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छह को मिला आतिशबाजी का लाइसेंस
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:39 PM IST
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89 बकायेदारों को नोटिस जारी
बस्ती।
करोड़ों रुपये बकाये की मार झेल रही बिजली विभाग अब उसे वसूलने की योजना को अमली जामा पहनाने में जुट गया है। इसके लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की जा रही है। पहले चरण में बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करने की तैयारी को कार्य रूप दिया जाने लगा है। विभाग ने इसके लिए 89 बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद भी बकाया जमा न हुआ तो आरसी की कार्रवाई होगी।
विद्युत विभाग का उपभोक्ताओं पर करीब चार करोड़ों रुपये बकाया है। इस बकाया की वसूली के लिए निगम ने एक मुश्त समझौता योजना लागू की थी। इसमें उपभोक्ताओं को बातचीत के आधार पर बकाया में सरचार्ज घटाकर बिल भुगतान की व्यवस्था बनाई गई थी। योजना के तकरीबन एक हजार लोगों ने पंजीकरण कराया और योजना का लाभ लिया। इन्हीं में 89 उपभोक्ता ऐसे थे, जिनका बकाया 50 हजार से एक लाख तक था। पंजीकरण कराए, मगर इसके बाद लापता हो गए। विभाग ने तमाम प्रयास किया, मगर इन लोगों ने योजना में शामिल होने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद समय सीमा समाप्त हो गई। अब विभाग ने बकाया वसूली को लेकर कार्रवाई की रणनीति बनाया तो सबसे पहले तकरीबन 82 लाख के 89 इन बकायेदारों को सूचीबद्ध कर पहले इन्हें ही नोटिस दिया गया है। इस नोटिस में बकाया भुगतान का निर्देश दिया गया है, मगर एक माह की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद इन के खिलाफ आरसी जारी कर दी जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी इसके अलावा एक और सूची उन लोगों की बनाई जा रही है जो एक लाख से अधिक के बकायेदार हैं। मगर वे बिल जमा करने से बच रहे हैं। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण प्रथम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पंजीकृत इन उपभोक्ताओं पर करीब 82 लाख रुपये बकाया है। नोटिस भेजा जा रहा है। इसके बाद आरसी की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि दूसरे चरण में रूटीन के बकायेदार जो एक लाख से अधिक के बकायेदार हैं को सूचीबद्ध कर नोटिस दिया जाएगा। इसकी सूची तैयार हो रही है।
30 तक खाते में होगा ऋण माफी का धन
बस्ती।
प्रशासन किसानों के खाते में ऋण माफी का धन भेजने की अंतिम तैयारी कर रहा है। हालांकि, इसकी डेडलाइन 30 सितंबर तक है, मगर प्रशासन का दावा है कि वह समय से पहले सभी किसानों के खाते में ऋण माफी की रकम को भेज देगा। इस कार्य में सबसे बड़ा बाधा किसानों के आधार कार्ड को उनके खाते को संचित कर उसे बैंकों से लिंक करना रहा है, जिसे पूरा कर लिया गया है, बस उसे फाइनल टच दिया जा रहा है।
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ऋण माफी को लेकर किसानों से अधिक इससे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी परेशान रहे। बैंकों के सही सूचना न देने और वास्तविक किसान को तलाशने को लेकर प्रशासन को सबसे अधिक होमवर्क करना पड़ा। इस योजना के सचिव सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय का कहना है कि योजना में कोई चूक न रहे। इसके लिए अधिकारियों और लेखपालों सहित अन्य राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों ने रात-दिन एक कर दिया। किसानों के पास आधार कार्ड का न होना भी बड़ी समस्या रही है। बताया कि जब यह योजना शुरू हुई तो इसके दायरे में आने वाले 80 हजार से अधिक किसानों में से अधिकांश के पास आधार कार्ड ही नहीं था। जबकि बिना आधार कार्ड को बैंक से लिंक कराए किसी किसान का ऋण नहीं माफ होता। इसके लिए बैंकों में ही आधार कार्ड बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। कैंप लगाए गए। तब जाकर कहीं 90 फीसद किसानों का आधार कार्ड संचित हो सका। अब इन सभी के कार्ड को लिंक करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बताया कि अब 33821 किसानों के खाते में 160 करोड़ की रकम भेजी जा चुकी है। अवशेष की रकम 30 से पहले भेज दी जाएगी। इस योजना में कुल चार अरब से अधिक सरकार ऋण माफ कर रही है।
फोटो
साहब! राशन मांगने पर कोटेदार धमकाता है
तुरकौलिया राय के कोटेदार की विधायक, एसडीएम से शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। रामनगर ब्लॉक के तुरकौलिया राय के कोटेदार कृष्ण देव की शिकायत उपभोक्ताओं ने विधायक और एसडीएम से की है। कोटेदार पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
आज्ञाराम के नेतृत्व में तहसील पहुंचे गांव वालों ने विधायक और एसडीएम को सामूहिक तौर पर शिकायती पत्र दिया है। कहा है कि जब ग्रामीण राशन लेने जाते हैं तो उन्हें राशन देने से मना कर दिया जाता हैं। दोबारा आने पर जूते से मारने की बात कही जाती है। कोटेदार के कार्य और अभद्र व्यवहार से आहत गांव वालों ने एसडीएम से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने कोटेदार की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीएम को कहा। एसडीएम हरिश्चन्द्र सिंह ने मामले की जांच के लिए आपूर्ति निरीक्षक रामनगर को निर्देशित किया है। इस मौके पर उमेश चन्द्र शुक्ल, फूलकुमारी, आरती देवी के साथ गांव के तमाम पुरुष और महिलाएं शामिल रहीं।
एसडीएम से शिकायत
रुधौली। क्षेत्र के ग्राम पंचायत मूड़ाडीहा उर्फ भोपालपुर कोटेदार परिवार के खिलाफ राशन कार्ड बनवा कर गलत ढंग से लाभ उठाने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप गांव के हियुवा कार्यकर्ता प्रवीन चौधरी ने लगाते हुए जांच की मांग की है। एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि कोटेदार अवधेश यादव की बड़ी बहू राधिका जो अंत्योदय कार्ड धारक हैं आगंनबाड़ी में कार्यरत हैं। इनकी छोटी बहू सुनीता ग्राम प्रधान हैं, मगर उनका नाम पात्र गृहस्थी सूची में है। सुनीता के पति विदेेश में नौकरी करते हैं। प्रधानी का पूरा कार्यभार अवधेश यादव देखते हैं। पूरा परिवार एक साथ रहता है, मगर दिखाने के लिए परिवार रजिस्टर में अलग-अलग होने की बात दर्ज करा दी है। उन्होंने जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है। एसडीएम ने एडीओ पंचायत को जांच के लिए निर्देश दिए हैं।
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बस्ती।
करोड़ों रुपये बकाये की मार झेल रही बिजली विभाग अब उसे वसूलने की योजना को अमली जामा पहनाने में जुट गया है। इसके लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की जा रही है। पहले चरण में बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करने की तैयारी को कार्य रूप दिया जाने लगा है। विभाग ने इसके लिए 89 बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद भी बकाया जमा न हुआ तो आरसी की कार्रवाई होगी।
विद्युत विभाग का उपभोक्ताओं पर करीब चार करोड़ों रुपये बकाया है। इस बकाया की वसूली के लिए निगम ने एक मुश्त समझौता योजना लागू की थी। इसमें उपभोक्ताओं को बातचीत के आधार पर बकाया में सरचार्ज घटाकर बिल भुगतान की व्यवस्था बनाई गई थी। योजना के तकरीबन एक हजार लोगों ने पंजीकरण कराया और योजना का लाभ लिया। इन्हीं में 89 उपभोक्ता ऐसे थे, जिनका बकाया 50 हजार से एक लाख तक था। पंजीकरण कराए, मगर इसके बाद लापता हो गए। विभाग ने तमाम प्रयास किया, मगर इन लोगों ने योजना में शामिल होने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद समय सीमा समाप्त हो गई। अब विभाग ने बकाया वसूली को लेकर कार्रवाई की रणनीति बनाया तो सबसे पहले तकरीबन 82 लाख के 89 इन बकायेदारों को सूचीबद्ध कर पहले इन्हें ही नोटिस दिया गया है। इस नोटिस में बकाया भुगतान का निर्देश दिया गया है, मगर एक माह की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद इन के खिलाफ आरसी जारी कर दी जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी इसके अलावा एक और सूची उन लोगों की बनाई जा रही है जो एक लाख से अधिक के बकायेदार हैं। मगर वे बिल जमा करने से बच रहे हैं। उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण प्रथम मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पंजीकृत इन उपभोक्ताओं पर करीब 82 लाख रुपये बकाया है। नोटिस भेजा जा रहा है। इसके बाद आरसी की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि दूसरे चरण में रूटीन के बकायेदार जो एक लाख से अधिक के बकायेदार हैं को सूचीबद्ध कर नोटिस दिया जाएगा। इसकी सूची तैयार हो रही है।
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30 तक खाते में होगा ऋण माफी का धन
बस्ती।
प्रशासन किसानों के खाते में ऋण माफी का धन भेजने की अंतिम तैयारी कर रहा है। हालांकि, इसकी डेडलाइन 30 सितंबर तक है, मगर प्रशासन का दावा है कि वह समय से पहले सभी किसानों के खाते में ऋण माफी की रकम को भेज देगा। इस कार्य में सबसे बड़ा बाधा किसानों के आधार कार्ड को उनके खाते को संचित कर उसे बैंकों से लिंक करना रहा है, जिसे पूरा कर लिया गया है, बस उसे फाइनल टच दिया जा रहा है।
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ऋण माफी को लेकर किसानों से अधिक इससे जुड़े अधिकारी और कर्मचारी परेशान रहे। बैंकों के सही सूचना न देने और वास्तविक किसान को तलाशने को लेकर प्रशासन को सबसे अधिक होमवर्क करना पड़ा। इस योजना के सचिव सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय का कहना है कि योजना में कोई चूक न रहे। इसके लिए अधिकारियों और लेखपालों सहित अन्य राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों ने रात-दिन एक कर दिया। किसानों के पास आधार कार्ड का न होना भी बड़ी समस्या रही है। बताया कि जब यह योजना शुरू हुई तो इसके दायरे में आने वाले 80 हजार से अधिक किसानों में से अधिकांश के पास आधार कार्ड ही नहीं था। जबकि बिना आधार कार्ड को बैंक से लिंक कराए किसी किसान का ऋण नहीं माफ होता। इसके लिए बैंकों में ही आधार कार्ड बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। कैंप लगाए गए। तब जाकर कहीं 90 फीसद किसानों का आधार कार्ड संचित हो सका। अब इन सभी के कार्ड को लिंक करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बताया कि अब 33821 किसानों के खाते में 160 करोड़ की रकम भेजी जा चुकी है। अवशेष की रकम 30 से पहले भेज दी जाएगी। इस योजना में कुल चार अरब से अधिक सरकार ऋण माफ कर रही है।
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साहब! राशन मांगने पर कोटेदार धमकाता है
तुरकौलिया राय के कोटेदार की विधायक, एसडीएम से शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। रामनगर ब्लॉक के तुरकौलिया राय के कोटेदार कृष्ण देव की शिकायत उपभोक्ताओं ने विधायक और एसडीएम से की है। कोटेदार पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
आज्ञाराम के नेतृत्व में तहसील पहुंचे गांव वालों ने विधायक और एसडीएम को सामूहिक तौर पर शिकायती पत्र दिया है। कहा है कि जब ग्रामीण राशन लेने जाते हैं तो उन्हें राशन देने से मना कर दिया जाता हैं। दोबारा आने पर जूते से मारने की बात कही जाती है। कोटेदार के कार्य और अभद्र व्यवहार से आहत गांव वालों ने एसडीएम से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने कोटेदार की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीएम को कहा। एसडीएम हरिश्चन्द्र सिंह ने मामले की जांच के लिए आपूर्ति निरीक्षक रामनगर को निर्देशित किया है। इस मौके पर उमेश चन्द्र शुक्ल, फूलकुमारी, आरती देवी के साथ गांव के तमाम पुरुष और महिलाएं शामिल रहीं।
एसडीएम से शिकायत
रुधौली। क्षेत्र के ग्राम पंचायत मूड़ाडीहा उर्फ भोपालपुर कोटेदार परिवार के खिलाफ राशन कार्ड बनवा कर गलत ढंग से लाभ उठाने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप गांव के हियुवा कार्यकर्ता प्रवीन चौधरी ने लगाते हुए जांच की मांग की है। एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि कोटेदार अवधेश यादव की बड़ी बहू राधिका जो अंत्योदय कार्ड धारक हैं आगंनबाड़ी में कार्यरत हैं। इनकी छोटी बहू सुनीता ग्राम प्रधान हैं, मगर उनका नाम पात्र गृहस्थी सूची में है। सुनीता के पति विदेेश में नौकरी करते हैं। प्रधानी का पूरा कार्यभार अवधेश यादव देखते हैं। पूरा परिवार एक साथ रहता है, मगर दिखाने के लिए परिवार रजिस्टर में अलग-अलग होने की बात दर्ज करा दी है। उन्होंने जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है। एसडीएम ने एडीओ पंचायत को जांच के लिए निर्देश दिए हैं।