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ट्रैक के बीच गंदगी देख भड़के डीआरएम

Wed, 06 Sep 2017 11:44 PM IST
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:44 PM IST
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ट्रैक के बीच गंदगी देख भड़के डीआरएम
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ट्रैक के बीच गंदगी देख भड़के डीआरएम

बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक आलोक सिंह बुुधवार को यहां निरीक्षण करने आए। निरीक्षण यान से उतरते ही वह निर्माण कार्य देखने के लिए ओवरब्रिज पर पहुंचे। यहां उन्होंने खड़े होकर रेलवे ट्रैकों का अवलोकन किया। प्लेटफॉर्म नंबर चार के बगल में स्थित ट्रैक में कूड़े और मिट्टी के ढेर देखकर वह भड़क उठे। आईडब्लू धीरेंद्र सिंह को फटकार लगाई। चेताया कि यदि सफाई पर ध्यान नहीं दिया तो निलंबित कर दिया जाएगा।
नियत समय से करीब दो घंटे विलंब से पहुंचे डीआरएम निर्माण कार्यों पर नजर डाली। उन्होंने रेलवे की जमीन पर निर्माणाधीन सड़क, श्रमिकों के आवास और रेलवे शेड का निरीक्षण किया। सड़क पर निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम का ध्यान जैसे ही इंटरलाकिंग सड़क पर गया वह भड़क उठे। सीनियर डीईएम पीके सिंह ने डीआरएम को बताया कि इस मार्ग पर सीडब्लूसी गोदाम है। इससे दिन भर ट्रकों का आवागमन लगा रहता है। यह ट्रकों का टर्निंग प्वाइंट है। ऐसे में इंटरलाकिंग धंस गई है। दूसरे यहां नई पटान भी है। इसे उठा कर ठीक कर दिया जाएगा। इसके बाद डीआरएम श्रमिक निवास देखने गए। वहां दरवाजे और छत की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। मगर सीनियर डीईएम ने उन्हें तफ्शील से सब कुछ बताया। डीआरएम ने निर्देश दिया कि श्रमिक आवास के छह कमरों में से दो को सुसज्जित करा दें। इन कार्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने दस दिन का समय दिया। डीआरएम यहां से निकलकर सीधे निर्माणाधीन रेलवे शेड में पहुंचे। यहां भी उन्होंने व्यवस्थागत खामियों को बारी-बारी से चिह्नित कर उसे दूर करने का निर्देश दिया।
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सड़क बंद करने की उठी समस्या
निरीक्षण के दौरान मिल मार्ग के निवासी नरेंद्र भाटिया ने अपने आवास के सामने रेलवे द्वारा रास्ता बंद किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इसका निस्तारण करने का आश्वासन डीआरएम ने दिया।
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गौर में रेल भूमि से हटेगा अवैध कब्जा
बभनान। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल डीआरएम आलोक सिंह टीम स्पेशल ट्रेन से दोपहर एक बजे बभनान रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले प्लेटफॉर्मों पर बिजली-पानी की व्यवस्था देखी। लाइटों के खराब होने की जानकारी पर वह भड़क गए। स्टेशन के पीछे साइकिल स्टैंड का बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए। यहां से वह दो बजे गौर के लिए रवाना हो गए। डीआरएम की ट्रेन गौर पहुंची और वहां पर उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर दो पर लाइट व्यवस्था ध्वस्त होने पर कड़ी फटकार लगाई। रेलवे स्टेशन के पीछे रेल भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को खाली कराने का निर्देश दिया। स्टेशन मास्टर अवनींद्र मणि त्रिपाठी से स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद अभिलेख देखे। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक नीलमा सिंह और स्टेशन अधीक्षक सिराजुल हक सहित रेल के कई अधिकारी मौजूद रहे।
अंडरपास के लिए ज्ञापन दिया
इटबहरा निवासी मनोज सिंह, अनिल सिंह और परासडीह के संदीप मणि त्रिपाठी, गौतम शुक्ला ने डीआरएम को गेट संख्या 214 सी पर अंडरपास और गौर में अवध एक्सप्रेस का नियमित ठहराव, प्लेटफॉर्म संख्या एक का निर्माण तथा ऊंचाई बढ़ाने सहित कई समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया।

पूर्वी केबिन की आरओबी पर राज्य सरकार की मुहर
पश्चिमी केबिन के प्रस्तावित डिजाइन को सुधारने की चल रही कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पूर्वोत्तर रेलवे मंडल प्रबंधक आलोक सिंह ने कहा कि बस्ती में पूर्वी केबिन गेट नंबर 198 पर प्रस्तावित सड़क ओवरब्रिज पर राज्य सरकार ने मुहर लगा दी है। पश्चिमी केबिन गेट नंबर 199 के प्रस्ताव पर डिजाइन सुधारने की कवायद चल रही है। पूर्वी केबिन के लिए तकरीबन पचास करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह धन राज्य सरकार अपने मद से उपलब्ध कराएगी।
डीआरएम बुधवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता ठीक पाई गई है। जबकि कार्य की गति बेहद धीमी है। इसके कारणों को भी तकनीकी सेल ने बता दिया है। बिजली की अनुपलब्धता के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। इसे दूर करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए रेलवे के जेनसेट से कार्य स्थल पर आपूर्ति दी जाएगी ताकि बिजली के चलते कार्य बाधित न हो। कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जो एस्केलेटर लगने वाला था। तकनीकी कारणों से उसे रोक दिया गया था। अब सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। दो माह में इसे स्थापित करा दिया जाएगा। निरीक्षण में कमियों के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि जो कमी पाई गई है, उसका परीक्षण किया जाएगा। यह सही है कि बभनान तथा गौर रेलवे स्टेशन पर बिजली और पानी की अनुपलब्धता है। इसे दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्थागत खामियों को हर हाल में रेलवे दूर करेगी।
पानी की समस्या पर फटकारे गए एसएस
डीआरएम ने प्लेटफॉर्म की भी हालत देखी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
निर्माण कार्यों के निरीक्षण के बाद डीआरएम आलोक सिंह ने प्लेटफॉर्म का निरीक्षण किया। यहां खामियों पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। पानी की समस्या को लेकर मिली शिकायत पर उन्होंने स्टेशन अधीक्षक विश्वंभर चौधरी को फटकार लगाई। बताया गया कि कॉलोनी और स्टेेशन के लिए अलग-अलग दो टंकियां स्थापित कराई गई हैं। इसमें एक टंकी अभी हाल में ही निर्मित हुई थी, जिसका प्रयोग अभी शुरू नहीं किया गया था, जिससे पानी की समस्या पैदा हो गई है।
ईंट की गुणवत्ता पर डीईएम ने दी चुनौती
पिछले दिनों रेलवे परिसर में हो रहे पेड यूज शौचालय निर्माण के दौरान दीवार गिरा कर कुछ लोगों ने खराब ईंट करार दिया था। इसकी जांच पूरी हो गई है। डीईएम पीके सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि जांच में शत-प्रतिशत सही पाई गई है गुणवत्ता। कोई इसमें जरा भी कमी निकाल नहीं सकता।
खराब हुआ निरीक्षण यान का अल्टीनेटर
रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने यहां पहुंचे डीआरएम के निरीक्षण यान का अल्टीनेटर रास्ते में ही खराब हो गया। यहां स्टेशन पर पहुंचते ही उसे ठीक करने की जद्दोजहद शुरू हो गई। श्रमिक राम प्रसाद उसे ठीक करने ट्रैक पर उतरा तो उसके सिर पर चोट आई गई। उसका तत्काल प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में निरीक्षण यान का अल्टीनेटर उसने ठीक किया।
स्टेशन परिसर में पेड़ देख जताई नाराजगी
चार माह पूर्व स्टेशन के बाहरी परिसर में पेड़ गिरा देख डीआरएम ने जिम्मेदारों को फटकारा। इसे दो दिन के भीतर हटवाने का निर्देश दिया।
मुख्य गेट पर बस्ती के बजाय उर्दू में बसीन लिखा मिला
रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर हिंदी और उर्दू में बस्ती का नाम दर्ज है। हिंदी नाम तो ठीक है, मगर यहां उर्दू में बस्ती के बजाय बसीन लिखा देखे तो डीआरएम की टीम के एक अधिकारी ने आपत्ति उठा दी। इसे तत्काल ठीक किए जाने के निर्देश डीआरएम ने दिए।

मुंडेरवा में खामियों पर नाराज हुए डीआरएम
मुंडेरवा। रेलवे स्टेशन पर बुधवार की देर शाम करीब साढ़े पांच बजे डीआरएम आलोक सिंह पहुंचे। इससे पहले जैसे ही स्टेशन मास्टर को सूचना मिली, वह स्टेशन परिसर को दुरुस्त करने में जुट गए। पहुंचने के बाद सबसे पहले वह स्टेशन मास्टर के कमरे में जा धमके। एसएम अरुण कुमार क्याल से कमियों पर जानकारी हासिल की। स्टेशन पर बने नए छाजन को फिर से चुने जाने पर उन्होंने इंजीनियर को फटकार लगाई। बैठक हाल में पंखा न होने पर उनके तेवर सख्त हो गए।

डीआरएम ने ही तोड़ा रूल
मुंडेरवा प्लेटफार्म पर निरीक्षण यान प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रुका। इसके बाद डीआरएम उतरे और प्लेटफॉर्म नंबर दो से कूद कर एक पर आ गए। इन स्थितियों को जब रिपोर्टर ने कैमरे में कैद किया तो उसे उनकी टीम के दो अधिकारियों ने रोका भी। निरीक्षण के दौरान सीनियर डीएसटी दीप कुमार, सीनियर डीआई राघवेंद्र कुमार, सीनियर डीआई और सीनियर डीएम नीलिमा सिंह मौजूद रहीं।
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