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कृषि विभाग में गोष्ठियों के नाम पर खेल
Updated Mon, 26 Jun 2017 05:11 PM IST
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किसानों के कल्याणार्थ सरकार द्वारा संचालित कृषि योजनाओं को आम किसानों को जानकारी देने, फसलों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा किसानों को मिलने वाली विभागीय सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताने के लिए कृषि विभाग विकास खंड, न्याय पंचायत व जिला स्तर पर गोष्ठी आयोजित कराता है। इस गोष्ठी में विकास खंड स्तर पर चालीस हजार रुपये तो जिला स्तर पर एक लाख रुपये व्यय किए जाते हैं। गोष्ठी में किसान समस्याओं पर भी चर्चा होती है मगर अपने जिले में इन गोष्ठियों को कागजों में आयोजित कर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है। जानकारी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में चालीस गोष्ठियां आयोजित की जा चुकी है। हालांकि यह नियम है कि गोष्ठी से पूर्व प्रचार कराया जाए तथा इसमें जन प्रतिनिधियों की भी भागीदारी होनी चाहिए, मगर जन प्रतिनिधि तो दूर गोष्ठियों की जानकारी तक विभाग किसी को नहीं देता। विभाग द्वारा आयोजित गोष्ठियों में गिने चुने किसानों की उपस्थिति होती है।
पिछले दिनों बस्ती पहुंचे कृषि मंत्री ने जब अधिकारियों से इसकी जानकारी ली तो वे चौंक गए और उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया कि अब से गोष्ठियों में जन प्रतिनिधियों को भी बुलाया जाए, जिससे इसकी सार्थकता सिद्ध हो सके। उप निदेशक कृषि राजित राम ने कहा कि कृषि गोष्ठियों के बारे में अभी कुछ नहीं बता सकता। क्योंकि आज अवकाश है।
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पिछले दिनों बस्ती पहुंचे कृषि मंत्री ने जब अधिकारियों से इसकी जानकारी ली तो वे चौंक गए और उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया कि अब से गोष्ठियों में जन प्रतिनिधियों को भी बुलाया जाए, जिससे इसकी सार्थकता सिद्ध हो सके। उप निदेशक कृषि राजित राम ने कहा कि कृषि गोष्ठियों के बारे में अभी कुछ नहीं बता सकता। क्योंकि आज अवकाश है।
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