दलित की हत्या के जुर्म में तीन को उम्र कैद
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विशेष लोक अभियोजक आनंद प्रिय मौर्य ने कोर्ट में वारदात का विवरण रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के जोगहटा निवासी सत्यदेव ने 28 जनवरी 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता राम अवतार दोपहर तीन बजे खेत में काम कर रहे थे। अचानक शोर मचाते हुए जान बचाने की गुहार लगाने लगे।
शोर सुनकर भाई हरीराम, सुनील कुमार व अनिल कुमार और मनीराम दौड़कर खेत पर पहुंचे। देखा कि थाना क्षेत्र सिंगहाराजा निवासी संतोष सिंह, हरिओम सिंह व गप्पू उर्फ संतोष सिंह उसके पिता को ईंट पत्थर व हाथ लात से ताबड़तोड़ वार कर रहे हैं। आरोपी बीच-बीच में जाति सूचक शब्दों का भी इस्तेमाल कर रहे थे। वारदात के दौरान आरोपी बार-बार चिल्ला रहे थे कि सम्मान नहीं करोगे तो परिणाम यही होगा। एक आरोपी संतोष को मौके पर ही पीड़ित परिवार ने दबोच लिया। जबकि दो युवक भागने में सफल रहे।
तीनों की पिटाई से मौके पर पिता राम अवतार ने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ हत्या, दलित उत्पीड़न के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन की ओर से वादी सहित छह गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष ने कहा कि राम अवतार की मौत सांड़ के हमले में हुई थी। तीनों लोगों को झूठा फंसाया गया। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार न्यायाधीश ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।