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घर में घुस रहा पानी, जिम्मेदार साधे हैं चुप्पी
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घर में घुस रहा पानी, जिम्मेदार साधे हैं चुप्पी
पालिका क्षेत्र के कटरा इलाके में अधूरे नाले से परेशान हैं नागरिक
बीमारी का खतरा बढ़ा, शिकायत पर भी नहीं मिला निदान
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर को साफ-सुथरा रखने की जितनी जिम्मेदारी नागरिकों की है उससे अधिक पालिका प्रशासन की। यही नहीं स्वच्छता का तमाम कार्यक्रम भी शहर में चलाया जा रहा है, मगर इसी शहर के एक छोर पर स्थित कटरा मोहल्ले में स्थिति बेहद दयनीय है। यहां अधूरा नाला निर्माण ने नागरिकों की नींद उड़ा दी है। इनके घरों में इसी नाले का पानी घुस गया है, जिससे वे परेशान हैं। यह स्थिति कोई एक दो दिन से नहीं बल्कि पिछले तीन साल से है। नागरिक शिकायत कर हार चुके हैं।
उक्त मोहल्ले में तीन वर्ष पूर्व पानी निकास के लिए नाला का निर्माण पालिका ने कराया था, मगर यह नाला न जाने किन कारणों से पूरा नहीं हो सका। तभी से इसी नाले का पानी ओवरफ्लो होकर नागरिकों के लिए सिरदर्द पैदा कर रहा है। नागरिक तहसील दिवस व पालिका में शिकायत दर्ज कराने के अलावा डीएम के जनता दर्शन तक में अपनी समस्या उठा चुुके हैं, मगर अब तक इसका निदान नहीं हो सका है।
मोहल्ला निवासी ट्रांसपोर्ट का कारोबार करने वाले अरविंद कुमार कहते हैं कि उनके कारोबार पर इस नाला के चलते प्रभाव पड़ा है। बेसमेंट जहां सामान आदि रखे जाते हैं वहां तक पानी घुस गया, जिससे अब इसका उपयोग ही बंद कर दिए हैं।
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मोहल्ला निवासी रीतेश अग्रहरि कहते हैं कि नाला निर्माण को पूरा नहीं कराया गया। यही नहीं इस पर ढक्कन की भी व्यवस्था नहीं है, जिससे आए दिन गाड़ियां इसमें फंसती हैं। रात के अंधेरे में तो कई लोग इसमें गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
गृहणी प्रियंका कहती हैं कि नाले का पानी घर में है, जिससे नल का पानी दूषित हो गया। पति रमेश कुमार को पिछले दिनों इसी पानी के चलते पीलिया हो गया और उनकी मौत हो गई, मगर पालिका के जिम्मेदार फिर भी नहीं जागे।
भानमति कहती हैं कि नाला का पानी घर घुस रहा है। जिससे घर की दीवार सीलन की चपेट में आ गई है। भवन के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। अफसरों से शिकायत के बाद भी हमारी कोई सुनने वाला कोई नहीं है।
वार्ड सदस्य मीरा राय कहती हैं कि यह समस्या अभी संज्ञान में आई है। इसे दूर करने के लिए पालिका के अधिकारियों से बातचीत की गई है। नाला निर्माण अधूरा है, ऐसे में जब तक यह पूरा नहीं होगा, तब तक दिक्कत है।
पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि नाला निर्माण मेरे कार्यकाल में नहीं हुआ है। यह मेरे संज्ञान में भी नहीं था। अब जानकारी हो गई है इस समस्या को दूर करने के लिए रास्ता जरूर निकाला जाएगा।
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पालिका क्षेत्र के कटरा इलाके में अधूरे नाले से परेशान हैं नागरिक
बीमारी का खतरा बढ़ा, शिकायत पर भी नहीं मिला निदान
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर को साफ-सुथरा रखने की जितनी जिम्मेदारी नागरिकों की है उससे अधिक पालिका प्रशासन की। यही नहीं स्वच्छता का तमाम कार्यक्रम भी शहर में चलाया जा रहा है, मगर इसी शहर के एक छोर पर स्थित कटरा मोहल्ले में स्थिति बेहद दयनीय है। यहां अधूरा नाला निर्माण ने नागरिकों की नींद उड़ा दी है। इनके घरों में इसी नाले का पानी घुस गया है, जिससे वे परेशान हैं। यह स्थिति कोई एक दो दिन से नहीं बल्कि पिछले तीन साल से है। नागरिक शिकायत कर हार चुके हैं।
उक्त मोहल्ले में तीन वर्ष पूर्व पानी निकास के लिए नाला का निर्माण पालिका ने कराया था, मगर यह नाला न जाने किन कारणों से पूरा नहीं हो सका। तभी से इसी नाले का पानी ओवरफ्लो होकर नागरिकों के लिए सिरदर्द पैदा कर रहा है। नागरिक तहसील दिवस व पालिका में शिकायत दर्ज कराने के अलावा डीएम के जनता दर्शन तक में अपनी समस्या उठा चुुके हैं, मगर अब तक इसका निदान नहीं हो सका है।
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मोहल्ला निवासी ट्रांसपोर्ट का कारोबार करने वाले अरविंद कुमार कहते हैं कि उनके कारोबार पर इस नाला के चलते प्रभाव पड़ा है। बेसमेंट जहां सामान आदि रखे जाते हैं वहां तक पानी घुस गया, जिससे अब इसका उपयोग ही बंद कर दिए हैं।
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मोहल्ला निवासी रीतेश अग्रहरि कहते हैं कि नाला निर्माण को पूरा नहीं कराया गया। यही नहीं इस पर ढक्कन की भी व्यवस्था नहीं है, जिससे आए दिन गाड़ियां इसमें फंसती हैं। रात के अंधेरे में तो कई लोग इसमें गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
गृहणी प्रियंका कहती हैं कि नाले का पानी घर में है, जिससे नल का पानी दूषित हो गया। पति रमेश कुमार को पिछले दिनों इसी पानी के चलते पीलिया हो गया और उनकी मौत हो गई, मगर पालिका के जिम्मेदार फिर भी नहीं जागे।
भानमति कहती हैं कि नाला का पानी घर घुस रहा है। जिससे घर की दीवार सीलन की चपेट में आ गई है। भवन के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। अफसरों से शिकायत के बाद भी हमारी कोई सुनने वाला कोई नहीं है।
वार्ड सदस्य मीरा राय कहती हैं कि यह समस्या अभी संज्ञान में आई है। इसे दूर करने के लिए पालिका के अधिकारियों से बातचीत की गई है। नाला निर्माण अधूरा है, ऐसे में जब तक यह पूरा नहीं होगा, तब तक दिक्कत है।
पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि नाला निर्माण मेरे कार्यकाल में नहीं हुआ है। यह मेरे संज्ञान में भी नहीं था। अब जानकारी हो गई है इस समस्या को दूर करने के लिए रास्ता जरूर निकाला जाएगा।