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सीएमओ समेत 21 अधिकारी-कर्मचारी मिले अनुपस्थित
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सीएमओ समेत 21 अधिकारी-कर्मचारी मिले गैरहाजिर
बस्ती। शासन के कड़े रुख के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय आने में लेटलतीफी जारी है। इसकी पुष्टि सोमवार को डीएम सौम्या अग्रवाल के जिला अस्पताल के निरीक्षण में एक बार फिर हुई है। सीएमओ समेत 21 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले जिनका डीएम ने वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिला अस्पताल परिसर में ही सीएमओ का कार्यालय भी है। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल सुबह करीब साढ़े दस बजे यहां पहुंचीं तो सीमएओ डॉ.चंद्रशेखर का कक्ष बंद मिला। इनके अलावा एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन, डॉ. सीएल कन्नौजिया, डिप्टी सीएमओ डॉ. जय सिंह भी अनुपस्थित पाए गए। मौके पर मिले कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को सुबह दस बजे हर हाल में कार्यालय में बैठना है। लेकिन, साढ़े दस बजे भी इन अधिकारियों का गैरहाजिर रहना बेहद गंभीर है।
इस दौरान डीएम ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति पत्रावलियों के रख-रखाव के कार्य का निरीक्षण किया। भारी संख्या में पत्रावलियों के लंबित होने पर डीएम ने लिपिक उमेश चंद्र एवं ममता का वेतन पत्रावलियों के निस्तारण होने तक के लिए रोक दिया। सीएमओ कार्यालय में निरीक्षण के दौरान पीएमडब्ल्यू हुदा परवीन, सीएचओ सुनील कुमार वर्मा, वरिष्ठ सहायक कृष्णा देवी, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, प्रेम बहादुर सिंह, अमित कुमार सिंह, हरिओम, मारवीन मशीद भी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने इनका भी वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
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लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले की जांच के लिए डीडीओ नामित
रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पेंशनर्स पोर्टल के उद्घाटन के अवसर पर जिले के पेंशनरों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया था कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पत्रावलियां सीएमओ कार्यालय में लंबे समय तक परीक्षण के नाम पर संबंधित लिपिक द्वारा निस्तारित नहीं की जाती हैं। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण के विस्तृत जांच के लिए जिला विकास अधिकारी को नामित किया है। इसके बाद डीएम जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय पहुंचीं। यहां उनके कार्यालय लिपिकीय संवर्ग के बृजेश कुमार, शोभित चौधरी, रूपम सोनी, लालमन, असलम, अनु सिंह, अनुपम वर्मा, सीपी चौधरी अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने इन सभी का भी वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
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बस्ती। शासन के कड़े रुख के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय आने में लेटलतीफी जारी है। इसकी पुष्टि सोमवार को डीएम सौम्या अग्रवाल के जिला अस्पताल के निरीक्षण में एक बार फिर हुई है। सीएमओ समेत 21 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले जिनका डीएम ने वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिला अस्पताल परिसर में ही सीएमओ का कार्यालय भी है। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल सुबह करीब साढ़े दस बजे यहां पहुंचीं तो सीमएओ डॉ.चंद्रशेखर का कक्ष बंद मिला। इनके अलावा एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन, डॉ. सीएल कन्नौजिया, डिप्टी सीएमओ डॉ. जय सिंह भी अनुपस्थित पाए गए। मौके पर मिले कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को सुबह दस बजे हर हाल में कार्यालय में बैठना है। लेकिन, साढ़े दस बजे भी इन अधिकारियों का गैरहाजिर रहना बेहद गंभीर है।
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इस दौरान डीएम ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति पत्रावलियों के रख-रखाव के कार्य का निरीक्षण किया। भारी संख्या में पत्रावलियों के लंबित होने पर डीएम ने लिपिक उमेश चंद्र एवं ममता का वेतन पत्रावलियों के निस्तारण होने तक के लिए रोक दिया। सीएमओ कार्यालय में निरीक्षण के दौरान पीएमडब्ल्यू हुदा परवीन, सीएचओ सुनील कुमार वर्मा, वरिष्ठ सहायक कृष्णा देवी, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, प्रेम बहादुर सिंह, अमित कुमार सिंह, हरिओम, मारवीन मशीद भी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने इनका भी वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
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लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति मामले की जांच के लिए डीडीओ नामित
रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पेंशनर्स पोर्टल के उद्घाटन के अवसर पर जिले के पेंशनरों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया था कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पत्रावलियां सीएमओ कार्यालय में लंबे समय तक परीक्षण के नाम पर संबंधित लिपिक द्वारा निस्तारित नहीं की जाती हैं। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण के विस्तृत जांच के लिए जिला विकास अधिकारी को नामित किया है। इसके बाद डीएम जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय पहुंचीं। यहां उनके कार्यालय लिपिकीय संवर्ग के बृजेश कुमार, शोभित चौधरी, रूपम सोनी, लालमन, असलम, अनु सिंह, अनुपम वर्मा, सीपी चौधरी अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने इन सभी का भी वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।