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कारागार से 26 कैदियों की रिहाई की का रास्ता साफ
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कारागार से 26 कैदियों की रिहाई की का रास्ता साफ
- दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर रिहाई की संभावना
- जेल मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के क्रम में जनपद कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहे 26 कैदियों को जल्द ही समय पूर्व रिहाई का तोहफा मिल सकता है। इसके लिए जेल प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। भेजे गए प्रस्ताव में 25 पुरुष व एक महिला कैदी की गांधी जयंती के अवसर पर रिहाई करने की मंजूरी मांगी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में ही ओवर क्राउडिंग कम करने के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों के समय पूर्व रिहाई के बारे में दिशा निर्देश जारी किया था।
कारागार अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया कि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों में से एक महिला सहित कुल 26 बंदियों को चिह्नित कराया गया है। इनकी सूची तैयार कर जेल मुख्यालय को भेज दिया गया है। तैयार की गई सूची को डीजी के जरिए शासन व सरकार के साथ-साथ राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलते ही जेल में बंदियों को रिहा कर दिया जाएगा। आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों की समय पूर्व रिहाई को लेकर प्रदेश सरकार ने अपनी नीति घोषित कर रखी है। इन बंदियों को नीति के प्रावधानों के तहत उपयुक्त पाए जाने पर प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी, 15 अगस्त तथा गांधी जयंती के मौके पर जेलों से रिहा किया जाता है।
इस नीति के तहत तैयार की गई सूची
शासन द्वारा घोषित नीति के अनुसार आजीवन कारावास में दंडित न्यूनतम 14 वर्ष से 16 वर्ष की सजा काट चुकी महिला कैदियों को रिहाई का पात्र माना गया है। जबकि 16 से 20 वर्ष की सजा काट चुके पुरुष बंदी भी समय पूर्व रिहाई के हकदार होंगे। आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे ऐसे बंदी जो टीबी या दूसरी असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं, वे भी समय पूर्व रिहाई पा सकेंगे। इसी प्रकार से 70 वर्ष की आयु के 12 से 14 वर्ष सजा काट चुके बंदी और 80 आयु वर्ष के 10 वर्ष की सजा काट चुके बंदी भी समय पूर्व रिहाई के दायरे में आएंगे। इनके अलावा 20 से 25 वर्ष की सजा काट चुके आजीवन कारावास से दंडित बंदी समय पूर्व रिहाई के हकदार माने जा सकते हैं।
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- दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर रिहाई की संभावना
- जेल मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजी गई है सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के क्रम में जनपद कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहे 26 कैदियों को जल्द ही समय पूर्व रिहाई का तोहफा मिल सकता है। इसके लिए जेल प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। भेजे गए प्रस्ताव में 25 पुरुष व एक महिला कैदी की गांधी जयंती के अवसर पर रिहाई करने की मंजूरी मांगी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल में ही ओवर क्राउडिंग कम करने के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों के समय पूर्व रिहाई के बारे में दिशा निर्देश जारी किया था।
कारागार अधीक्षक डीके पांडेय ने बताया कि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों में से एक महिला सहित कुल 26 बंदियों को चिह्नित कराया गया है। इनकी सूची तैयार कर जेल मुख्यालय को भेज दिया गया है। तैयार की गई सूची को डीजी के जरिए शासन व सरकार के साथ-साथ राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलते ही जेल में बंदियों को रिहा कर दिया जाएगा। आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों की समय पूर्व रिहाई को लेकर प्रदेश सरकार ने अपनी नीति घोषित कर रखी है। इन बंदियों को नीति के प्रावधानों के तहत उपयुक्त पाए जाने पर प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी, 15 अगस्त तथा गांधी जयंती के मौके पर जेलों से रिहा किया जाता है।
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इस नीति के तहत तैयार की गई सूची
शासन द्वारा घोषित नीति के अनुसार आजीवन कारावास में दंडित न्यूनतम 14 वर्ष से 16 वर्ष की सजा काट चुकी महिला कैदियों को रिहाई का पात्र माना गया है। जबकि 16 से 20 वर्ष की सजा काट चुके पुरुष बंदी भी समय पूर्व रिहाई के हकदार होंगे। आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे ऐसे बंदी जो टीबी या दूसरी असाध्य बीमारियों से पीड़ित हैं, वे भी समय पूर्व रिहाई पा सकेंगे। इसी प्रकार से 70 वर्ष की आयु के 12 से 14 वर्ष सजा काट चुके बंदी और 80 आयु वर्ष के 10 वर्ष की सजा काट चुके बंदी भी समय पूर्व रिहाई के दायरे में आएंगे। इनके अलावा 20 से 25 वर्ष की सजा काट चुके आजीवन कारावास से दंडित बंदी समय पूर्व रिहाई के हकदार माने जा सकते हैं।
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