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गुमराह करके फंसे सेक्रेट्री,प्रधान पर शिकंजा
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:29 AM IST
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गुमराह करके फंसे सेक्रेट्री, प्रधान पर शिकंजा
जिंदा व्यक्ति को मृत साबित करने पर फंसे सचिव
जनता दर्शन में शिकायत पर पकड़ में आया मामला
ग्राम प्रधान को भी दिया गया कारण बताओ नोटिस
शैलेंद्र पांडेय
सल्टौआ। ब्लॉक के अमरौली सुमाली ग्राम पंचायत के वृद्धावस्था पेंशन प्रकरण में जिंदा को म़ुर्दा साबित करने का मामला प्रकाश में आया है। जांच में आरोप साबित होने के बाद डीएम की त्योरी चढ़ गई। विभाग और प्रशासन को गुमराह करने पर पंचायत सेक्रेट्री पर सख्त कार्रवाई के लिए डीएम ने डीपीआरओ को निर्देशित किया है। साथ ही ग्राम प्रधान को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि ऐसा किन परिस्थितियों में किया गया।
28 सितंबर को क्षेत्र पंचायत सल्टौआ गोपालपुर के अमरौली शुमाली ग्राम पंचायत के निवासी शिवराहे डीएम के जनता दर्शन के समय पहुंचे। प्रार्थनापत्र दिया कि चार वर्ष पहले उनका वृद्धावस्था पेंशन लगा था। मगर विरोधियों की साजिश में पड़कर सेक्रेट्री ने उसके मृत होने की रिपोर्ट लगा दी। जिससे उसकी पेंशन बंद हो गई। पेंशनर शिवराहे कई बार पीएनबी भिरिया का चक्कर लगा चुके लेकिन कुछ कारगर पहल नहीं हुई। बैंक वालों ने उन्हें ब्लॉक और समाज कल्याण विभाग में पता करने की सलाह दी। ब्लॉक वालों ने भी तवज्जो नहीं दी तो वह जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। संबंधित लिपिक ने अभिलेख देखा तो नाम के सामने मृतक लिखा था। खुद को कागज में मरा देख शिवराहे के पैरों तले जमीन खिसक गई। खुद को जिंदा को जिंदा साबित करने के लिए भी उन्हें ब्लॉक से लेकर जिले स्तर तक के उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ा। जब किसी ने उसकी बात नहीं सुनी तो वह जनता दर्शन में डीएम डॉ राजशेखर के सामने पेश हो गए। जांच कराने पर पता लगा कि वाकई में उन्हें मृत करार दे दिया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई व प्रधान विजय प्रकाश वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि यदि सेक्रेट्री की निष्ठा संदिग्ध पाई गई तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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जिंदा व्यक्ति को मृत साबित करने पर फंसे सचिव
जनता दर्शन में शिकायत पर पकड़ में आया मामला
ग्राम प्रधान को भी दिया गया कारण बताओ नोटिस
शैलेंद्र पांडेय
सल्टौआ। ब्लॉक के अमरौली सुमाली ग्राम पंचायत के वृद्धावस्था पेंशन प्रकरण में जिंदा को म़ुर्दा साबित करने का मामला प्रकाश में आया है। जांच में आरोप साबित होने के बाद डीएम की त्योरी चढ़ गई। विभाग और प्रशासन को गुमराह करने पर पंचायत सेक्रेट्री पर सख्त कार्रवाई के लिए डीएम ने डीपीआरओ को निर्देशित किया है। साथ ही ग्राम प्रधान को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि ऐसा किन परिस्थितियों में किया गया।
28 सितंबर को क्षेत्र पंचायत सल्टौआ गोपालपुर के अमरौली शुमाली ग्राम पंचायत के निवासी शिवराहे डीएम के जनता दर्शन के समय पहुंचे। प्रार्थनापत्र दिया कि चार वर्ष पहले उनका वृद्धावस्था पेंशन लगा था। मगर विरोधियों की साजिश में पड़कर सेक्रेट्री ने उसके मृत होने की रिपोर्ट लगा दी। जिससे उसकी पेंशन बंद हो गई। पेंशनर शिवराहे कई बार पीएनबी भिरिया का चक्कर लगा चुके लेकिन कुछ कारगर पहल नहीं हुई। बैंक वालों ने उन्हें ब्लॉक और समाज कल्याण विभाग में पता करने की सलाह दी। ब्लॉक वालों ने भी तवज्जो नहीं दी तो वह जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। संबंधित लिपिक ने अभिलेख देखा तो नाम के सामने मृतक लिखा था। खुद को कागज में मरा देख शिवराहे के पैरों तले जमीन खिसक गई। खुद को जिंदा को जिंदा साबित करने के लिए भी उन्हें ब्लॉक से लेकर जिले स्तर तक के उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ा। जब किसी ने उसकी बात नहीं सुनी तो वह जनता दर्शन में डीएम डॉ राजशेखर के सामने पेश हो गए। जांच कराने पर पता लगा कि वाकई में उन्हें मृत करार दे दिया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी रमाकांत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई व प्रधान विजय प्रकाश वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि यदि सेक्रेट्री की निष्ठा संदिग्ध पाई गई तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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