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खतरे के निशान से 30 सेमी. ऊपर घाघरा
अमर उजाला बस्ती
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:54 PM IST
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कटान शुरू।
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा नदी के जलस्तर में बृहस्पतिवार को वृद्धि जारी रहने से विक्रमजोत-धुसावा बांध पर दबाव और बढ़ गया है। दुबौलिया क्षेत्र के चांदपुर गांव के पास डेंजरजोन बना हुआ है। नदी की धारा सीधे बंधे से टक्करा रही है। तटबंध के किनारे के गांव धरमूपुर, एहतमाली और पारा गांव के पास तीन किमी. क्षेत्र में बची हुई जमीन भी घाघरा के कटान की भेंट चढ़ रही है। लोलपुर- विक्रमजोत बंधे पर भी दबाव कायम है। कटान का क्रम जारी है।
बाढ़ खंड बंधे की सुरक्षा के लिए मजदूर लगाकर ठोकर को और मजबूत करने में लगा है। सीमेंट के बोरे में रोड़े भरकर बंधे के किनारे लगाए जा रहे हैं। चांदपुर गांव के पास लगातार घाघरा कटान कर रही है। धरमूपुर ऐहतमाली के पास नदी बंधे से होकर बह रही है। देवरागंग, बरार गांव के लोग बंधे पर शरण लेने लगे हैं। किसान पशुओं के चारे की व्यवस्था भी करने में परेशान हैं। क्योंकि खेतों में पानी भर गया है। जलस्तर बढ़ने से अशोकपुर माझा गांव के 14 पुरवों में बाढ़ का खतरा कायम है। जबकि किशुनपुर, मोजपुर रिंग बांध पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। गांव वाले रात को बंधे की रखवाली कर रहे हैं। रिंग बांध की मरम्मत गांव वालों ने मिलकर किया था। प्रशासन ने रिंग बांध के मरम्मत की रकम नहीं दी।
लोलपुर- विक्रमजोत बांध पर दबाव पूर्ववत है। बंधे की सुरक्षा और मजबूत की जा रही है लेकिन घाघरा का कटान जारी है। बाढ़खंड के साथ ही गांव के लोग भी सतत निगरानी रख रहे हैं। गौरियानैन, कल्याणपुर, केशवपुर, मुंडेरी, सहजौरा, भरथापुर, मांझा, भदोई समेत दर्जनों गांव के लोगों की नींद गायब है। क्योंकि बाढ़ का पानी गांव के पास पहुंच गया है। इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाढ़ की चपेट में आ जाएगा।
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केंद्रीय जल आयोग की सूचना के मुताबिक पिछले आठ घंटे से जलस्तर स्थिर बना हुआ है। सुबह 10 बजे तक खतरे के निशान 30 सेमी. ऊपर 93.03 मीटर पर बह रही है।
बंधे का निरीक्षण किया
दुबौलिया। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह ने घाघरा कटान व बाढ़ क्षेत्रों का भ्रमण किया। बंधे के पास टकटकवा, दलपतियापुर, घोसियापुर, केवाड़ी मुस्तहकम गांव में पहुंचकर लोगों से बातचीत करके हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ से निपटने को लेकर पूरी तरह से तैयार है। बंधे के सुरक्षा के लिए सक्त निर्देश प्रशासन को दिए गए है। टकटकवा बंधे और सड़क एप्रोच पर प्रभावी कदम उठाने के लिए डीएम से आग्रह किया। इस मौके पर मो. श्वाले, अयाज अहमद, राजू सिंह, रमेश, वीर प्रताप सिंह मौजूद रहे।
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बाढ़ खंड बंधे की सुरक्षा के लिए मजदूर लगाकर ठोकर को और मजबूत करने में लगा है। सीमेंट के बोरे में रोड़े भरकर बंधे के किनारे लगाए जा रहे हैं। चांदपुर गांव के पास लगातार घाघरा कटान कर रही है। धरमूपुर ऐहतमाली के पास नदी बंधे से होकर बह रही है। देवरागंग, बरार गांव के लोग बंधे पर शरण लेने लगे हैं। किसान पशुओं के चारे की व्यवस्था भी करने में परेशान हैं। क्योंकि खेतों में पानी भर गया है। जलस्तर बढ़ने से अशोकपुर माझा गांव के 14 पुरवों में बाढ़ का खतरा कायम है। जबकि किशुनपुर, मोजपुर रिंग बांध पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। गांव वाले रात को बंधे की रखवाली कर रहे हैं। रिंग बांध की मरम्मत गांव वालों ने मिलकर किया था। प्रशासन ने रिंग बांध के मरम्मत की रकम नहीं दी।
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लोलपुर- विक्रमजोत बांध पर दबाव पूर्ववत है। बंधे की सुरक्षा और मजबूत की जा रही है लेकिन घाघरा का कटान जारी है। बाढ़खंड के साथ ही गांव के लोग भी सतत निगरानी रख रहे हैं। गौरियानैन, कल्याणपुर, केशवपुर, मुंडेरी, सहजौरा, भरथापुर, मांझा, भदोई समेत दर्जनों गांव के लोगों की नींद गायब है। क्योंकि बाढ़ का पानी गांव के पास पहुंच गया है। इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाढ़ की चपेट में आ जाएगा।
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केंद्रीय जल आयोग की सूचना के मुताबिक पिछले आठ घंटे से जलस्तर स्थिर बना हुआ है। सुबह 10 बजे तक खतरे के निशान 30 सेमी. ऊपर 93.03 मीटर पर बह रही है।
बंधे का निरीक्षण किया
दुबौलिया। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह ने घाघरा कटान व बाढ़ क्षेत्रों का भ्रमण किया। बंधे के पास टकटकवा, दलपतियापुर, घोसियापुर, केवाड़ी मुस्तहकम गांव में पहुंचकर लोगों से बातचीत करके हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ से निपटने को लेकर पूरी तरह से तैयार है। बंधे के सुरक्षा के लिए सक्त निर्देश प्रशासन को दिए गए है। टकटकवा बंधे और सड़क एप्रोच पर प्रभावी कदम उठाने के लिए डीएम से आग्रह किया। इस मौके पर मो. श्वाले, अयाज अहमद, राजू सिंह, रमेश, वीर प्रताप सिंह मौजूद रहे।