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सरयू नदी स्थिर, कटान से दहशत

Sun, 05 Aug 2018 11:57 PM IST
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:57 PM IST
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सरयू नदी स्थिर, कटान से दहशत
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सरयू खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर
दुबौलिया के कटरिया-चांदपुर तटबंध पर दबाव कायम
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर 92.880 मीटर पर है जो खतरे के निशान 92.730 से 15 सेमी ऊपर है। जिले के अति संवेदनशील कटरिया-चांदपुर तटबंध पर सरयू नदी के बढ़ने से दबाव बरकरार है। नदी जगह-जगह तटबंध के किनारे कटान कर रही है। ड्ढससे तटवर्ती ग्रामीणों में दहशत है।
चांदपुर गांव के पास बने ठोकर नंबर पांच पर नदी का दबाव तेज होने से बैठे तटबंध के किनारों और ठोकर के नोज पर बोल्डर और बोरे में भर कर रोड़े डाले जा रहे हैं। बरसात होने के कारण तटबंध पर फिसलन अधिक है, जिससे मरम्मत कार्य में परेशानी आ रही है। पारा गांव के पास नदी का दबाव तेज होने से ठोकर व आधा दर्जन कटर बैठ रहे हैं। नदी दिलासपूरा, बरदिया लोहार, खलवा व खजांचीपुर गांव के मध्य कृषि योग्य भूमि को काट रही है। रविवार की दोपहर पहुंचे बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता डीके त्रिपाठी ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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घटिया बोल्डर व ईंट खपाने का खेल
कटरिया-चांदपुर तटबंध के लिए मंगाए जा रहे बोल्डर व ईंट काफी खराब हैं। यह नजारा रविवार की सुबह दिखा। रामजानकी मार्ग स्थित राम विवाह मैदान में तटबंध मरम्मत के लिए मंगाए गए बोल्डर पड़े थे। शनिवार की शाम मंगाई गई ईंट काफी खराब निकलीं। जिसे बाढ़ खंड विभाग ने वापस भेजवा दिया।
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एलवी बांध का दो नंबर ठोकर क्षतिग्रस्त
लोलपुर विक्रमजोत तटबंध पर बढ़ा दबाव
24 घंटे स्थिर रहने के बाद बढ़ने लगी नदी
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। लोलपुर-विक्रमजोत (एलवी) बांध का दो नंबर ठोकर रविवार को क्षतिग्रस्त हो गया। अयोध्या से सीध सरयू नदी यहां आकर टकराती है। रविवार शाम को जलस्तर फिर बढ़ने लगा।

24 घंटे के स्थिर रहने के बाद अब सरयू नदी बढ़कर 92.880 मीटर पहुंच गई है। सरयू की धारा केशवपुर गांव से टकराकर सीधे ठोकर नम्बर दो से टकराती है। इससे ठोकर का अगला हिस्सा समेत एक तरफ की पिचिंग व ठोकर का कुछ हिस्सा नदी में समा गया। लापरवाह बाढ़ खंड के कर्मचारी ग्रामीणों की सूचना पर काम में तेजी दिखाए। ईंट-रोड़ों की व्यवस्था कर बोरियों में डालकर किसी तरह से ठोकर को बहने से बचाने में जुट गए हैं। गांववालों की मानें तो तटबंध पर बारिश के पहले न तो मरम्मत का काम हुआ और न ही रैट होल भरे गए। इसके चलते बचाव सामग्री तटबंध पर बहुत मुश्किल से पहुंच पा रही है। ईंट के रोड़े ठोकर पर गिराने जा रही ट्रॉली रास्ते में ही पलट गई। बाढ़ खंड के जेई मकलूराम ने बताया कि ठोकर नंबर एक के काम न करने से नदी केशवपुर गांव से घूम कर सीधे दो नंबर से टकरा रही है। इसके कारण ठोकर क्षतिग्रस्त हो गया है। बचाव कार्य चल रहा है।
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