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छुट्टी पर डाक्टर, महिला अस्पताल में अल्ट्रासांउड बंद
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:35 AM IST
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छुट्टी पर डॉक्टर, महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद
हर दिन 400 से ज्यादा मरीजों को होती है जांच
प्राइवेट में लुट रहे मरीज, चांदी काट रहे दलाल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। तमाम प्रयास के डेढ़ साल बाद जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन दो माह पहले शुरू हो गया था, मगर इस पर फिर से ताला लग गया है। क्योंकि इस केंद्र का संचालन करने वाली महिला डॉक्टर लंबे अवकाश पर चली गई हैं। इसके चलते मरीजों का शोषण दलाल फिर से करने लगे हैं।
महिला अस्पताल में हर दिन तकरीब छह सौ से अधिक मरीज ओपीडी में, करीब साठ मरीज डिलिवरी के लिए आते हैं। इनमें से चार सौ का अल्ट्रासाउंड होता है। हालांकि, महिला अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सब कुछ निशुल्क है, मगर भीड़ व डॉक्टर की कमी के चलते मरीजों को बाहर का भी सहारा लेना पड़ता है। फिर भी प्रतिदिन डेढ़ सौ मरीजों को इस सेंटर का लाभ मिल रहा था। तीन दिन पहले अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन करने वाली डॉ. सीमा मैटर्निटी लीव पर चली गई हैं। इसके बाद से इस सेंटर पर ताला लटक गया है। मरीज तो यहां तक पहुंचते हैं, मगर ताला देखकर वापस लौट जाते हैं। सेंटर बंद होने का लाभ अस्पताल में घूमने वाले दलाल उठा रहे हैं वे मरीजों को लेकर मनमाने सेंटरों पर पहुंचा देते हैं, जहां छह सौ रुपये में अल्ट्रासाउंड होता है। इसकी आधी रकम दलाल के जेब में जाती है। अस्पताल में डॉक्टर से सुझाव लेकर अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची तुरकहिया की रेहाना खातून ने कहा कि उन्हें डॉक्टर ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी है, मगर यहां तो सेंटर बंद है। अब बाहर का ही भरोसा है। पुरानी बस्ती की रीवा सिंह कहती हैं कि बाहर जो भी सेंटर चल रहे हैं उनकी रिपोर्ट का कोई भरोसा नहीं है। ऐसे में अब वे जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराएंगी। अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. रंगजी द्विवेदी ने कहा कि वहां की डॉक्टर अवकाश पर चली गई हैं यह संज्ञान में नहीं है। वहां से कोई पत्र आएगा तो कोई न कोई व्यवस्था की जाएगी।
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हर दिन 400 से ज्यादा मरीजों को होती है जांच
प्राइवेट में लुट रहे मरीज, चांदी काट रहे दलाल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। तमाम प्रयास के डेढ़ साल बाद जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन दो माह पहले शुरू हो गया था, मगर इस पर फिर से ताला लग गया है। क्योंकि इस केंद्र का संचालन करने वाली महिला डॉक्टर लंबे अवकाश पर चली गई हैं। इसके चलते मरीजों का शोषण दलाल फिर से करने लगे हैं।
महिला अस्पताल में हर दिन तकरीब छह सौ से अधिक मरीज ओपीडी में, करीब साठ मरीज डिलिवरी के लिए आते हैं। इनमें से चार सौ का अल्ट्रासाउंड होता है। हालांकि, महिला अस्पताल स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सब कुछ निशुल्क है, मगर भीड़ व डॉक्टर की कमी के चलते मरीजों को बाहर का भी सहारा लेना पड़ता है। फिर भी प्रतिदिन डेढ़ सौ मरीजों को इस सेंटर का लाभ मिल रहा था। तीन दिन पहले अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन करने वाली डॉ. सीमा मैटर्निटी लीव पर चली गई हैं। इसके बाद से इस सेंटर पर ताला लटक गया है। मरीज तो यहां तक पहुंचते हैं, मगर ताला देखकर वापस लौट जाते हैं। सेंटर बंद होने का लाभ अस्पताल में घूमने वाले दलाल उठा रहे हैं वे मरीजों को लेकर मनमाने सेंटरों पर पहुंचा देते हैं, जहां छह सौ रुपये में अल्ट्रासाउंड होता है। इसकी आधी रकम दलाल के जेब में जाती है। अस्पताल में डॉक्टर से सुझाव लेकर अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची तुरकहिया की रेहाना खातून ने कहा कि उन्हें डॉक्टर ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी है, मगर यहां तो सेंटर बंद है। अब बाहर का ही भरोसा है। पुरानी बस्ती की रीवा सिंह कहती हैं कि बाहर जो भी सेंटर चल रहे हैं उनकी रिपोर्ट का कोई भरोसा नहीं है। ऐसे में अब वे जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराएंगी। अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. रंगजी द्विवेदी ने कहा कि वहां की डॉक्टर अवकाश पर चली गई हैं यह संज्ञान में नहीं है। वहां से कोई पत्र आएगा तो कोई न कोई व्यवस्था की जाएगी।
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