{"_id":"6ad69351b42979bcee0a6d34","slug":"1961-idols-will-be-immersed-in-rural-areas-today-police-will-remain-on-high-alert-at-the-riverbanks-basti-news-c-207-1-bst1001-169855-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: ग्रामीण क्षेत्रों में आज विसर्जित होंगी 1961 मूर्तियां, घाट पर पुलिस रहेगी मुस्तैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: ग्रामीण क्षेत्रों में आज विसर्जित होंगी 1961 मूर्तियां, घाट पर पुलिस रहेगी मुस्तैद
विज्ञापन
बस्ती। नवरात्र पर्व के समापन पर दशमी तिथि में मंगलवार को ग्रामीण अंचल की मूर्तियां विसर्जित कर दी जाएंगी। इसकी तैयारियां पूरी की गई हैं। कुछ जगहों पर बुधवार को भी विसर्जन होगा। नवमी पर सोमवार को पूजा पंडालों में हवन-पूजन की धूम रही। दिन में 12 बजे के बाद से भंडारे का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं में देर शाम तक प्रसाद वितरित किया गया।
पुलिस के आंकड़े के अनुसार इस बार ग्रामीण क्षेत्र में 1961 पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक पंडाल में मां दुर्गा के साथ चार-पांच मूर्तियां स्थापित हैं। इनका विसर्जन मंगलवार की देर शाम शुरू हो जाएगा। रुधौली एवं सोनहा क्षेत्र में नजदीकी सरोवरों और नदियों के तट पर विसर्जन किया जाएगा।
सोनहा क्षेत्र के शिवाघाट, वॉल्टरगंज क्षेत्र के बक्सई घाट, रुधौली क्षेत्र दसिया, मनिकौरा, सल्टौआ क्षेत्र बगढेरवा समेत कई पौराणिक सरोवरों में विसर्जन होगा। प्रत्येक प्रतिमा के साथ एक सिपाही और एक चौकीदार की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी थानेदारों और सीओ को भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
अधिक मूर्तियों के विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घाट की सफाई, प्रकाश की व्यवस्था के साथ पुलिस बल की तैनाती भी रहेगी। एसपी ओमवीर सिंह और एएसपी श्यामकांत ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जन की अपील की है।
-
हर्रैया के पांच दुर्गा पंडालों का अलग है महत्व
हर्रैया। कस्बे के पांच पंडालों का अलग महत्व है। राजघाट की प्यारी मां का दरबार वर्ष 2000 से सज रहा है। शिव कुमार गुप्ता ने यहां दुर्गा पंडाल स्थापित करने की परंपरा शुरू की थी। यह 27 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यहां देवी भक्तों का तांता लगा रहता है। वहीं काली चौक की महारानी का पंडाल लगातार 60 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यहां इस बार हीरक जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। चुन्नीलाल हलवाई की अगुवाई में वर्ष 1966 में स्थापित इस पंडाल में इस बार मुख्य आकर्षण पलक झपकाती माता रानी की सजीव झांकी है। इसे निहारने के लिए दूर-दराज के श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। न्यू बाल गोपाल कमेटी के तत्वावधान में हनुमान गढ़ी की महारानी का पंडाल 45 वर्षों से आस्था का केंद्र है। स्व. भगवती प्रसाद गुप्ता ने यहां पंडाल स्थापना की शुरुआत की थी। श्री बाल कमेटी की ओर से मनोरमा पुल के पास मां महाकाली दुर्गा पंडाल इस बार 53वां वर्ष पूरा कर रहा है। यहां की अलौकिक सजावट देखते बन रही है। गल्लामंडी की बड़ी मां का दरबार पवन कसौधन की अगुवाई में पिछले 40 वर्षों से अनवरत स्थापित हो रहा है। यहां की साज-सज्जा आकर्षण का केंद्र है।
विसर्जन स्थलों की हुई सफाई
परशुरामपुर। क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए घाट और जलाशयों की सफाई की गई है। शृंगीनारी, मखौड़ा धाम, कोहराएं, कुसमौर के अलावा अयोध्या समेत 13 स्थलों पर मूर्ति विसर्जन होना है। थानाध्यक्ष परशुरामपुर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 234 दुर्गा पंडाल स्थापित किए गए हैं। मूर्तियों का विसर्जन 20, 21, 25 और 26 अक्तूबर समेत चार तिथियों में होना है। विसर्जन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त की गई है।
बूधा पुल पर होगा विसर्जन
मुंडेरवा। थाना क्षेत्र के ज्यादातर प्रतिमाओं का विसर्जन तेरस के दिन होता है। क्षेत्र के बोदवल, कुरियार समेत कुछ गांवों में स्थापित प्रतिमाएं दशहरा के दिन विसर्जित की जाएंगी। मुंडेरवा-खलीलाबाद मार्ग पर स्थित बुधा बांध पुल पर और मुंडेरवा-मंगेरा मार्ग पर समय माता मंदिर के पास स्थित इचढवा पुल पर देवी प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। विसर्जन स्थल पर नगर पंचायत की ओर से सफाई और प्रकाश की व्यवस्था भी कर दी गई है।
प्रतिमा विसर्जन के लिए चार मजिस्ट्रेट और 51 लेखपाल तैनात
महराजगंज। हर्रैया तहसील क्षेत्र में स्थापित 962 प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान चार मजिस्ट्रेट, 17 राजस्व निरीक्षक और 51 लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम प्रद्युम्न कुमार ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को होने वाले विसर्जन के मद्देनजर सभी अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल, पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग, नाव और गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। तहसीलदार नीरज कुमार त्रिपाठी को हर्रैया थाना क्षेत्र का प्रभारी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। न्यायिक तहसीलदार चंद्र प्रकाश यादव को नगर, दुबौलिया और कप्तानगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नायब तहसीलदार गौर शालिनी पटेल वॉल्टरगंज, गौर और पैकोलिया क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, नायब तहसीलदार आनंद स्वरूप यादव को विक्रमजोत, छावनी और परशुरामपुर थाना क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है।
विज्ञापन
पुलिस के आंकड़े के अनुसार इस बार ग्रामीण क्षेत्र में 1961 पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक पंडाल में मां दुर्गा के साथ चार-पांच मूर्तियां स्थापित हैं। इनका विसर्जन मंगलवार की देर शाम शुरू हो जाएगा। रुधौली एवं सोनहा क्षेत्र में नजदीकी सरोवरों और नदियों के तट पर विसर्जन किया जाएगा।
विज्ञापन
सोनहा क्षेत्र के शिवाघाट, वॉल्टरगंज क्षेत्र के बक्सई घाट, रुधौली क्षेत्र दसिया, मनिकौरा, सल्टौआ क्षेत्र बगढेरवा समेत कई पौराणिक सरोवरों में विसर्जन होगा। प्रत्येक प्रतिमा के साथ एक सिपाही और एक चौकीदार की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी थानेदारों और सीओ को भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
अधिक मूर्तियों के विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। घाट की सफाई, प्रकाश की व्यवस्था के साथ पुलिस बल की तैनाती भी रहेगी। एसपी ओमवीर सिंह और एएसपी श्यामकांत ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जन की अपील की है।
-
हर्रैया के पांच दुर्गा पंडालों का अलग है महत्व
हर्रैया। कस्बे के पांच पंडालों का अलग महत्व है। राजघाट की प्यारी मां का दरबार वर्ष 2000 से सज रहा है। शिव कुमार गुप्ता ने यहां दुर्गा पंडाल स्थापित करने की परंपरा शुरू की थी। यह 27 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यहां देवी भक्तों का तांता लगा रहता है। वहीं काली चौक की महारानी का पंडाल लगातार 60 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यहां इस बार हीरक जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। चुन्नीलाल हलवाई की अगुवाई में वर्ष 1966 में स्थापित इस पंडाल में इस बार मुख्य आकर्षण पलक झपकाती माता रानी की सजीव झांकी है। इसे निहारने के लिए दूर-दराज के श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। न्यू बाल गोपाल कमेटी के तत्वावधान में हनुमान गढ़ी की महारानी का पंडाल 45 वर्षों से आस्था का केंद्र है। स्व. भगवती प्रसाद गुप्ता ने यहां पंडाल स्थापना की शुरुआत की थी। श्री बाल कमेटी की ओर से मनोरमा पुल के पास मां महाकाली दुर्गा पंडाल इस बार 53वां वर्ष पूरा कर रहा है। यहां की अलौकिक सजावट देखते बन रही है। गल्लामंडी की बड़ी मां का दरबार पवन कसौधन की अगुवाई में पिछले 40 वर्षों से अनवरत स्थापित हो रहा है। यहां की साज-सज्जा आकर्षण का केंद्र है।
विसर्जन स्थलों की हुई सफाई
परशुरामपुर। क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए घाट और जलाशयों की सफाई की गई है। शृंगीनारी, मखौड़ा धाम, कोहराएं, कुसमौर के अलावा अयोध्या समेत 13 स्थलों पर मूर्ति विसर्जन होना है। थानाध्यक्ष परशुरामपुर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में 234 दुर्गा पंडाल स्थापित किए गए हैं। मूर्तियों का विसर्जन 20, 21, 25 और 26 अक्तूबर समेत चार तिथियों में होना है। विसर्जन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त की गई है।
बूधा पुल पर होगा विसर्जन
मुंडेरवा। थाना क्षेत्र के ज्यादातर प्रतिमाओं का विसर्जन तेरस के दिन होता है। क्षेत्र के बोदवल, कुरियार समेत कुछ गांवों में स्थापित प्रतिमाएं दशहरा के दिन विसर्जित की जाएंगी। मुंडेरवा-खलीलाबाद मार्ग पर स्थित बुधा बांध पुल पर और मुंडेरवा-मंगेरा मार्ग पर समय माता मंदिर के पास स्थित इचढवा पुल पर देवी प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। विसर्जन स्थल पर नगर पंचायत की ओर से सफाई और प्रकाश की व्यवस्था भी कर दी गई है।
प्रतिमा विसर्जन के लिए चार मजिस्ट्रेट और 51 लेखपाल तैनात
महराजगंज। हर्रैया तहसील क्षेत्र में स्थापित 962 प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान चार मजिस्ट्रेट, 17 राजस्व निरीक्षक और 51 लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम प्रद्युम्न कुमार ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को होने वाले विसर्जन के मद्देनजर सभी अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन स्थलों पर पुलिस बल, पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग, नाव और गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। तहसीलदार नीरज कुमार त्रिपाठी को हर्रैया थाना क्षेत्र का प्रभारी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। न्यायिक तहसीलदार चंद्र प्रकाश यादव को नगर, दुबौलिया और कप्तानगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नायब तहसीलदार गौर शालिनी पटेल वॉल्टरगंज, गौर और पैकोलिया क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, नायब तहसीलदार आनंद स्वरूप यादव को विक्रमजोत, छावनी और परशुरामपुर थाना क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है।