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सीएचसी पर नहीं है एंटी रैबीज इंजेक्शन
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सीएचसी पर नहीं है एंटी रैबीज इंजेक्शन
मुंहमांगी कीमत पर निजी दवा दुकानदार उपलब्ध करा देते इंजेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
कप्तानगंज। कस्बे के सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन करीब 10 दिनों से उपलब्ध नहीं है। इसके चलते क्षेत्र के तमाम मरीजों को केंद्र पर पहुंचने पर निराशा हाथ लगती है। लोगों को इसके चलते परेशान होना पड़ता है। हालांकि, कस्बे में निजी दुकानों पर यह इंजेक्शन मौजूद है, मगर दुकानदार इसके लिए मुंहमांगी कीमत वसूलते हैं।
बृहस्पतिवार को एक ऐसा वाकया यहां हुआ। प्राथमिक विद्यालय पिनेसर में पढ़ने गई मदही गांव निवासी पंकज पांडेय की पांच वर्षीय पुत्री अनन्या को पागल कुत्ते ने काट लिया। यह जानकारी जब परिवार के लोगों को मिली तो उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, मगर यहां डॉक्टरों ने एंटी रैबीज न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। गरीबी के चलते यह परिवार मुख्यालय आने के बजाय घर लौट गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि बार-बार मांगे जाने पर भी जिला मुख्यालय से यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मजबूर होकर हमें मरीजों को जिला चिकित्सालय जाने की सलाह देनी पड़ती है।
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मुंहमांगी कीमत पर निजी दवा दुकानदार उपलब्ध करा देते इंजेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
कप्तानगंज। कस्बे के सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन करीब 10 दिनों से उपलब्ध नहीं है। इसके चलते क्षेत्र के तमाम मरीजों को केंद्र पर पहुंचने पर निराशा हाथ लगती है। लोगों को इसके चलते परेशान होना पड़ता है। हालांकि, कस्बे में निजी दुकानों पर यह इंजेक्शन मौजूद है, मगर दुकानदार इसके लिए मुंहमांगी कीमत वसूलते हैं।
बृहस्पतिवार को एक ऐसा वाकया यहां हुआ। प्राथमिक विद्यालय पिनेसर में पढ़ने गई मदही गांव निवासी पंकज पांडेय की पांच वर्षीय पुत्री अनन्या को पागल कुत्ते ने काट लिया। यह जानकारी जब परिवार के लोगों को मिली तो उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, मगर यहां डॉक्टरों ने एंटी रैबीज न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया। गरीबी के चलते यह परिवार मुख्यालय आने के बजाय घर लौट गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि बार-बार मांगे जाने पर भी जिला मुख्यालय से यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मजबूर होकर हमें मरीजों को जिला चिकित्सालय जाने की सलाह देनी पड़ती है।
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