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मैं जिंदा हूं साहब, पेंशन रोक दी
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:53 PM IST
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मैं जिंदा हूं साहब, पेंशन रोक दी
महिला को मृतक दिखाकर काट दी है पेंशन
पीड़िता को डीएम ने दिया एक साल की पेंशन
डीएम ने जिम्मेदारों से तलब किया जबाब
रामनगर के मझौवालाल सिंह गांव की पीडिता
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। जिसे मृत दिखाकर पेंशन काट दी गई आज वह वृद्धा डीएम के सामने पहुंच गई। पीड़ित महिला ने कहा कि साहब मैं जिंदा हूं। मेरी पेंशन दिला दीजिए। ऐसे हालात देखकर कर भावुक डीएम डॉ. राज शेखर ने एक साल की पेंशन खुद दे दी।
समाज कल्याण विभाग से महिला को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। जिसे मृत दिखा दिया गया। न्याय पाने के लिए वह अधिकारियों के चक्कर लगाने लगी। मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में जब डीएम राजशेखर के सामने प्रस्तुत हुई तो वे भी भौचक रह गए। रामनगर ब्लॉक के मझौवालाल सिंह गांव की वृद्धा दुबरा देवी ने बताया कि एक साल से उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। पड़ताल में मृत दिखाने की जानकारी हुई तो जीवित होने का प्रमाण देने के लिए सभी अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही। कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ा बताते हुए दुबरा देवी की आंखें छलक गईं। डीएम ने गंभीरता से लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी से तलब किया लेकिन वे अनुपस्थित थे। एडीओ समाज कल्याण इस बाबत कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। डीएम ने इसे सिस्टम की गलती मानते हुए दुबरा देवी को एक साल की पेंशन अपनी जेब से निकाल कर उनके हाथों में रखकर महिला के आंसू पोछे। एडीओ समाज कल्याण को सख्त निर्देश दिए। साथ ही पीड़िता का नाम दोबारा जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए सोमवार तक का समय जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिया है।
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मैं जिंदा हूं साहब, पेंशन रोक दी
महिला को मृतक दिखाकर काट दी है पेंशन
पीड़िता को डीएम ने दिया एक साल की पेंशन
डीएम ने जिम्मेदारों से तलब किया जबाब
रामनगर के मझौवालाल सिंह गांव की पीडिता
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। जिसे मृत दिखाकर पेंशन काट दी गई आज वह वृद्धा डीएम के सामने पहुंच गई। पीड़ित महिला ने कहा कि साहब मैं जिंदा हूं। मेरी पेंशन दिला दीजिए। ऐसे हालात देखकर कर भावुक डीएम डॉ. राज शेखर ने एक साल की पेंशन खुद दे दी।
समाज कल्याण विभाग से महिला को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। जिसे मृत दिखा दिया गया। न्याय पाने के लिए वह अधिकारियों के चक्कर लगाने लगी। मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में जब डीएम राजशेखर के सामने प्रस्तुत हुई तो वे भी भौचक रह गए। रामनगर ब्लॉक के मझौवालाल सिंह गांव की वृद्धा दुबरा देवी ने बताया कि एक साल से उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। पड़ताल में मृत दिखाने की जानकारी हुई तो जीवित होने का प्रमाण देने के लिए सभी अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही। कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ा बताते हुए दुबरा देवी की आंखें छलक गईं। डीएम ने गंभीरता से लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी से तलब किया लेकिन वे अनुपस्थित थे। एडीओ समाज कल्याण इस बाबत कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। डीएम ने इसे सिस्टम की गलती मानते हुए दुबरा देवी को एक साल की पेंशन अपनी जेब से निकाल कर उनके हाथों में रखकर महिला के आंसू पोछे। एडीओ समाज कल्याण को सख्त निर्देश दिए। साथ ही पीड़िता का नाम दोबारा जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए सोमवार तक का समय जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिया है।
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