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नीतियों के विरोध में बंद रहीं दवा दुकानें
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:36 PM IST
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हड़ताल के कारण बंद रही दवा की दुकानें।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। सरकार की नीतियों के विरोध में दवा विक्रेताओं ने दुकानें बंद रखीं। जिससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान बैठक कर मांगों का ज्ञापन डीएम को दिया। बताया कि आए दिन ऐसे नियम बनाए जा रहे हैं, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो रहा है।
ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के देश व्यापी बंद के समर्थन में बस्ती केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने दुकानें बंद रखीं। जिला कार्यालय में बैठक कर सरकार की नीतियों का विरोध जताया। संरक्षक राना दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि समस्याओं से केंद्र और प्रदेश सरकार को अवगत कराते रहे, लेकिन अनसुना किया गया मजबूरन बंदी का फैसला किया गया। जिला अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा व्यवसाय है। लोगों की पीड़ा में दिन रात साथ देते हैं, लेकिन सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली सरकार को हमारा दर्द नहीं दिखता है। महामंत्री अशोक सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या फार्मासिस्ट की है। जिसकी अनिवार्यता पर सरकार से बीच का रास्ता निकालने की गुजारिश की गई थी लेकिन सरकार ने विचार तक नहीं किया। ई-फार्मेसी का कानून न होने के बावजूद ई-फार्मेसी से दवा का व्यवसाय हो रहा है। इसे अविलंब बंद करने की मांग की गई इससे उलट सरकार ने कानून बनाकर जीओ जारी कर दिया। यह फरमान पिछले महीने 28 तारीख को ही जारी किया है। राम गोपाल कसौधन, शीतला पटेल, आशुतोष राय, योगेश भाटिया, विशाल मल्होत्रा, इंद्रमणि पांडेय और पवन मल्होत्रा आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने कानून में सहजता के बजाय जटिलता कर व्यापार करना मुश्किल कर दिया है। सरकार देशभर में फैले दवा व्यवसायियों के नेटवर्क को खत्म करने पर आमादा है। बाद में मांगों का ज्ञापन डीएम को दिया गया। पीआरओ रवि उपाध्याय ने बताया कि इस दौरान शिवमूर्ति मिश्र, जय गोपाल, राकेश पांडेय, जमशेद हुसैन, अरविंद कुमार सिंह, सुनील गुप्ता, संदीप मिश्रा, विष्णु प्रताप सिंह, गौहर अली, डॉ. अजीत कुमार आदि लोग शामिल रहे।
ग्रामीण क्षेत्र में भी बंद रहीं दवा की दुकानें
बस्ती। ई-फार्मेसी सहित सरकार के विभिन्न दवा नीतियों के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्र में भी दवा की दुकानें बंद रहीं। दवा व्यावसायियों ने सड़क पर उतर कर विरोध जताया।
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महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार दवा विक्रेता संघ आईओसीडी व सीडी यूपी के तत्वावधान में सेक्टर महाराजगंज के धर्मेंद्र गुप्ता, मनोज सिंह, परमात्मा गुप्ता की अध्यक्षता कस्बे की दुकानें बंद रहीं। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर अस्पताल के मरीजों को दवा लेने के लिए दिनभर भटकना पड़ा।
बभनान प्रतिनिधि के अनुसार दवा व्यापार में ई-फार्मेसी को बढ़ावा देने, ड्रग लाइसेंस के अनुपात में फार्मेसिस्ट की कमी को पूरा करने की व्यवस्था व दवा का नाम के खिलाफ बनाए गए नियम के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों कस्बे में दुकानें बंद रखीं। बभनान बीसीडीए के संरक्षक राजकुमार जयसवाल मांग उठाई कि सरकार दवा व्यापारियों के लिए सरल कानून बनाए। इस मौके पर अध्यक्ष राम शंकर गुप्ता, नंदू अंगियार, राकेश गुप्ता, ज्ञानचंद, महेश गुप्ता, मिन्टू सिंह, पप्पू कमलापुरी, सुरेश अग्रवाल और गुड्डू कसौधन आदि मौजूद रहे।
गौर प्रतिनिधि के अनुसार सरकार की दवा नीति के विरोध में दवा व्यवसायियों ने बीसीडीए के सेक्टर अध्यक्ष पंकज जायसवाल के नेतृत्व में दुकानें बंद की। आंदोलनकारियों ने सड़क पर उतर कर नारेबाजी की। इस मौके पर दवा कारोबारी महेश गुप्ता, राजू सिंह, लाल बिहारी सिंह, रामानंद गुप्ता, जय प्रकाश गुप्ता, रामसुमेर गुप्ता, रामू आदि मौजूद रहे।
रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट फेडरेशन के आह्वान पर क्षेत्र के दवा व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके चलते लोगों को परेशान होना पड़ा।केरौना निवासी शेषमणि व भटपुरवा निवासी आशीष कुमार ने बताया कि बच्चों की तबीयत बहुत खराब है। यहां लाकर अस्पताल पर दिखाया तो डॉक्टर ने दवा तो लिख दी, लेकिन बंद दुकानों के चलते दवाएं नहीं मिल पाई। असनहरी के उपेंद्र सिंह एवं बड्डाड़ के राम शंकर पांडेय का कहना है कि बच्चों को तेज बुखार के साथ उल्टी-दस्त की समस्या हुई थी, जिसका इलाज कराने के लिए रुधौली आए थे, लेकिन दवा व्यापारियों की हड़ताल के चलते दवाएं मिलना लगभग नामुमकिन दिख रहा है।
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ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के देश व्यापी बंद के समर्थन में बस्ती केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने दुकानें बंद रखीं। जिला कार्यालय में बैठक कर सरकार की नीतियों का विरोध जताया। संरक्षक राना दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि समस्याओं से केंद्र और प्रदेश सरकार को अवगत कराते रहे, लेकिन अनसुना किया गया मजबूरन बंदी का फैसला किया गया। जिला अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा व्यवसाय है। लोगों की पीड़ा में दिन रात साथ देते हैं, लेकिन सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली सरकार को हमारा दर्द नहीं दिखता है। महामंत्री अशोक सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या फार्मासिस्ट की है। जिसकी अनिवार्यता पर सरकार से बीच का रास्ता निकालने की गुजारिश की गई थी लेकिन सरकार ने विचार तक नहीं किया। ई-फार्मेसी का कानून न होने के बावजूद ई-फार्मेसी से दवा का व्यवसाय हो रहा है। इसे अविलंब बंद करने की मांग की गई इससे उलट सरकार ने कानून बनाकर जीओ जारी कर दिया। यह फरमान पिछले महीने 28 तारीख को ही जारी किया है। राम गोपाल कसौधन, शीतला पटेल, आशुतोष राय, योगेश भाटिया, विशाल मल्होत्रा, इंद्रमणि पांडेय और पवन मल्होत्रा आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने कानून में सहजता के बजाय जटिलता कर व्यापार करना मुश्किल कर दिया है। सरकार देशभर में फैले दवा व्यवसायियों के नेटवर्क को खत्म करने पर आमादा है। बाद में मांगों का ज्ञापन डीएम को दिया गया। पीआरओ रवि उपाध्याय ने बताया कि इस दौरान शिवमूर्ति मिश्र, जय गोपाल, राकेश पांडेय, जमशेद हुसैन, अरविंद कुमार सिंह, सुनील गुप्ता, संदीप मिश्रा, विष्णु प्रताप सिंह, गौहर अली, डॉ. अजीत कुमार आदि लोग शामिल रहे।
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ग्रामीण क्षेत्र में भी बंद रहीं दवा की दुकानें
बस्ती। ई-फार्मेसी सहित सरकार के विभिन्न दवा नीतियों के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्र में भी दवा की दुकानें बंद रहीं। दवा व्यावसायियों ने सड़क पर उतर कर विरोध जताया।
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महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार दवा विक्रेता संघ आईओसीडी व सीडी यूपी के तत्वावधान में सेक्टर महाराजगंज के धर्मेंद्र गुप्ता, मनोज सिंह, परमात्मा गुप्ता की अध्यक्षता कस्बे की दुकानें बंद रहीं। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर अस्पताल के मरीजों को दवा लेने के लिए दिनभर भटकना पड़ा।
बभनान प्रतिनिधि के अनुसार दवा व्यापार में ई-फार्मेसी को बढ़ावा देने, ड्रग लाइसेंस के अनुपात में फार्मेसिस्ट की कमी को पूरा करने की व्यवस्था व दवा का नाम के खिलाफ बनाए गए नियम के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों कस्बे में दुकानें बंद रखीं। बभनान बीसीडीए के संरक्षक राजकुमार जयसवाल मांग उठाई कि सरकार दवा व्यापारियों के लिए सरल कानून बनाए। इस मौके पर अध्यक्ष राम शंकर गुप्ता, नंदू अंगियार, राकेश गुप्ता, ज्ञानचंद, महेश गुप्ता, मिन्टू सिंह, पप्पू कमलापुरी, सुरेश अग्रवाल और गुड्डू कसौधन आदि मौजूद रहे।
गौर प्रतिनिधि के अनुसार सरकार की दवा नीति के विरोध में दवा व्यवसायियों ने बीसीडीए के सेक्टर अध्यक्ष पंकज जायसवाल के नेतृत्व में दुकानें बंद की। आंदोलनकारियों ने सड़क पर उतर कर नारेबाजी की। इस मौके पर दवा कारोबारी महेश गुप्ता, राजू सिंह, लाल बिहारी सिंह, रामानंद गुप्ता, जय प्रकाश गुप्ता, रामसुमेर गुप्ता, रामू आदि मौजूद रहे।
रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट फेडरेशन के आह्वान पर क्षेत्र के दवा व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। इसके चलते लोगों को परेशान होना पड़ा।केरौना निवासी शेषमणि व भटपुरवा निवासी आशीष कुमार ने बताया कि बच्चों की तबीयत बहुत खराब है। यहां लाकर अस्पताल पर दिखाया तो डॉक्टर ने दवा तो लिख दी, लेकिन बंद दुकानों के चलते दवाएं नहीं मिल पाई। असनहरी के उपेंद्र सिंह एवं बड्डाड़ के राम शंकर पांडेय का कहना है कि बच्चों को तेज बुखार के साथ उल्टी-दस्त की समस्या हुई थी, जिसका इलाज कराने के लिए रुधौली आए थे, लेकिन दवा व्यापारियों की हड़ताल के चलते दवाएं मिलना लगभग नामुमकिन दिख रहा है।