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Basti News: 50 लाख से अधिक लागत की 309 परियोजनाएं मिली निर्माणाधीन, आयुक्त हुए सख्त
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आयुक्त सभागार में कमिश्नर अखिलेश सिंह ने अधिकारियों के साथ किया बैठक ।
बस्ती। मंडल में 50 लाख रुपये से अधिक लागत की 309 परियोजनाएं निर्माणाधीन मिली हैं। इसको लेकर आयुक्त अखिलेश सिंह ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया है कि इन सभी परियोजनाओं को समय के भीतर पूरा कराएं।
आयुक्त सोमवार को निर्माण कार्यों की मंडलीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं इस आशय का प्रमाणपत्र दें कि उनके पास 50 लाख रुपये से अधिक के लागत की कोई अन्य परियोजना निर्माणाधीन नहीं है। दरअसल उनकी पहली समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन कुल 250 परियोजनाएं प्रस्तुत की गई थीं, इस बार यह संख्या बढ़कर 309 हो गई है। बस्ती में 82, संतकबीरनगर में 91 तथा सिद्धार्थनगर में 136 परियोजनाएं लंबित हैं। इसमें से 39 परियोजनाएं ही पूर्ण बताई गईं, जबकि 19 परियोजनाएं शुरू ही नहीं हुई हैं।
आयुक्त ने सीडीओ को निर्देशित किया इन परियोजनाओं से जुड़ी समस्या को दूर कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। प्रत्येक जिले में पूर्ण परियोजनाओं को मानक के अनुरूप हैंडओवर कराया जाए। उन्होंने पाया कि डीएम और सीडीओ के संज्ञान में लाए बिना कार्यदायी संस्था द्वारा विभाग को भवन हैंडओवर कर दिया गया। बाद में उसमें खामियां सामने आईं। 90 प्रतिशत निर्माण पूरा होते ही हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। जिन कार्यों के इस्टीमेट में जीएसटी नहीं जुड़ी है, उसके लिए समय से डिमांड भेजी जाए।
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सीएम सूचना सिस्टम पोर्टल पर मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अवस्थापना संबंधी परियोजनाओं की प्रगति अपलोड की जाए। एडी बेसिक संजय शुक्ल ने बताया कि बस्ती सदर एवं विक्रमजोत में कस्तूरबा छात्रावास निर्माण में पैक्सफेड द्वारा गुणवत्ताविहीन कार्य कराया गया है। जिसे दोबारा सही कराना पड़ा। गृह विभाग की ओर से पुलिस लाइन एवं थानों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
आईजी आरके भारद्वाज ने निर्माण में कोई दिक्कत होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था एसपी को अवगत कराए। बताया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम द्वारा अभी भी 2014 एवं 2020 के प्रोजेक्ट पूरे नहीं किए गए हैं।
इस मौके पर उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अंसारी, अपर आयुक्त प्रशासन राजीव पांडेय, जेडीसी पीके शुक्ला, सीडीओ जयदेव सीएस, जयेंद्र कुमार, संत कुमार आदि मौजूद रहे।
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आयुक्त सोमवार को निर्माण कार्यों की मंडलीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं इस आशय का प्रमाणपत्र दें कि उनके पास 50 लाख रुपये से अधिक के लागत की कोई अन्य परियोजना निर्माणाधीन नहीं है। दरअसल उनकी पहली समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन कुल 250 परियोजनाएं प्रस्तुत की गई थीं, इस बार यह संख्या बढ़कर 309 हो गई है। बस्ती में 82, संतकबीरनगर में 91 तथा सिद्धार्थनगर में 136 परियोजनाएं लंबित हैं। इसमें से 39 परियोजनाएं ही पूर्ण बताई गईं, जबकि 19 परियोजनाएं शुरू ही नहीं हुई हैं।
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आयुक्त ने सीडीओ को निर्देशित किया इन परियोजनाओं से जुड़ी समस्या को दूर कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। प्रत्येक जिले में पूर्ण परियोजनाओं को मानक के अनुरूप हैंडओवर कराया जाए। उन्होंने पाया कि डीएम और सीडीओ के संज्ञान में लाए बिना कार्यदायी संस्था द्वारा विभाग को भवन हैंडओवर कर दिया गया। बाद में उसमें खामियां सामने आईं। 90 प्रतिशत निर्माण पूरा होते ही हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। जिन कार्यों के इस्टीमेट में जीएसटी नहीं जुड़ी है, उसके लिए समय से डिमांड भेजी जाए।
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सीएम सूचना सिस्टम पोर्टल पर मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अवस्थापना संबंधी परियोजनाओं की प्रगति अपलोड की जाए। एडी बेसिक संजय शुक्ल ने बताया कि बस्ती सदर एवं विक्रमजोत में कस्तूरबा छात्रावास निर्माण में पैक्सफेड द्वारा गुणवत्ताविहीन कार्य कराया गया है। जिसे दोबारा सही कराना पड़ा। गृह विभाग की ओर से पुलिस लाइन एवं थानों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
आईजी आरके भारद्वाज ने निर्माण में कोई दिक्कत होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था एसपी को अवगत कराए। बताया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम द्वारा अभी भी 2014 एवं 2020 के प्रोजेक्ट पूरे नहीं किए गए हैं।
इस मौके पर उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अंसारी, अपर आयुक्त प्रशासन राजीव पांडेय, जेडीसी पीके शुक्ला, सीडीओ जयदेव सीएस, जयेंद्र कुमार, संत कुमार आदि मौजूद रहे।