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मनरेगा का भुगतान न करने वाले बीडीओ होंगे दंडित
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:19 PM IST
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श्रमिकों का भुगतान न करने वाले बीडीओ होंगे दंडित
बस्ती।
मनरेगा श्रमिकों का आधार लिंक करने के मामले में लापरवाही बरतने वाले बीडीओ को सीडीओ ने दंडित करने करने की चेतावनी दी है। यह कार्रवाई अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद की गई। सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि आधार लिंक होने की प्रगति की जानकारी प्रतिदिन बीडीओ को एसएमएस और फोन से देनी होगी, जो इसका पालन नहीं करेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
2.35 लाख मनरेगा श्रमिकों के आधार कार्ड को संबंधित बैंक और मनरेगा के साफ्ट पर बीडीओ को फीड कराना था, शासन स्तर पर जब इसकी समीक्षा हुई तो फीडिंग के मामले में जिला अंतिम स्थान पर मिला। आधार लिंक न होने से श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है। 30 जून तक शत-प्रतिशत आधार कार्ड लिंक हो जाना चाहिए था, जो सिर्फ 47 फीसदी ही हुआ। इसमें सबसे खराब स्थिति बहादुरपुर, दुबौलिया, गौर, हर्रैया, साऊंघाट और विक्रमजोत ब्लॉक की है। इसकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से चार दिन पहले प्रकाशित किया था, जिसे संज्ञान में लेकर सीडीओ ने सोमवार को सभी बीडीओ को यह कहते हुए चेतावनी जारी की है कि आप लोगों की लापरवाही के चलते मंडल और शासन स्तर की समीक्षा में जिले का स्थान अंतिम पांच में है। बताया कि सभी बीडीओ को अभियान चलाकर आधार कार्डको लिंक करने के निर्देश दिए गए हैं। पंजीकृत 2,34,707 श्रमिकों का आधार लिंक कराने के लिए 30 मई 2017 तक समय दिया था, मगर जो रिपोर्ट की गई, उसके तहत मात्र 1,10,939 श्रमिकों के आधार को ही लिंक कराया गया। इसका मतलब यह हुआ कि 1,23,768 श्रमिक मजदूरी पाने से वंचित हो गए। मजदूरी न मिलने से श्रमिकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
चार बीडीओ को प्रशस्ति पत्र
पुरस्कार और दंड के नियम पर काम: सीडीओ
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। चार बीडीओ को अच्छे कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया है। बेहतर परिणाम को देखते हुए सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने इनकी तारीफ की है। अमूमन बीडीओ को चेतावनी मिलती है लेकिन इस बार कार्य और परिणाम के अनुसार सीडीओ ने प्रशस्ति पत्र जारी किया है। सीडीओ ने कहा कि इनाम और दंड के फार्मूले के तहत जिले में कार्य होगा। जो अधिकारी और कर्मचारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें पुरस्कार और इसके विपरीत करने वाले को दंडित किया जाएगा। इसके साथ ही सोमवार को कई बीडीओ को चेतावनी जारी की गई है। साऊंघाट बीडीओ राजाराम को मनरेगा श्रमिकों का समय से भुगतान के मामले में, सदर के प्रभारी बीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, बनकटी के प्रभारी बीडीओ दिग्विजयनाथ तिवारी और कुदरहा के बीडीओ मो. नसीम को मनरेगा श्रमिकों का शत-प्रतिशत सत्यापन के मामले में प्रशंसा पत्र दिया गया है।
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वर्षों से जमे हैं सेक्रेटरी और ब्लॉक कर्मी
सात साल से अधिक समय से तैनात हैं ब्लॉक कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरपुर।
विकास खंड में कई ऐसे पंचायत सेक्रेटरी और ब्लॉक कर्मी हैं, जो कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। इनमें तो कई ऐसे हैं जो सात साल से कार्य कर रहे हैं। जबकि इन कर्मियों के विरुद्ध निरंतर अनियमितता की शिकायतें हो रही हैं। कई पर तो सरकारी धन के दुरुपयोग तक का भी आरोप लगा हुआ है। जांच भी हो रही है। मगर तबादला नहीं हो रहा है।
ग्राम प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश पांडेय सहित अन्य प्रधान ने बताया कि कई ऐसे सेक्रेटरी और ब्लॉक कर्मी हैं, जो कई सालों से एक ही स्थान और एक ही पटल पर जमे हुए हैं, जबकि नियमानुसार पटल बदलना होता है। इसी तरह कई ऐसे सेक्रेटरी हैं जो नियमों को धता बताकर एक ही हलके में जमे हुए हैं। इनमें में कई ऐसे हैं जिनपर क्षेत्र के लोग सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उनके कार्य क्षेत्र को बदलने की मांग की जा चुकी है। बावजूद उनका हलका नहीं बदला जा रहा है। बताया कि हलका न बदलने के पीछे ब्लॉक प्रशासन की अनियमित कार्यों में संल्पितता रहना है।
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बस्ती।
मनरेगा श्रमिकों का आधार लिंक करने के मामले में लापरवाही बरतने वाले बीडीओ को सीडीओ ने दंडित करने करने की चेतावनी दी है। यह कार्रवाई अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद की गई। सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि आधार लिंक होने की प्रगति की जानकारी प्रतिदिन बीडीओ को एसएमएस और फोन से देनी होगी, जो इसका पालन नहीं करेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
2.35 लाख मनरेगा श्रमिकों के आधार कार्ड को संबंधित बैंक और मनरेगा के साफ्ट पर बीडीओ को फीड कराना था, शासन स्तर पर जब इसकी समीक्षा हुई तो फीडिंग के मामले में जिला अंतिम स्थान पर मिला। आधार लिंक न होने से श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है। 30 जून तक शत-प्रतिशत आधार कार्ड लिंक हो जाना चाहिए था, जो सिर्फ 47 फीसदी ही हुआ। इसमें सबसे खराब स्थिति बहादुरपुर, दुबौलिया, गौर, हर्रैया, साऊंघाट और विक्रमजोत ब्लॉक की है। इसकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से चार दिन पहले प्रकाशित किया था, जिसे संज्ञान में लेकर सीडीओ ने सोमवार को सभी बीडीओ को यह कहते हुए चेतावनी जारी की है कि आप लोगों की लापरवाही के चलते मंडल और शासन स्तर की समीक्षा में जिले का स्थान अंतिम पांच में है। बताया कि सभी बीडीओ को अभियान चलाकर आधार कार्डको लिंक करने के निर्देश दिए गए हैं। पंजीकृत 2,34,707 श्रमिकों का आधार लिंक कराने के लिए 30 मई 2017 तक समय दिया था, मगर जो रिपोर्ट की गई, उसके तहत मात्र 1,10,939 श्रमिकों के आधार को ही लिंक कराया गया। इसका मतलब यह हुआ कि 1,23,768 श्रमिक मजदूरी पाने से वंचित हो गए। मजदूरी न मिलने से श्रमिकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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चार बीडीओ को प्रशस्ति पत्र
पुरस्कार और दंड के नियम पर काम: सीडीओ
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। चार बीडीओ को अच्छे कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया है। बेहतर परिणाम को देखते हुए सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने इनकी तारीफ की है। अमूमन बीडीओ को चेतावनी मिलती है लेकिन इस बार कार्य और परिणाम के अनुसार सीडीओ ने प्रशस्ति पत्र जारी किया है। सीडीओ ने कहा कि इनाम और दंड के फार्मूले के तहत जिले में कार्य होगा। जो अधिकारी और कर्मचारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें पुरस्कार और इसके विपरीत करने वाले को दंडित किया जाएगा। इसके साथ ही सोमवार को कई बीडीओ को चेतावनी जारी की गई है। साऊंघाट बीडीओ राजाराम को मनरेगा श्रमिकों का समय से भुगतान के मामले में, सदर के प्रभारी बीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, बनकटी के प्रभारी बीडीओ दिग्विजयनाथ तिवारी और कुदरहा के बीडीओ मो. नसीम को मनरेगा श्रमिकों का शत-प्रतिशत सत्यापन के मामले में प्रशंसा पत्र दिया गया है।
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वर्षों से जमे हैं सेक्रेटरी और ब्लॉक कर्मी
सात साल से अधिक समय से तैनात हैं ब्लॉक कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरपुर।
विकास खंड में कई ऐसे पंचायत सेक्रेटरी और ब्लॉक कर्मी हैं, जो कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। इनमें तो कई ऐसे हैं जो सात साल से कार्य कर रहे हैं। जबकि इन कर्मियों के विरुद्ध निरंतर अनियमितता की शिकायतें हो रही हैं। कई पर तो सरकारी धन के दुरुपयोग तक का भी आरोप लगा हुआ है। जांच भी हो रही है। मगर तबादला नहीं हो रहा है।
ग्राम प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश पांडेय सहित अन्य प्रधान ने बताया कि कई ऐसे सेक्रेटरी और ब्लॉक कर्मी हैं, जो कई सालों से एक ही स्थान और एक ही पटल पर जमे हुए हैं, जबकि नियमानुसार पटल बदलना होता है। इसी तरह कई ऐसे सेक्रेटरी हैं जो नियमों को धता बताकर एक ही हलके में जमे हुए हैं। इनमें में कई ऐसे हैं जिनपर क्षेत्र के लोग सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उनके कार्य क्षेत्र को बदलने की मांग की जा चुकी है। बावजूद उनका हलका नहीं बदला जा रहा है। बताया कि हलका न बदलने के पीछे ब्लॉक प्रशासन की अनियमित कार्यों में संल्पितता रहना है।