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शहर में लटकते विद्युत पोल दे रहे दुर्घटना को दावत
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शहर में लटकते विद्युत पोल से दुर्घटना की आशंका
मुख्य मार्ग से गुजारी है 11 हजार वोल्ट की सप्लाई
वार्डों में हो रही बांस बल्ली से विद्युत आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विद्युत व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके जर्जर खंभों को नहीं बदला जा सका है। इन खभों से दुर्घटना की आशंका है। वहीं, विद्युत व्यवस्था की पोल भी खोल रहे हैं।
शहर के कंपनी बाग, गांधीनगर, रोडवेज सहित अन्य मार्गों के किनारे विद्युत निगम की ओर से लगाए गए ज्यादातर पोल पुराने व जर्जर हो गए हैं। इन्हीं पोलों के सहारे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। यही नहीं 11 हजार वोल्ट की सप्लाई के लिए जिन खंभों को लगाया गया है। वे खंभे कई जगह लटक गए हैं। आंधी और बारिश में इनके गिरने की भी आशंका है। लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है। वार्डों की यदि बात करें तो पिकौरादत्तूराय, तुरकहिया, नरहरिया, बेलवाडाड़ी, पांडेय बाजार सहित अन्य स्थानों पर बांस-बल्ली के सहारे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जिसे लेकर लोगों में नाराजगी भी है। दवा व्यापारी शैलेश वर्मा कहते हैं कि खंभों पर तारों को ढीला ही छोड़ दिया गया है। जिससे हल्की हवा और आंधी में ये आपस में टकरा जाते हैं। दुकानदार निजाम अहमद कहते हैं कि खंभे तारों के बोझ से झुक गए हैं, विद्युत निगम यदि इन्हें नहीं बदलता है। तो किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है। कहते हैं कि जो नए खंभे लगे हैं, वे भी झुक गए हैं। गांधीनगर निवासी रामजी शर्मा कहते हैं कि मुख्य मार्गों के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की सप्लाई की जा रही है। बताते हैं कि इन्हीं से सटकर एलटी लाइन भी गुजरी हुई है। बताते हैं कि किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है। रामेश्वरपुरी निवासी आशीष गुप्ता कहते हैं कि आबादी वाले क्षेत्रों से 11 हजार वोल्ट की सप्लाई हटाई जाए। कहते हैं कि बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके घरों के करीब से 11 हजार वोल्ट की सप्लाई दी गई है। इस संबंध में जर्जर खंभों को लेकर अधीक्षण अभियंता विद्युत मनीष कुमार अग्रवाल कहते हैं कि इन्हें बदलवाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही इन खंभों की जगह नए खंभे लगाए जाएंगे। कहते हैं कि जो खंभे लटके हुए हैं। उन्हें सही कराया जाएगा। इसी के साथ ही ढीले तारों को भी टाइट कराया जाएगा।
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मुख्य मार्ग से गुजारी है 11 हजार वोल्ट की सप्लाई
वार्डों में हो रही बांस बल्ली से विद्युत आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। विद्युत व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बावजूद इसके जर्जर खंभों को नहीं बदला जा सका है। इन खभों से दुर्घटना की आशंका है। वहीं, विद्युत व्यवस्था की पोल भी खोल रहे हैं।
शहर के कंपनी बाग, गांधीनगर, रोडवेज सहित अन्य मार्गों के किनारे विद्युत निगम की ओर से लगाए गए ज्यादातर पोल पुराने व जर्जर हो गए हैं। इन्हीं पोलों के सहारे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। यही नहीं 11 हजार वोल्ट की सप्लाई के लिए जिन खंभों को लगाया गया है। वे खंभे कई जगह लटक गए हैं। आंधी और बारिश में इनके गिरने की भी आशंका है। लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस तरफ नहीं जा रहा है। वार्डों की यदि बात करें तो पिकौरादत्तूराय, तुरकहिया, नरहरिया, बेलवाडाड़ी, पांडेय बाजार सहित अन्य स्थानों पर बांस-बल्ली के सहारे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जिसे लेकर लोगों में नाराजगी भी है। दवा व्यापारी शैलेश वर्मा कहते हैं कि खंभों पर तारों को ढीला ही छोड़ दिया गया है। जिससे हल्की हवा और आंधी में ये आपस में टकरा जाते हैं। दुकानदार निजाम अहमद कहते हैं कि खंभे तारों के बोझ से झुक गए हैं, विद्युत निगम यदि इन्हें नहीं बदलता है। तो किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है। कहते हैं कि जो नए खंभे लगे हैं, वे भी झुक गए हैं। गांधीनगर निवासी रामजी शर्मा कहते हैं कि मुख्य मार्गों के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की सप्लाई की जा रही है। बताते हैं कि इन्हीं से सटकर एलटी लाइन भी गुजरी हुई है। बताते हैं कि किसी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है। रामेश्वरपुरी निवासी आशीष गुप्ता कहते हैं कि आबादी वाले क्षेत्रों से 11 हजार वोल्ट की सप्लाई हटाई जाए। कहते हैं कि बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके घरों के करीब से 11 हजार वोल्ट की सप्लाई दी गई है। इस संबंध में जर्जर खंभों को लेकर अधीक्षण अभियंता विद्युत मनीष कुमार अग्रवाल कहते हैं कि इन्हें बदलवाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जल्द ही इन खंभों की जगह नए खंभे लगाए जाएंगे। कहते हैं कि जो खंभे लटके हुए हैं। उन्हें सही कराया जाएगा। इसी के साथ ही ढीले तारों को भी टाइट कराया जाएगा।
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