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सरयू नदी का उफान थमा, तबाही जारी

Sun, 19 Aug 2018 12:06 AM IST
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:06 AM IST
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सरयू नदी का उफान थमा, तबाही जारी
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सरयू नदी का उफान थमा, तबाही जारी
लाल निशान से अब भी 65 सेंटीमीटर ऊपर बहाव
बाढ़ में नम हुई जमीन को काटा रही सरयू की धारा
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सरयू नदी में पानी की बढ़त पिछले 24 घंटे से स्थिर है। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से ऊपर 65 सेंटीमीटर यानी 93.380 मीटर पर है। बाढ़ के पानी से नम हुई जमीन को नदी की तेज धारा खुद में मिला रही है।
कटरिया-चादपुर तटबंध पर नदी का दबाव सीधा बना हुआ है। इससे चांदपुर गांव के पास बने ठोकर का पूर्वी हिस्सा पानी के तेज बहाव से लगातार कट कर नदी की धारा में समा रहा है। बाढ़ खंड विभाग मरम्मत कार्य की मजबूती के लिए बोरे में भरे रोड़े और बोल्डर डलवा रहा है। तटबंध के किनारे दो किलोमीटर के दायरे में बने बेस जलस्तर बढ़ने के कारण डूब चुके हैं। जिस से नदी की धारा तटबंध को छू कर बह रही है। टकटवा गांव का रिंगबांध और किसुनपुर रिंगबांध पर पानी का दबाव बरकरार है। नदी और तटबंध के बीच बसे खजांचीपुर, सुबिका बाबू, टेडवा, दिलासपुरा, बरदियालोहार, विशुनदासपुर का पुरवा, अशोकपुर के तीन पुरवे भुअरिया, सरवरपुर, पूरेमोतीराम, बानेपुर आदि पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। सर्वाधिक समस्या सुबिका बाबू, टेडवा गांव के लोगों की है। जिनका घर 20 दिन से पानी से घिरा है। इन गांवों में पशुओं के चारे का संकट है। फसलें जलमग्न हैं। पूरेमोतीराम व बानेपुर के निकट कटान हो रही है। पहियामाफी और पूरेमोतीराम में पानी घुसने लगा है।
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विक्रमजोत-लोलपुर बांध पर बढ़ा दबाव
14 स्परों में चार की हालत दयनीय
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। सरयू नदी के उफान से क्षेत्र के दर्जनों गांवों पर खतरा बढ़ गया है। विक्रमजोत-लोलपुर बांध के सभी 14 स्परों पर नदी का दबाव बना है। इसमें चार स्परों की हालत जर्जर हो गई है।
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बांध के ठोकर संख्या एक और दो पर नदी के मुख्य धारा टकराती है, जिससे दबाव बढ़ता जा रहा है। दो सप्ताह पहले ही एक स्पर का 20 मीटर हिस्सा नदी में समा चुका है। निर्माणाधीन बांध पर बने 14 स्परों में से चार की हालत दयनीय बनी हुई है जिसको लेकर बाढ़ विभाग के अधिकारी भी मौन हैं। बंधे पर राहत कार्य के नाम पर ईंट के रोडे़ और जीस्ट व नायलान की बोरियों में भरे बालू से खतरनाक कटान को रोकने की नाकामयाब कोशिश की जा रही है। मुंडेरीपुर व गौरियानैन के लोगों का कहना है कि अधिकारी तो दूर सात आठ मजदूरों को काम पर लगाया गया है जो बोल्डर और अन्य सामग्रियों के अभाव में बैठे समय गुजार रहे हैं।
आधा दर्जन गांव बाढ़ से घिरे
कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, भरथापुर, पड़ाव, रानीपुरकठवनिया पुरवा आदि गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। घघौवा पुल के रास्ते नदी का पानी उस पार पहुंच रहा है। रिधौरा, सिकंदरपुर, हैदराबाद, जोगापुर माचा, लालपुर, मुनियांवा के किसानों की फसलें जलमग्न हैं। रानीपुर, केशवपुर गांव में पानी रिहायशी इलाकों के दो दर्जन घरों में पहुंच गया है। बाघानाला में सरयू की मुख्य धारा बांध से सटकर बह रही है। भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चांनपुर, सहजौरा, संदलपुर गांव में पानी भर गया है। विक्रमजोत कस्बे व कवलपुर समेत कई गांव में बाढ़ का पानी पहुंच रहा है।

जिम्मेदारों की भी सुनिए
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता दयाशंकर सिंह कहते हैं कि ठोकर एक व दो की हालत नाजुक है। जिस पर कार्य हो रहा है। लगातार निगरानी कराई जा रही है। जब तक स्थिति नियंत्रण में है विभाग का ध्यान अन्य कटान स्थलों पर है।
एसडीएम शिवप्रताप शुक्ल का कहना है कि स्वयं व लेखपाल, कानूनगो के माध्यम से बाढ़ क्षेत्रों की निगरानी कराई जा रही है। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में नावों की व्यवस्था की गया है। राहत सामग्री पहले ही वितरित हो चुकी है। स्थिति नियंत्रण में है।


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बाढ़ : रामपुर तटबंध का स्लोप बैठा
सरयू का बहाव तेज होने से स्पर क्षतिग्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो
कुदरहा। उफनाई सरयू नदी की कटान से शनिवार को मटियरिया गांव के पास कलवारी रामपुर तटबंध का स्लोप बैठ रहा है। पुराने स्पर एक को नदी लगातार क्षति पहुंचा रही है। नदी के बदले तेवर से तटबंध के वजूद पर खतरा मंडराने लगा है। तटबंध को बचाने के लिए मौके पर बोल्डर आदि की भी कमी है। बचाव कार्य में सुस्ती के चलते तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है। सरयू नदी बाढ़ के बाद अपने स्वभाव में बदलाव कर रही है। शनिवार सुबह से ही नदी मटियरिया गांव के पास तटबंध को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दी है। शाम होते होते कटान के चलते तटबंध के स्लोप पर किया गया पत्थर पिचिंग बैठने लगा। इससे बंधे का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। बंधे की सुरक्षा के लिए बनाया गया पुराना स्पर एक भी कटान की जद में आ गया है। इसकी नोज और पश्चिमी तरफ स्लोप भी कट गया है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता आर के नायक ने बताया कि नदी छिटपुट कटान कर रही है लेकिन तेजी से मरम्मत कर क्षति की भरपाई की जा रही है। सब कुछ नियन्त्रण में है।
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