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मुरव्वत में ढिलाई,बेकाबू हुए कांवड़यात्री
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:31 PM IST
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ढील मिली तो बेकाबू होंगे कांवड़िए
बस्ती।
पिछले वर्ष की तरह पुलिस प्रशासन ने ढुलमुल रवैया अपनाया तो कांवड़ियों को काबू करना इस बार भी मुश्किल हो जाएगा। पिछले वर्ष इसी चूक की वजह से बवाल की चिंगारी भड़की। 30 जुलाई 2016 को कप्तानगंज में कांवड़ियों के चलते अराजकता पैदा हो गई थी। व्यवस्था से नाराज कांवड़ियों के उग्र होने के बाद बड़ी तादाद में तैनात पुलिस बल असहाय हो गया।
गोरखपुर के जिला जज की कार तोड़ डाली गई। उनके गनर और ड्राइवर से मारपीट की गई। जज को भी चोटें आईं और सीओ को जान बचाकर भागना पड़ा। संघर्ष इतना बढ़ा कि उसमें घायल कांवड़ यात्री हनुमान चौधरी की अस्पताल में मौत हो गई थी। बाद में जब पुलिस और अन्य स्तर से जांच की गई तो स्पष्ट हुआ कि रूट में खामी और असमंजस भरे आदेश की वजह से घटना हुई। अदूरदर्शी तरीके से प्लान बनाए गए और तात्कालिक निर्णय लेने में गलती हुई, जिससे बवाल शांत होने की जगह बढ़ता गया।
आवागमन खोलने-बंद करने में असमंजस
फोरलेन हाईवे पर आवागमन शुरू करने अथवा रोकने के बारे में पिछली बार 29 जुलाई को ही प्रशासन ने हाईवे सील करने का फरमान जारी कर दिया था लेकिन वाहनों का आवागमन बंद नहीं हुआ। एक लेन चालू करने की वजह से तमाम छोटे-बड़े वाहन भी कांवड़ियों के रूट पर आते-जाते रहे। इसी वजह से विक्रमजोत के पास कांवड़ियों से पुलिस की झड़प हो चुकी थी। कई अन्य यात्री चोटहिल हो चुके थे। इससे कांवड़ यात्री भड़क गए थे। कुर्सी पर बैठने को लेकर थानेदार से बहस के बाद वे वैसे भी आक्रोशित थे, इसी बीच साइड लेन में गोरखपुर के जिला जज की कार पहुंच गई। उस कार के पहुंचने से थके-मादे कांवड़ यात्रियों के विश्राम में खलल पड़ी तो वे आपा खो बैठे।
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डायवर्जन के लिए लिखा-पढ़ी चालू
18 जुलाई को रात आठ बजे से 21 जुलाई मध्य रात्रि तक गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहेगा। एसपी संकल्प शर्मा ने एसएसपी फैजाबाद से अनुरोध किया है कि उक्त मध्य रात्रि से लखनऊ-बाराबंकी की ओर से आने वाले वाहनों को वाया बस्ती कोई वाहन न आने दें। जिला मजिस्ट्रेट सिद्धर्थनगर को गोरखपुर की ओर से आने वाले वाहनों को खलीलाबाद और बस्ती से डायवर्ट करने के बाद आगे रवाना करने का अनुरोध किया गया है। अंबेडकर नगर के एसपी से भी पुलिस संपर्क कर चुकी है, जिनसे टांडा-कलवारी रूट से आवागमन बंद रखने का आग्रह किया गया है।
300 होमगार्ड्स तैनात होंगे
कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भारी तादाद में होमगार्ड्स तैनात किए जाएंगे। एसपी के अनुसार तीन सौ जवान थानावार तैनात किए जाएंगे। सबसे ज्यादा कोतवाली में सौ, पुरानी बस्ती में 30 और हर्रेया थाने को 35 होमगार्ड्स दिए जाएंगे। पुलिस लाइंस और ट्रैफिक कार्यालय में 20-20 जवान रिजर्व रखे जाएंगे।
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बस्ती।
पिछले वर्ष की तरह पुलिस प्रशासन ने ढुलमुल रवैया अपनाया तो कांवड़ियों को काबू करना इस बार भी मुश्किल हो जाएगा। पिछले वर्ष इसी चूक की वजह से बवाल की चिंगारी भड़की। 30 जुलाई 2016 को कप्तानगंज में कांवड़ियों के चलते अराजकता पैदा हो गई थी। व्यवस्था से नाराज कांवड़ियों के उग्र होने के बाद बड़ी तादाद में तैनात पुलिस बल असहाय हो गया।
गोरखपुर के जिला जज की कार तोड़ डाली गई। उनके गनर और ड्राइवर से मारपीट की गई। जज को भी चोटें आईं और सीओ को जान बचाकर भागना पड़ा। संघर्ष इतना बढ़ा कि उसमें घायल कांवड़ यात्री हनुमान चौधरी की अस्पताल में मौत हो गई थी। बाद में जब पुलिस और अन्य स्तर से जांच की गई तो स्पष्ट हुआ कि रूट में खामी और असमंजस भरे आदेश की वजह से घटना हुई। अदूरदर्शी तरीके से प्लान बनाए गए और तात्कालिक निर्णय लेने में गलती हुई, जिससे बवाल शांत होने की जगह बढ़ता गया।
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आवागमन खोलने-बंद करने में असमंजस
फोरलेन हाईवे पर आवागमन शुरू करने अथवा रोकने के बारे में पिछली बार 29 जुलाई को ही प्रशासन ने हाईवे सील करने का फरमान जारी कर दिया था लेकिन वाहनों का आवागमन बंद नहीं हुआ। एक लेन चालू करने की वजह से तमाम छोटे-बड़े वाहन भी कांवड़ियों के रूट पर आते-जाते रहे। इसी वजह से विक्रमजोत के पास कांवड़ियों से पुलिस की झड़प हो चुकी थी। कई अन्य यात्री चोटहिल हो चुके थे। इससे कांवड़ यात्री भड़क गए थे। कुर्सी पर बैठने को लेकर थानेदार से बहस के बाद वे वैसे भी आक्रोशित थे, इसी बीच साइड लेन में गोरखपुर के जिला जज की कार पहुंच गई। उस कार के पहुंचने से थके-मादे कांवड़ यात्रियों के विश्राम में खलल पड़ी तो वे आपा खो बैठे।
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डायवर्जन के लिए लिखा-पढ़ी चालू
18 जुलाई को रात आठ बजे से 21 जुलाई मध्य रात्रि तक गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर आवागमन प्रभावित रहेगा। एसपी संकल्प शर्मा ने एसएसपी फैजाबाद से अनुरोध किया है कि उक्त मध्य रात्रि से लखनऊ-बाराबंकी की ओर से आने वाले वाहनों को वाया बस्ती कोई वाहन न आने दें। जिला मजिस्ट्रेट सिद्धर्थनगर को गोरखपुर की ओर से आने वाले वाहनों को खलीलाबाद और बस्ती से डायवर्ट करने के बाद आगे रवाना करने का अनुरोध किया गया है। अंबेडकर नगर के एसपी से भी पुलिस संपर्क कर चुकी है, जिनसे टांडा-कलवारी रूट से आवागमन बंद रखने का आग्रह किया गया है।
300 होमगार्ड्स तैनात होंगे
कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भारी तादाद में होमगार्ड्स तैनात किए जाएंगे। एसपी के अनुसार तीन सौ जवान थानावार तैनात किए जाएंगे। सबसे ज्यादा कोतवाली में सौ, पुरानी बस्ती में 30 और हर्रेया थाने को 35 होमगार्ड्स दिए जाएंगे। पुलिस लाइंस और ट्रैफिक कार्यालय में 20-20 जवान रिजर्व रखे जाएंगे।