। करीब घंटे भर यहां रहने के बाद टीम लौटी। इस दौरान नोडल अधिकारी ने किसानों से बातचीत की। किसानों ने बताया कि चूंकि बाजार रेट बढ़ा हुआ है। ऐसे में किसान क्रय केंद्रों पर पहुंचने के बजाय अपना उत्पाद बाजार में ही बेच रहा है। नोडल अधिकारी ने किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि अब तक के निरीक्षण में आवक की कमी पाई गई है। चूंकि केंद्रों पर किसान अपना उत्पाद उस गति से नहीं ला रहे हैं, जिस गति में कटाई हो रही है। बताया कि किसानों ने इसका कारण बाजार मूल्य बढ़ना बताया है।
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