{"_id":"5978dd964f1c1b0c2e8b4712","slug":"191501093270-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एकाउंट से 2.20 लाख उड़ाया,एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकाउंट से 2.20 लाख उड़ाया,एफआईआर
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकाउंट से 2.20 लाख उड़ाया, एफआईआर
बस्ती।
शहर के गांधीनगर में स्थित एक एटीएम बूथ पर कार्ड बदलकर 2.20 लाख रुपये खाते से निकालने के मामले में पुलिस ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है। कलवारी थाने के गंगऊपुर निवासी श्यामसुंदर ने चार जुलाई की घटना के संबंध में तहरीर दी थी, जिसके आधार पर बुधवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसकी जांच एसआई संजय राय को सौंपी गई है।
श्यामसुंदर का कहना है कि चार जुलाई को उन्हें पैसों की जरूरत थी तो वह अपने पिता राम नयन का एटीएम कार्ड लेकर गांधी नगर के आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम पर पहुंचे। पहली बार में दो हजार और दो बार 10-10 हजार रुपये निकालने की प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद मशीन से नोट नहीं निकला। तभी पीछे लाइन में खड़े एक व्यक्ति ने कार्ड लेकर दोबारा प्रोसेस किया तो आठ हजार रुपये निकाले। उस दिन रुपये लेकर वह घर चला गया। मगर जब 19 जुलाई को दोबारा कलवारी और गांधीनगर एटीएम पर रुपये निकालने गया तो पैसा नहीं निकला। 20 जुलाई को ब्रांच मैनेजर ने बताया कि उसके खाते से ऑनलाइन शापिंग कर ली गई।
लगातार आ रहे मामले
खाते से रकम निकालने की इसी महीने कई घटनाएं सामने आईं। पुरानी बस्ती की पीएनबी ब्रांच की मैनेजर सुजाता गौड़ के खाते से 45 हजार रुपये उड़ा दिए गए। कोतवाली थानाक्षेत्र के सियरापार निवासी गिरिजेश के अकाउंट से 25 हजार रुपये ऑनलाइन शापिंग कर ली गई। इसी महीने में मंझरिया रंजीत निवासी राहुल को जालसाजों ने फोन करके फंसाया लेकिन उसने गोपनीय जानकारी नहीं दी तो बच गया लेकिन कुदरहा में ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के नाम पर ढाई लाख रुपये फ्रॉड किया गया। सभी मामलों में मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन
सावधानी बरतें तभी बचेगा खाता
मशीन के कीपैड पर कोई ग्लू जैसी चीज तो नहीं है।
मशीन अगर हैंग हो जाए तो तुरंत एटीएम सुरक्षाकर्मी को जानकारी दें।
आश्वस्त कर लें कि ट्रांजैक्शन के समय कोई आपके पीछे खड़ा तो नहीं।
ट्रांजैक्शन के दौरान मशीन हैंग हुई तो तुरंत हेल्पलाइन पर कॉल करें।
ट्रांजेक्शन नहीं हुआ इसकी बिना पुष्टि एटीएम से बाहर ना जाएं।
अगर बैंक से कॉल आए और पासवर्ड से जुड़ी जानकारी मांगें तो बिल्कुल ना दें।
विज्ञापन
बस्ती।
शहर के गांधीनगर में स्थित एक एटीएम बूथ पर कार्ड बदलकर 2.20 लाख रुपये खाते से निकालने के मामले में पुलिस ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है। कलवारी थाने के गंगऊपुर निवासी श्यामसुंदर ने चार जुलाई की घटना के संबंध में तहरीर दी थी, जिसके आधार पर बुधवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसकी जांच एसआई संजय राय को सौंपी गई है।
श्यामसुंदर का कहना है कि चार जुलाई को उन्हें पैसों की जरूरत थी तो वह अपने पिता राम नयन का एटीएम कार्ड लेकर गांधी नगर के आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम पर पहुंचे। पहली बार में दो हजार और दो बार 10-10 हजार रुपये निकालने की प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद मशीन से नोट नहीं निकला। तभी पीछे लाइन में खड़े एक व्यक्ति ने कार्ड लेकर दोबारा प्रोसेस किया तो आठ हजार रुपये निकाले। उस दिन रुपये लेकर वह घर चला गया। मगर जब 19 जुलाई को दोबारा कलवारी और गांधीनगर एटीएम पर रुपये निकालने गया तो पैसा नहीं निकला। 20 जुलाई को ब्रांच मैनेजर ने बताया कि उसके खाते से ऑनलाइन शापिंग कर ली गई।
विज्ञापन
लगातार आ रहे मामले
खाते से रकम निकालने की इसी महीने कई घटनाएं सामने आईं। पुरानी बस्ती की पीएनबी ब्रांच की मैनेजर सुजाता गौड़ के खाते से 45 हजार रुपये उड़ा दिए गए। कोतवाली थानाक्षेत्र के सियरापार निवासी गिरिजेश के अकाउंट से 25 हजार रुपये ऑनलाइन शापिंग कर ली गई। इसी महीने में मंझरिया रंजीत निवासी राहुल को जालसाजों ने फोन करके फंसाया लेकिन उसने गोपनीय जानकारी नहीं दी तो बच गया लेकिन कुदरहा में ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के नाम पर ढाई लाख रुपये फ्रॉड किया गया। सभी मामलों में मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन
सावधानी बरतें तभी बचेगा खाता
मशीन के कीपैड पर कोई ग्लू जैसी चीज तो नहीं है।
मशीन अगर हैंग हो जाए तो तुरंत एटीएम सुरक्षाकर्मी को जानकारी दें।
आश्वस्त कर लें कि ट्रांजैक्शन के समय कोई आपके पीछे खड़ा तो नहीं।
ट्रांजैक्शन के दौरान मशीन हैंग हुई तो तुरंत हेल्पलाइन पर कॉल करें।
ट्रांजेक्शन नहीं हुआ इसकी बिना पुष्टि एटीएम से बाहर ना जाएं।
अगर बैंक से कॉल आए और पासवर्ड से जुड़ी जानकारी मांगें तो बिल्कुल ना दें।